64 की उम्र में MTech टॉप! 1000 किमी का सफर कर यूपी के अधिकारी ने बनाई टॉप-10 में जगह

64 साल की उम्र में जहां ज्यादातर लोग काम से ब्रेक लेकर सुकून की जिंदगी बिताना पसंद करते हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के एक अधिकारी ने साबित कर दिया कि नया सीखने की कोई उम्र नहीं होती. 2022 में रिटायर्ड होने के बाद बतौर डिप्टी सीईओ काम कर रहे इस अफसर ने हर हफ्ते 1000 किलोमीटर का सफर तय करते हुए MTech पूरा किया. जानें- कैसे अपने से छोटों के साथ पढ़कर पूरा किया सफर...

Advertisement
64-year-old man completes MTech, finishes in top 10, now eyes IIM Lucknow (Representative image) 64-year-old man completes MTech, finishes in top 10, now eyes IIM Lucknow (Representative image)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:07 AM IST

कहते हैं कि अगर कुछ नया सीखने और हासिल करने का जुनून हो, तो उम्र महज एक नंबर बनकर रह जाती है. जहां ज्यादातर लोग 60 के पार पहुंचकर आराम की जिंदगी चुनने का मन बना लेते हैं, वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के एक 64 वर्षीय पूर्व अधिकारी ने कुछ ऐसा कर दिखाया है, जो एक सक्सेस स्टोरी बनकर युवा पीढ़ी के लिए एक बहुत बड़ी नजीर है.

Advertisement

अपनी व्यस्त नौकरी और हर हफ्ते सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करने के बावजूद, उन्होंने न केवल 64 की उम्र में MTech की डिग्री हासिल की, बल्कि अपनी क्लास के टॉप-10 छात्रों में जगह भी बनाई.

हर हफ्ते 1000 किमी का सफर और हाथ में किताबें

वर्ष 2022 में सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद, वे उत्तर प्रदेश में नगर निगमों की देखरेख करने वाली रेगुलेटरी बॉडी में डिप्टी सीईओ के रूप में सेवाएं दे रहे हैं. इस पद की जिम्मेदारियों के कारण उन्हें ग्राउंड वर्क देखने के लिए अक्सर अलग-अलग जिलों का दौरा करना पड़ता है.

तमाम व्यस्तताओं के बीच उनका हर हफ्ते लगभग 1,000 किलोमीटर का सफर तय होता था. लेकिन गाड़ियों के सफर और थकान के बीच भी उन्होंने पढ़ाई से नाता नहीं तोड़ा. सफर के दौरान मिले खाली वक्त का इस्तेमाल वे नोट्स बनाने, रिवीजन करने और परीक्षा की तैयारी में करते थे.

Advertisement

अपने से आधी उम्र के छात्रों को दी मात

उनके बेटे शशांक श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर अपने पिता के इस प्रेरक सफर को साझा किया. शशांक ने लिखा कि उनके पिता ने अपनी क्लास के उन छात्रों से बेहतर प्रदर्शन कर दिखाया, जिनका जन्म उनके पिता के पहले प्रमोशन के भी बाद हुआ था. अपने से लगभग आधी उम्र के सहपाठियों के बीच पढ़ते हुए उन्होंने पूरे बैच के टॉप-10 स्टूडेंट्स में अपनी जगह पक्की की.

अब अगला निशाना: IIM लखनऊ
MTech जैसी कठिन डिग्री हासिल करने के बाद भी उनका यह सफर यहां थमा नहीं है. 64 की उम्र में जहां लोग नए लक्ष्य तय करना बंद कर देते हैं, वहां वे अब IIM लखनऊ के 'एग्जीक्यूटिव एजुकेशन प्रोग्राम' में दाखिले के लिए आवेदन फॉर्म भर रहे हैं. सोशल मीडिया पर उनकी यह कहानी तेजी से वायरल हो रही है और लोग उनके इस अटूट जज्बे व 'लाइफलॉन्ग लर्निंग' के एटीट्यूड की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »