850 बार रिजेक्ट, 13 बार इंटरव्यू में फेल, नहीं हारा हौसला, मिली माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी 

आप लगातार नौकरी के लिए अप्लाई कर रहे हैं और ये आंकड़ा 850 पर पहुंच जाए लेकिन फिर भी आपको नौकरी न मिले तो कैसा लगेगा? ऐसा ही कुछ हुआ दीर्घ कटारिया के साथ. वह न केवल 850 बार रिजेक्ट हुए हैं बल्कि 13 बार इंटरव्यू में फाइनल राउंड तक पहुंचकर फेल भी हुए हैं. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी है माइक्रोसॉफ्ट  में शानदार पैकेज के साथ जॉब हासिल की. 

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850 बार रिजेक्ट होने के बाद माइक्रोसॉफ्ट में मिली नौकरी. (Photo : insta/@ Deergh Kataria) 850 बार रिजेक्ट होने के बाद माइक्रोसॉफ्ट में मिली नौकरी. (Photo : insta/@ Deergh Kataria)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 02 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:44 PM IST

इन दिनों टेक कंपनी में छंटनी का दौर चल रहा है और नौकरी मिलना मुश्किल हो गया है लेकिन चाहे कुछ भी हो जाए हार मत मानो, यह कहना है दीर्घ कटारिया का. जो केवल 10 या 20 बार नहीं बल्कि पूरे 850 बार रिजेक्ट हुए हैं और 13 बार इंटरव्यू में फेल हुए हैं. सोचिए उस व्यक्ति के मेंटल हेल्थ का क्या हाल होगा जो इतनी बार रिजेक्ट हुआ हो लेकिन हार मानने के बजाय उन्होंने और मेहनत की और माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी पा ली.उनकी कहानी हर उस युवा को प्रेरित करती है जो अपने सपनों के लिए कभी हार नहीं मानते हैं. 

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हर दिन सुनते हैं...

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद दीर्घ कटारिया जब जॉब मार्केट में उतरे तो हालात बहुत खराब थे. सैकड़ों कंपनियों में रिज्यूमे भेजने के बाद उन्हें न तो जवाब आता या फिर रिजेक्शन मेल मिलता. लगातार 850 बार ‘ना’ सुनना किसी के लिए भी उसका मनोबल तोड़ना आसान होता है. लेकिन दीर्घ कटारिया ने हर रिजेक्शन को अपनी नाकामी मानने के बजाय खुद को और बेहतर बनाने का मौका माना.

13 इंटरव्यू में भी हुए रिजेरक्ट 

उनका रिजेक्शन केवल यहीं तक नहीं रुका बल्कि 13 बार फाइनल इंटरव्यू राउंड में पहुंचने के बाद भी बात नहीं बनी. इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि नौकरी हासिल करने के लिए केवल कोडिंग आना अनिवार्य नहीं है. अब निराश होने के बजाय कटारिया ने अपनी गलतियों को डायरी में नोट करना शुरू कर दिया. उन्होंने डेटा स्ट्रक्चर्स और एल्गोरिदम (DSA) के कॉन्सेप्ट्स पर वापस से ध्यान दिया. मॉक इंटरव्यू दिए और अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स को और ज्यादा सुधारा. 

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माइक्रोसॉफ्ट में बदल दी जिंदगी 

लगातार मेहनत करने के बाद जब नतीजा सामने आया तब वह खुशी से झूम उठें. जब उन्हें माइक्रोसॉफ्ट में इंटरव्यू का मौका मिला तो उन्होंने तैयारी में पूरी ताकत झोंक दी. कई राउंड के इंटरव्यू का सफर ऑफर लेटर के साथ खत्म हुआ. 

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