'कोचिंग वाले अरबों छाप रहे, हम रातभर मच्छर कटवा रहे' कौन हैं बिहार के दिलीप कुमार, जिनका भाषण हुआ वायरल

लाठियाँ और जेल झेलकर शिक्षक भर्ती का विज्ञापन निकलवाने वाले बिहार के छात्र नेता दिलीप कुमार का दर्द आखिरकार छलक पड़ा. बीमार हालत में गर्दनीबाग के अंधेरे और मच्छरों के बीच से उन्होंने स्वार्थी युवाओं और अरबों का धंधा चलाने वाले कोचिंग माफिया को बेनकाब किया है. जानिए कौन हैं 11 सालों से छात्रों की आवाज बुलंद करने वाले दिलीप कुमार.

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वीड‍ियो में छलका बिहार के छात्र नेता दिलीप कुमार का गुस्सा और दर्द (Screen Grab) वीड‍ियो में छलका बिहार के छात्र नेता दिलीप कुमार का गुस्सा और दर्द (Screen Grab)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:14 PM IST

पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर जारी 'छात्र न्याय सत्याग्रह' के बीच देर रात का एक वीडियो सोशल मीडिया और 'X' (ट्विटर) पर तेजी से वायरल हो रहा है. पिछले 11 सालों से बिहार में युवाओं के अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने वाले छात्र नेता दिलीप कुमार का गुस्सा और दर्द इस वीडियो में बेकाबू होकर छलका है.

कीचड़, अंधेरे और मच्छरदानी के नीचे बैठकर अपनी व्यथा सुनाते हुए दिलीप कुमार ने बिहार के युवाओं, सिलेक्टेड कैंडिडेट्स, कोचिंग सेंटरों और पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है.

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'₹1 का इल्जाम नहीं लगा सकता कोई'

दिलीप कुमार ने अपनी ईमानदारी और निष्पक्षता पर सवाल उठाने वालों को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि 11 सालों से आंदोलन कर रहा हूं, कोई ₹1 का इल्जाम नहीं लगा सकता कि मैंने किसी से चंदा लिया या किसी नेता-पार्टी का सपोर्ट किया. हम अपने घर के पैसों से आंदोलन चलाते हैं, पुलिस की लाठियां खाते हैं, जेल जाते हैं. सरकार जब चाहे मेरे बैंक अकाउंट की जाच करवा ले. 

सफल अभ्यर्थियों और चुप बैठे छात्रों की बेरुखी पर दिलीप का दर्द छलक पड़ा. सिलेक्टेड कैंडिडेट्स पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि TRE-1, 2, 3, दरोगा, सिपाही, BSSC और BPSC से जो लोग नौकरी पा चुके हैं, वे आज इतने स्वार्थी हो गए हैं कि रात-दिन मच्छर कटवा रहे इन छात्रों के लिए ₹10 का बिस्कुट तक भिजवाने की हिम्मत नहीं दिखा रहे. 

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दिलीप जेल जाए और कोचिंग वाले अरबों का बैच बेचें

कोचिंग माफिया और यूट्यूब शिक्षकों की पोल खोलते हुए उन्होंने कहा कि दिलीप कुमार आंदोलन करके लाठियां खाता है, तब BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन आता है. नोटिफिकेशन आते ही पटना, सासाराम, दरभंगा और महाराष्ट्र तक के कोचिंग वाले अरबों रुपये का बैच बेचना शुरू कर देते हैं. 99.99% कोचिंग संस्थान सिर्फ छात्रों की जेब काट रहे हैं. छात्र भी आंख बंद करके कोर्स खरीद लेंगे, लेकिन जब 10 दिन बाद क्लास पूरी होगी और 11वें दिन फोन करेंगे कि आंदोलन करो, तो हम आंदोलन नहीं करेंगे!

सुनें पूरा भाषण 

कौन हैं छात्र नेता दिलीप कुमार?

मीड‍िया र‍िपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार दिलीप कुमार ने ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी (LNMU), दरभंगा के मारवाड़ी कॉलेज से वर्ष 2006 में ग्रेजुएशन पूरा किया है. वे मूल रूप से दरभंगा जिले के रहने वाले हैं.

वो पिछले 11 सालों से ऑल बिहार स्टूडेंट यूनियन के बैनर तले BPSC (70वीं परीक्षा धांधली/नॉर्मलाइजेशन), BSSC, TRE शिक्षक बहाली, दरोगा व सिपाही भर्ती में पारदर्शिता और पेपर लीक के खिलाफ लगातार आंदोलन की अगुवाई कर रहे हैं. गर्दनीबाग और पटना के अन्य इलाकों में छात्रों के हक के लिए प्रदर्शन करने के कारण उन पर पुलिस कार्य में बाधा डालने के FIR दर्ज हुए, जिसके सिलसिले में वे बेऊर जेल भी जा चुके हैं.

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