जब आप पुरानी नौकरी छोड़ते हैं और नई जॉब में आते हैं, तो केवल आपका ऑफिस या शहर नहीं बदलता बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी जीने का तरीका भी बदल जाता है. कभी ऑफिस का माहौल आपकी आदतों से बिल्कुल अलग होता है, तो कभी छोटी-छोटी सुविधाओं को लेकर भी स्ट्रगल करना पड़ता है. ऐसा ही कुछ अनुभव एक महिला ने शेयर किया है, जो बेंगलुरु से गुरुग्राम शिफ्ट हुई.
नए शहर में जाकर नई नौकरी को लेकर जितनी खुशी थी, उतना ही उसके लिए नई जगह के कल्चर को देखकर हैरानी हो रही थी. वीडियो शेयर करते हुए महिला ने बताया कि जब वह बेंगलुरु में काम करती थी, तो वह अपनी बिल्ली को भी ऑफिस ले जा सकती थी और कैजुअल कपड़ों में काम कर सकती थी, लेकिन गुरुग्राम आने के बाद उसे ड्रेस कोड से लेकर ऑफिस के नियमों तक कई बदलाव महसूस हुए. इसे लेकर सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
बेंगलुरु और गुरुग्राम के वर्क कल्चर में क्या अंतर लगा?
जारी किए गए वीडियो में आस्था ने बताया कि वह नई जॉब के सिलसिले में बेंगलुरु से गुरुग्राम शिफ्त हुई हैं. अपनी नई नौकरी के लिए आई हैं लेकिन इस बीच उन्हें दोनों शहरों और ऑफिस के बीच सबसे बड़ा अंतर कपड़ों को लेकर महसूस किया. आस्था के मुताबिक, बेंगलुरु में कर्मचारी अपनी सुविधा के हिसाब से कपड़े पहनकर ऑफिस जा सकते थे और उन्हें इस बात पर ज्यादा टोका नहीं जाता था. लेकिन गुरुग्राम में उन्हें एक तय ड्रेस कोड का पालन करना पड़ता है. उनके लिए यह बदलाव थोड़ा हैरान करने वाला था.
ऑफिस में बिल्ली को साथ ले जाने की आजादी भी छूटी
इसके बाद वीडियो में उन्होंने अपनी पेट बिल्ली को भी दिखाया. उन्होंने बताया कि पहले बेंगलुरु में वह अपनी बिल्ली को लेकर भी ऑफिस जा सकती थीं लेकिन गुरुग्राम में उनके मौजूदा ऑफिस में इसकी अनुमति नहीं है. उन्होंने कहा कि जब वह काम पर जाने के लिए अपनी बिल्ली को घर पर छोड़ती हैं, तो उन्हें दुख होता है. यह उनके लिए सिर्फ ऑफिस की पॉलिसी में बदलाव नहीं, बल्कि रोजमर्रा की उस आदत का छूट जाना भी है, जिससे उन्हें खुशी मिलती थी.
सोशल मीडिया पर लोगों ने दी प्रतिक्रिया
आस्था के वीडियो पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं. कुछ यूजर्स ने बेंगलुरु के वर्क कल्चर को ज्यादा सहज बताया, जबकि कुछ ने गुरुग्राम को बेहतर कहा. कई यूजर्स ने यह भी कहा कि उनके ऑफिस में ड्रेस कोड को लेकर ऐसी पाबंदियां नहीं हैं. वहीं, इस दौरान एक यूजर ने कहा कि गुरुग्राम में उनके ऑफिस में पार्टी वियर, फॉर्मल और कैजुअल कपड़े पहनने की आजादी है. वहीं, कुछ लोगों ने माना कि बेंगलुरु का माहौल ज्यादा सहज और सहयोगी लगता है.
आजतक एजुकेशन डेस्क