ईरान की मोजैक डिफेंस स्ट्रैटजी से परेशान हो रहे अमेरिका और इजरायल... जानिए क्या कहा एक्सपर्ट ने

ईरान ने अमेरिका-इजरायल के खिलाफ सुनियोजित जवाबी हमला किया. बैलिस्टिक (शहाब-3, सेज्जिल), क्रूज (सुमार, कुद्स) मिसाइलों और शाहेद ड्रोनों से खाड़ी देशों में अमेरिकी अड्डे (बहरीन NSA, कतर अल उदैद, यूएई अल धफरा) और इजरायल के तेल अवीव ठिकानों को निशाना बनाया. मोज़ैक डिफेंस रणनीति से छिपे लॉन्चरों से हमले किए.

Advertisement
ईरान ने मोजैक डिफेंस वाली रणनीति के अनुसार अमेरिका और इजरायल पर हमला कर रहा है. (File Photo: AP) ईरान ने मोजैक डिफेंस वाली रणनीति के अनुसार अमेरिका और इजरायल पर हमला कर रहा है. (File Photo: AP)

मंजीत नेगी

  • नई दिल्ली,
  • 03 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:01 PM IST

ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ बड़े पैमाने पर जवाबी हमला किया है. ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और ड्रोन का इस्तेमाल करके खाड़ी के कई देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों और इजरायल के ठिकानों को निशाना बनाया.

इन हमलों में बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एयरपोर्ट, बंदरगाह और सैन्य ठिकाने प्रभावित हुए हैं. ईरान की यह कार्रवाई अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब है, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई बड़े नेता मारे गए थे.

Advertisement

यह भी पढ़ें: फ्रांसीसी जेट, "फ्रांसीसी जेट, ड्रोन और इजरायली-रूसी मिसाइलें... ईरान जंग के बीच भारत बढ़ा रहा हवाई ताकत

ईरान ने किन-किन हथियारों का इस्तेमाल किया?

ईरान ने अपनी सबसे मजबूत मिसाइलों और ड्रोनों का इस्तेमाल किया है. मुख्य हथियार इस प्रकार हैं...

  • बैलिस्टिक मिसाइलें: सेज्जिल, शहाब-3, इमाद, गद्र-1 और खोरमशहर. ये मिसाइलें 2500 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं. इनसे इजरायल और अमेरिकी अड्डे आसानी से निशाने पर आ जाते हैं.
  • क्रूज मिसाइलें: सुमार या-अली और कुद्स. ये कम ऊंचाई पर उड़ती हैं. जिससे इन्हें रोकना मुश्किल होता है.
  • ड्रोन: एकतरफा हमले करने वाले ड्रोन (शाहेद जैसे). ये सस्ते होते हैं और हवाई रक्षा को थका देते हैं. कई ड्रोन एक साथ हमला करते हैं.
  • छोटी दूरी की मिसाइलें: फतेह परिवार, जुल्फिकार और कियाम-1. ये तेजी से पास के सैन्य ठिकानों पर हमला करती हैं.

ईरान की रणनीति मोज़ेक डिफेंस पर आधारित है. इसका मतलब है कि पूरे देश में छिपे हुए छोटे-छोटे लॉन्चर से मिसाइल और ड्रोन छोड़े जाते हैं. इससे दुश्मन को सभी जगहों पर हमला करना मुश्किल हो जाता है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: परमाणु टेस्ट करने पर कितनी तीव्रता का भूकंप आता है? क्यों दुनिया ईरान को संदेह से देख रही

किन-किन जगहों पर हमला हुआ?

ईरान ने मुख्य रूप से अमेरिका के इन बड़े सैन्य अड्डों को निशाना बनाया...

  • बहरीन: NSA बहरीन (क्षेत्रीय कमांड सेंटर)
  • कुवैत: अली अल-सलेम एयर बेस
  • कतर: अल उदैद एयर बेस (क्षेत्र का सबसे बड़ा अमेरिकी अड्डा)
  • यूएई: अल धफरा एयर बेस
  • जॉर्डन: मुवफ्फक अल-साल्ती एयर बेस
  • इराक: आइन अल-असद और अर्बिल एयर बेस

इसके अलावा इजरायल के तेल अवीव में एयरबेस और आर्मी कमांड मुख्यालय पर भी हमले हुए. इन हमलों से हवाई अड्डे, बंदरगाह और तेल व्यापार प्रभावित हुआ है. होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं. कई देशों ने यात्रा चेतावनी जारी की है.

रक्षा विशेषज्ञों की राय क्या है?

इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में रक्षा विशेषज्ञ रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा कि ईरान ने ऑपरेशन लायन राइज के बाद से इजरायल-अमेरिका के हमले के लिए पूरी तैयारी की थी. चीन का समर्थन भी मिला है. ईरान की यह जवाबी कार्रवाई बहुत सोची-समझी और नियंत्रित है. यह युद्ध एकतरफा नहीं होगा. दोनों तरफ और खाड़ी देशों को भी भारी नुकसान होगा. यह क्षेत्रीय संघर्ष है जिसका वैश्विक असर होगा.

Advertisement

यह भी पढ़ें: शाहेद-136 ड्रोन की जानिए ताकत जिससे ईरान ने 14 देशों की नींद उड़ा रखी है

अमेरिका और सहयोगियों की प्रतिक्रिया

अमेरिका और उसके अरब सहयोगी देशों ने ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने इसे लापरवाह और अनियंत्रित बताया और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा कहा है. गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि उनके पास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आत्मरक्षा और सामूहिक रक्षा का अधिकार है. अमेरिका और इजरायल ने कहा है कि वे जवाबी कार्रवाई जारी रखेंगे.

अभी स्थिति क्या है?

युद्ध अभी भी जारी है. ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव बहुत ज्यादा है. ईरान की रणनीति साफ है – सस्ते ड्रोन और मिसाइलों से दुश्मन की हवाई रक्षा को थकाना और फिर बड़े हमलों से महत्वपूर्ण ठिकानों को नष्ट करना. दुनिया भर में डिप्लोमेसी की कोशिशें चल रही हैं ताकि युद्ध और न फैले. अभी हालात बहुत नाजुक हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement