क्या होता है PIP? शब्द सुनते ही कांप उठते हैं कर्मचारी, क्या जा सकती है नौकरी?

कॉर्पोरेट जगत में नौकरी के दौरान कर्मचारियों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इस दौरान अच्छा प्रदर्शन करना हर कर्मचारी की प्राथमिकता होती है, लेकिन कई बार काम की गुणवत्ता, लक्ष्य पूरा करने या अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरने जैसी वजहों से कंपनियां कर्मचारियों के प्रदर्शन की समीक्षा करती हैं. इसी प्रक्रिया में एक ऐसा शब्द सामने आता है, जिसे सुनकर कई कर्मचारियों के मन में चिंता पैदा हो जाती है, वह परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान (PIP)  है. 

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क्या होता है परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान? क्या होता है परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान?

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:29 PM IST

कॉर्पोरेट जगत में परफॉर्मेंस इम्प्रूवमेंट प्लान (PIP) एक ऐसा शब्द है, जिसे सुनकर कई कर्मचारियों के मन में चिंता पैदा हो जाती है. कंपनियां इसका इस्तेमाल तब करती हैं, जब किसी कर्मचारी के प्रदर्शन में कमी दिखाई देती है और उसे सुधारने का औपचारिक मौका दिया जाता है. हालांकि, कई कर्मचारियों के बीच यह धारणा भी है कि PIP नौकरी जाने का संकेत हो सकता है. अक्सर जब किसी कर्मचारी को PIP पर डाला जाता है, तो उसे लगता है कि अब उसकी नौकरी खतरे में है. लेकिन क्या वास्तव में PIP का मतलब नौकरी जाना होता है? आखिर कंपनियां इसे क्यों लागू करती हैं और कर्मचारियों को इससे डर क्यों लगता है?

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इसमें क्या बताती हैं कंपनी?

इसमें कंपनी कर्मचारी को बताती है कि 

  • उसके प्रदर्शन में कहां कमी है. 
  • किन लक्ष्यों को पूरा करना है. 
  • सुधार के लिए कितना समय दिया जाएगा. 
  • कंपनी किस आधार पर प्रदर्शन को मापेगी. 

आमतौर पर PIP की अवधि 30, 60 या 90 दिनों की हो सकती है. हालांकि, यह कंपनी और स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. 

क्यों डरते हैं कर्मचारी? 

कई कर्मचारियों को डर रहता है कि अगर वे PIP के दौरान अगर कोई सुधार नहीं होता है, तो कंपनी उनकी नौकरी खत्म कर सकती है. 

इसके पीछे कुछ कारण हैं-

1. नौकरी जाने की आशंका

कई कंपनियों में PIP पूरा न होने पर कर्मचारी को नौकरी से हटाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. इसी वजह से कर्मचारी इसे खतरे की घंटी मानते हैं. 

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2. करियर और मानसिक दबाव

PIP के दौरान कर्मचारियों पर बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव बढ़ जाता है. उन्हें लगातार अपने काम की समीक्षा और फीडबैक से गुजरना पड़ता है. 

3. प्रमोशन और अप्रेजल पर असर

कुछ कर्मचारियों को चिंता होती है कि PIP उनके भविष्य के प्रमोशन, सैलरी वृद्धि या कंपनी में उनकी छवि को प्रभावित कर सकता है. 

क्या PIP मतलब होता है नौकरी जाना? 

जरूरी नहीं. PIP का मकसद केवल कर्मचारी को हटाना नहीं होता. कई बार कंपनियां इसे कर्मचारियों को सुधारने और बेहतर प्रदर्शन करने का मौका देने के लिए भी लागू करती है. अगर कर्मचारी तय लक्ष्यों को पूरा करता है, मैनेजर के फीडबैक पर काम करता है, अपने प्रदर्शन में सुधार दिखाता है, तो वह PIP से सफलतापूर्वक बाहर आ सकता है.

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