BTech, MBA या BCA? जानिए 12वीं के बाद कौन-सा कोर्स दिला सकता है बेहतर सैलरी

12वीं के बाद छात्रों के लिए सही कोर्स चुनना चुनौतीपूर्ण होता है. नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बीटेक, एमबीए, बीबीए, बीसीए, बीकॉम और बीएससी में एम्प्लॉयबिलिटी और सैलरी के आधार पर अलग-अलग अवसर उपलब्ध हैं. टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट सेक्टर में खासकर एमबीए और बीटेक की मांग अधिक है.

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डिग्री के साथ स्किल्स भी जरूरी: जानिए 2026 में किस कोर्स का है सबसे ज्यादा फायदा (Photo: ITG) डिग्री के साथ स्किल्स भी जरूरी: जानिए 2026 में किस कोर्स का है सबसे ज्यादा फायदा (Photo: ITG)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 04 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:34 PM IST

12वीं के बाद छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि कौन-सा कोर्स चुना जाए, जिससे जल्दी जॉब मिले और अच्छी सैलरी भी मिल सके. पहले जहां छात्र सिर्फ डिग्री के नाम पर कोर्स चुनते थे, अब जॉब मार्केट का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है. कंपनियां अब सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि एम्प्लॉयबिलिटी और प्रैक्टिकल स्किल्स को ज्यादा अहमियत दे रही हैं.

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हाल ही में जारी नीति आयोग की एजुकेशन एंड स्किलिंग फॉर एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट के मुताबिक अलग-अलग डिग्रियों की एम्प्लॉयबिलिटी में बड़ा फर्क दिख रहा है. यानी कौन-सा कोर्स जॉब दिलाने में कितना सक्षम है, यह अब पहले से ज्यादा साफ हो रहा है.

बीटेक अब भी सबसे मजबूत ऑप्शन में शामिल
रिपोर्ट के मुताबिक बीटेक ग्रेजुएट्स की एम्प्लॉयबिलिटी 70.2 फीसदी है. टेक सेक्टर में एआई, डाटा एनालिटिक्स और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की बढ़ती डिमांड के कारण फ्रेशर्स को औसतन 3 से 8 लाख रुपये सालाना तक पैकेज मिल रहा है. आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थानों में यह आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है.

एमबीए वालों की डिमांड सबसे ज्यादा
मैनेजमेंट रोल्स में एमबीए की एम्प्लॉयबिलिटी 72.8 फीसदी दर्ज की गई है, जो इस लिस्ट में सबसे ऊपर है. मार्केटिंग, फाइनेंस, ऑपरेशंस और एचआर जैसे सेक्टर्स में फ्रेशर्स को 6 से 15 लाख रुपये तक शुरुआती पैकेज मिल सकता है.

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बीबीए और बीसीए भी बन रहे प्रैक्टिकल ऑप्शन
बीबीए छात्रों को मैनेजमेंट ट्रेनी, सेल्स और ऑपरेशंस जैसे रोल्स में 2.5 से 5 लाख रुपये तक पैकेज मिल रहा है. वहीं बीसीए ग्रेजुएट्स के लिए सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, वेब डेवलपमेंट और सपोर्ट रोल्स में 2.5 से 6 लाख रुपये तक मौके हैं.

बीकॉम और बीएससी का स्कोप भी बरकरार
रिपोर्ट में बीकॉम की एम्प्लॉयबिलिटी 62.8 फीसदी और बीएससी की 61 फीसदी बताई गई है. हालांकि इन कोर्सों में शुरुआती पैकेज तुलनात्मक रूप से कम हो सकते हैं, लेकिन स्पेशलाइजेशन और सर्टिफिकेशन के साथ ग्रोथ काफी तेज हो सकती है.

अब सिर्फ डिग्री काफी नहीं
एक्सपर्ट्स का कहना है कि 2026 के जॉब मार्केट में डिग्री के साथ स्किल सर्टिफिकेशन बड़ा फर्क पैदा कर रहे हैं. डाटा एनालिटिक्स, एआई टूल्स, डिजिटल मार्केटिंग, साइबर सिक्योरिटी और कम्युनिकेशन स्किल्स जैसी सर्टिफिकेशन छात्रों की वैल्यू बढ़ा रही हैं.

किस कोर्स में कितना स्कोप?
बीटेक- एम्प्लॉयबिलिटी: 70.2%, पैकेज: ₹3-8 एलपीए 
एमबीए - एम्प्लॉयबिलिटी: 72.8%, पैकेज: ₹6-15 एलपीए 
बीबीए - पैकेज: ₹2.5-5 एलपीए
बीसीए - पैकेज: ₹2.5-6 एलपीए 
बीकॉम - एम्प्लॉयबिलिटी: 62.8%, पैकेज: ₹2-4.5 एलपीए
बीएससी - एम्प्लॉयबिलिटी: 61%, पैकेज: ₹2-5 एलपीए
(नोट: पैकेज में औसत सैलरी दर्शाई गई है)

करियर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अब सही कोर्स चुनने का मतलब सिर्फ डिग्री लेना नहीं, बल्कि मार्केट डिमांड को समझना भी है. ऐसे में एडमिशन से पहले छात्रों को कोर्स का फ्यूचर स्कोप, एम्प्लॉयबिलिटी और स्किल रिलिवेंस जरूर देखना चाहिए.

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