जेल ब्रेक के दौरान भड़की हिंसा, 150 कैदी हुए फरार

ब्राजील के साओ पाउलो राज्य में एक जेल में भड़के दंगे के बीच जेल के एक हिस्से में लगी आग के बाद 150 कैदी जेल तोड़कर फरार हो गए. सैन्य पुलिस अधिकारी कर्नल फ्लावियो किटाजुम ने कहा कि मंगलवार को बउरु की जेल में भड़की हिंसा का देश के अन्य हिस्सों की जेलों में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं से कोई संबंध नहीं है.

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ब्राजील के साओ पाउलो की घटना ब्राजील के साओ पाउलो की घटना

मुकेश कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 25 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 11:22 PM IST

ब्राजील के साओ पाउलो राज्य में एक जेल में भड़के दंगे के बीच जेल के एक हिस्से में लगी आग के बाद 150 कैदी जेल तोड़कर फरार हो गए. सैन्य पुलिस अधिकारी कर्नल फ्लावियो किटाजुम ने कहा कि मंगलवार को बउरु की जेल में भड़की हिंसा का देश के अन्य हिस्सों की जेलों में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं से कोई संबंध नहीं है.

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समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने राज्य की जेल प्रशासन एजेंसी के हवाले बताया कि पुलिस फरार कैदियों में से करीब 100 को फिर से गिरफ्तार करने में कामयाब रही है. इस साल अब तक ब्राजील की जेलों में हुए खूनी संघर्षों में 130 से अधिक कैदियों की मौत हो चुकी है. प्रशासन ने इसके लिए संगठित आपराधिक गिरोहों को जिम्मेदार ठहराया है. जेल में कैदियों की संख्या ज्यादा है.

गोवा में जेल ब्रेक की कोशिश नाकाम
उधर, गोवा के साडा उपकारागार से मंगलवार रात भागने के विफल प्रयास के दौरान एक कैदी की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं. कैदियों को नवनिर्मित कोलवाले केंद्रीय कारागार में स्थानान्तरित करने की पूर्व संध्या पर यह घटना हुई. नई जेल पणजी से 15 किलोमीटर दूर उत्तर में स्थित है. इस घटना में जेलकर्मी और कैदी भी घायल हुए हैं.

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कैदियों ने जेल गार्ड पर किए हमले
पुलिस उपधीक्षक लॉरेंस डिसूजा ने कहा कि मारपीट के दौरान हुई चाकूबाजी में गंभीर रूप से घायल होने के कारण विनायक कोरबाटकर की मौत हो गई. कोरबाटकर ने इस साल प्रारंभ मे एक अन्य कैदी अशपक बेंगरे पर चाकू से हमला किया था. जेल में दो गुटों के बीच मारपीट के बाद जेल से भागने की कोशिश हुई. इसके बाद में कैदियों ने जेल गार्ड पर हमले किए.

अस्पताल में 9 कैदी और 4 गार्ड
उन्होंने बताया कि 45 कैदियों और विचाराधीन कैदियों ने मंगलवार देर रात जेल के सुरक्षा गार्ड पर हमला करने के बाद उपकारागार से भागने की कोशिश की. यह उपकारागार पणजी से 40 किलोमीटर दूर स्थित है, जिसकी मरम्मत का काम चल रहा है. कुछ जेल कर्मियों को भी मामूली चोटें लगी हैं. अस्पताल में नौ कैदी और चार गार्ड का इलाज किया गया.

 

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