आज की जेन जी सिर्फ नौकरी और सैलरी तक सीमित नहीं रहना चाहती. उनके लिए ऑफिस में रिस्पेक्ट, काम और पर्सनल लाइफ के बीच बैलेंस और अपनी बात रखने की आजादी भी मायने रखती है. ऐसे में बॉस की कुछ बातें उन्हें बुरी लग सकती हैं. कई बार मैनेजर इन बातों को नॉर्मल तरीके से कह तो देते हैं, लेकिन इम्प्लयॉज को इनमें टॉन्ट, प्रेशर या उनकी काबिलियत पर सवाल नजर आता है.
जेन जी वर्क स्पेस में बहुत ही फ्री माइंड के साथ काम करना चाहती है, हालांकि ये हर बार संभव नहीं हो पाता लेकिन एक अच्छे मैनेजर का सपोर्ट उसके लिए बहुत मायने रखता है. ऐसे में मेहनत के बीच मैनेजर की कुछ बातें उसका मनोबल तोड़ सकती है. बॉस या मैनेजर की वो कौन- सी बातें है जो जेन जी को या वर्क स्पेस नए आए लोगों को चुभती है? आइए जानते हैं-
1. हमारा ऑफिस एक फैमिली की तरह है
सुनने में यह बात अच्छी लगती है, लेकिन जेन जी के कुछ इम्प्लयॉज को इससे परेशानी हो सकती है. उन्हें लगता है कि फैमिली का नाम लेकर उनसे तय समय से ज्यादा काम करने या अपनी छुट्टियां छोड़ने की उम्मीद की जा सकती है. जेन जी अपने कलीग्स के साथ अच्छे रिश्ते जरूर चाहती है, लेकिन वह काम और पर्सनल लाइफ के बीच की बाउंड्री भी बनाए रखना चाहती है.
2. नौकरी मिली है, इसके लिए शुक्र मनाओ
ये बात सुनकर इम्प्लयॉज को लग सकता है कि उनकी मेहनत और परेशानियों की कोई अहमियत नहीं है. जेन जी सिर्फ नौकरी मिलने को ही काफी नहीं मानती. वह ये भी देखना चाहती है कि उसे सही सैलरी, काम सीखने के मौके और आगे बढ़ने का चांस मिल रहा है या नहीं. नौकरी की जरूरत होने का मतलब ये नहीं कि इम्प्लयॉज अपनी हर परेशानी पर चुप रहे.
3. मुझे नहीं पता कैसे करोगे, बस काम पूरा चाहिए
किसी काम को पूरा करने की जिम्मेदारी लेना और बिना सही जानकारी के काम करने को मजबूर होना, दोनों अलग बातें हैं. जब बॉस काम का मकसद, जरूरी जानकारी या डेडलाइन साफ नहीं बताता, तो एम्प्लॉय के लिए सही रिजल्ट देना मुश्किल हो सकता है. जेन जी को काम की जिम्मेदारी से परेशानी नहीं, बल्कि बिना क्लियर डायरेक्शन्स के काम करने से परेशानी हो सकती है.
4. तुम अभी बहुत छोटे हो, तुम्हें समझ नहीं आएगा
किसी की उम्र के आधार पर उसकी बात को गलत मान लेना जेन जी इम्प्लॉय को काफी खटकता है. नई पीढ़ी तकनीक, सोशल मीडिया और बदलते ट्रेंड्स को बेहतर तरीके से समझ सकती है. इसका मतलब ये नहीं कि उसकी दी गई हर ए़डवाइज सही होगी, लेकिन उसकी बात सुने बिना उसे रिजेक्ट कर देना सही तरीका नहीं है. एम्प्लॉय चाहते हैं कि उनकी राय को उम्र के बजाय उसकी क्वालिटी के आधार पर परखा जाए.
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5. हम यहां हमेशा से ऐसे ही काम करते आए हैं
जब भी कोई एम्प्लॉय काम करने का नया तरीका बताता है या अडवाइज करता है, तो ये जवाब उसकी कोशिश पर पानी फेर सकता है. जेन जी तकनीक और नए विचारों की हेल्प से काम को आसान और बेहतर बनाने में इंटरेस्ट रखती है. ऐसे में पुरानी प्रक्रिया को बिना वजह जारी रखने की जिद उन्हें परेशान कर सकती है. वे हर पुरानी चीज को गलत नहीं मानते, लेकिन ये जानना चाहते हैं कि किसी काम को करने का तरीका बदला क्यों नहीं जा सकता.
आखिर जेन जी अपने बॉस से क्या चाहती है?
जेन जी एम्प्लॉय को हर तरह की आलोचना या काम के दबाव से परेशानी नहीं होती. असल फर्क इस बात से पड़ता है कि बॉस अपनी बात कैसे कहता है. साफ डायरेक्शन, मेहनत की पहचान, रिसपेक्टफुल बातचीत और पर्सनल लाइफ के लिए टाइम देना ऑफिस का माहौल बेहतर बना सकता है. आखिरकार, एक अच्छा मैनेजर वह नहीं जो हर बात पर सहमति जताए, बल्कि वह है जो अपनी टीम की बात सुने और अपनी उम्मीदों को साफ तरीके से समझाए.
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