जंतर-मंतर और रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम की तर्ज पर जब मंगलवार सुबह पटना के गर्दनीबाग में प्रतियोगी छात्र आमरण अनशन पर बैठे, तो प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया.
नतीजा यह हुआ कि अनशन की शुरुआत के चंद घंटों के भीतर ही बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने चौथे चरण की विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. इसे बिहार के लाखों बेरोजगार युवाओं और आंदोलनकारी छात्रों की बहुत बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है.
32,388 पदों पर बंपर बहाली, 1 सितंबर से खुलेंगे आवेदन पोर्टल
आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस चतुर्थ चरण में कुल 32,388 रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जाएगी.
आवेदन की शुरुआत: 1 सितंबर 2026
अंतिम तिथि: 30 सितंबर 2026
कुल रिक्तियां: 32,388 पद (प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक)
गर्दनीबाग का वो अनशन, जिसने हिला दी सरकार
इससे पहले मंगलवार (18 अगस्त) की सुबह छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में हजारों अभ्यर्थी गर्दनीबाग धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए थे. अभ्यर्थियों का साफ कहना था कि शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जुलाई में विज्ञापन का जो वादा किया था, उसे तुरंत पूरा किया जाए या इस्तीफा दिया जाए.
छात्रों ने चेतावनी दी थी कि यदि 5 दिनों में नोटिफिकेशन नहीं आया, तो सीधे विधानसभा का घेराव होगा. बिहार सरकार दिल्ली और झारखंड जैसे किसी भी बड़े आंदोलन को भड़कने नहीं देना चाहती थी, इसलिए आनन-फानन में शाम तक यह नोटिफिकेशन बाहर ला दिया गया.
चिराग पासवान ने सराहा सरकार का निर्णय
अभ्यर्थी बोले- 'अभी तो सिर्फ पहला कदम, लड़ाई बाकी है'
नोटिफिकेशन आने के बाद गर्दनीबाग का माहौल भले बदला है, लेकिन आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि वे केवल वादों पर नहीं, बल्कि लिखित नियमों और पारदर्शिता पर नजर रखेंगे. छात्रों की अन्य मांगें जैसे सिंगल फेज परीक्षा, BSSC में संविदा वेटेज को हटाना, और 18 साल से अटकी लाइब्रेरियन भर्ती पर भी सरकार से जवाब मांगा जा रहा है.
शशि भूषण कुमार