चांद के आसपास जंग की तैयारी में अमेरिका, स्पेस फोर्स में लगाई ताकत... चिढ़ा चीन

अमेरिका अब धरती के आसपास के अंतरिक्ष के साथ चांद तक फैले इलाके में भी सैन्य टकराव की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी सेना के शीर्ष सैन्य सलाहकार जनरल डैन केन ने कहा है कि अमेरिकी सैनिकों को समुद्र की गहराई से लेकर चांद के आसपास के अंतरिक्ष तक लड़ने, टिकने और जीतने के लिए तैयार रहना होगा.

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अमेरिका स्पेस में हथियारों की तैनाती कर रहा है. (Photo- war.gov) अमेरिका स्पेस में हथियारों की तैनाती कर रहा है. (Photo- war.gov)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:30 AM IST

अमेरिका अब धरती के आसपास के अंतरिक्ष से आगे चांद तक फैले इलाके में भी जंग की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी सेना के शीर्ष सैन्य सलाहकार और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने साफ कहा है कि अमेरिकी सैनिकों को सिर्फ धरती के आसपास नहीं, बल्कि चांद के आसपास के अंतरिक्ष में भी संभावित लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका अंतरिक्ष में हथियार तैनात करने की अपनी तैयारियों को सार्वजनिक कर चुका है.

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जनरल डैन केन ने एयर, स्पेस और साइबर कॉन्फ्रेंस में सैन्यकर्मियों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना को अभी से ऐसी तैयारी करनी चाहिए कि वह समुद्र की गहराई से लेकर चांद के आसपास के अंतरिक्ष तक लड़ सके, वहां टिक सके और जीत सके.

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जिस इलाके की बात हो रही है, उसे सिस्ल्यूनर स्पेस कहा जाता है. आसान भाषा में समझें तो यह धरती की ऊपरी कक्षा और चांद के बीच का विशाल अंतरिक्ष क्षेत्र है. अमेरिका अब इस इलाके को भी भविष्य की सैन्य तैयारी का हिस्सा मान रहा है.

Space Force को भी किया जा रहा मजबूत

अमेरिका अपनी स्पेस फोर्स को भी तेजी से मजबूत करने की तैयारी कर रहा है. स्पेस फोर्स को 2019 में ट्रंप ने अमेरिकी सेना की नई शाखा के तौर पर बनाया था. इसके कॉम्बैट फोर्सेज कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ग्रेगरी गैगनॉन ने कहा कि इंसान अब अंतरिक्ष में और आगे बढ़ रहा है, इसलिए अमेरिकी हितों की सुरक्षा के लिए स्पेस फोर्स को भी वहां अपनी भूमिका के लिए तैयार रहना होगा.

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गैगनॉन ने चीन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका के प्रतियोगी अंतरिक्ष के अलग-अलग हिस्सों में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं. अमेरिका का मानना है कि संभावित विरोधी देश अंतरिक्ष को युद्ध का हिस्सा बनाने की कोशिश कर सकते हैं.

अमेरिका अगले पांच साल में स्पेस फोर्स को लगभग दोगुना करने की तैयारी में है. इसकी जवानों की संख्या करीब 25 हजार तक बढ़ाई जा सकती है और बड़ी संख्या कॉम्बैट फोर्सेज कमांड में होगी.

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चीन ने जताई आपत्ति

अमेरिका की अंतरिक्ष में हथियार तैनात करने की तैयारियों पर चीन ने आपत्ति जताई है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन स्पेस के शांतिपूर्ण इस्तेमाल का समर्थन करता है और इसे हथियारों की दौड़ में बदलने का विरोध करता है. उन्होंने अमेरिका से अंतरिक्ष में अपनी सैन्य तैयारियां बढ़ाना बंद करने को कहा.

अमेरिका और चीन दोनों 1967 की आइटर स्पेस ट्रीटी के सदस्य हैं. इस संधि में चांद जैसे सेसेलियन बॉडीज के शांतिपूर्ण इस्तेमाल की बात कही गई है और अंतरिक्ष में परमाणु हथियार रखने पर रोक है. हालांकि, अंतरिक्ष में दूसरे हथियारों और प्रोजेक्टाइल के इस्तेमाल को लेकर अमेरिकी नीति अभी पूरी तरह साफ नहीं है. (दीक्षा मिश्रा की रिपोर्ट)

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