बुलंदशहर हिंसा: प्रशांत नट के परिजन बोले फर्जी फंसाया, पुलिस बोली- यही है इंस्पेक्टर का हत्यारा

पुलिस की मानें तो आरोपियों ने इंस्पेक्टर सुबोध को घेर लिया था. कलुआ ने उनके सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया था. जबकि उसके अन्य साथी उन पर पत्थर बरसा रहे थे. पुलिस के मुताबिक इसी दौरान प्रशांत नट ने इंस्पेक्टर की पिस्टल छीनकर उन्हें गोली मार दी थी.

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बुलंदशहर हिंसा के पीछे बजरंग दल के नेता योगेश राज का हाथ है (फोटो- आजतक) बुलंदशहर हिंसा के पीछे बजरंग दल के नेता योगेश राज का हाथ है (फोटो- आजतक)

परवेज़ सागर / चिराग गोठी

  • बुलंदशहर,
  • 28 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 2:07 PM IST

बुलंदशहर हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर का कत्ल करने के आरोपी प्रशांत नट का परिवार उस पर लगे आरोपों से साफ इनकार कर रहा है. चिंगरावठी में रहने वाले प्रशांत के भाई और पिता ने आजतक से कहा कि पुलिस ने इस मामले में प्रशांत को फंसाया है. घटना के दिन यानी 3 दिसंबर को वह मौके पर जरूर था, लेकिन उसने कोई गोली नहीं चलाई. वह 10 मिनट में वापस आ गया था. उसके दो-तीन दिन बाद प्रशांत वहां से चला गया था.

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प्रशांत के पिता और भाई का कहना है कि उन पर पुलिस का काफी दबाव था. वे गरीब भूमिहीन लोग हैं. इस वजह से उन्हें फंसाया जा रहा है. उसके पिता के मुताबिक प्रशांत पर कोई भी मामला आज तक दर्ज नहीं है. प्रशांत के तीन बच्चे हैं. वह अपने ससुराल गया हुआ था. अब हमने खुद उसे पुलिस के हवाले किया है.

फिलहाल, पुलिस ने चिंगरावठी उनके घर पर ताला लगा दिया है. और पूरे मामले की जांच की जा रही है. पुलिस ने प्रशांत को मौका-ए-वारदात पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट भी किया. पुलिस की एक टीम लगातार प्रशांत से पूछताछ भी कर रही है. दरअसल, जीतू फौजी की गिरफ्तारी के बाद इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में चिंगरावठी निवासी प्रशांत नट का नाम भी आया था. तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी.

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वीडियो फुटेज में भी प्रशांत दिखाई दिया था. हालांकि, अभी तक पुलिस हत्या में इस्तेमाल की गई रिवाल्वर बरामद नहीं कर पाई है. बुलंदशहर पुलिस के अनुसार प्रशांत ने पूछताछ में माना है कि उसने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पिस्टल से ही उनकी हत्या की थी. उसके साथ चिंगरावठी निवासी राहुल, डेविड, जौनी, लौकेंद्र, कलुआ और हरवानपुर निवासी राहुल भी था. इनमें से कलुआ अभी फरार है.

पुलिस की मानें तो आरोपियों ने इंस्पेक्टर सुबोध को घेर लिया था. कलुआ ने उनके सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया था. जबकि उसके अन्य साथी उन पर पत्थर बरसा रहे थे. पुलिस के मुताबिक इसी दौरान प्रशांत नट ने इंस्पेक्टर की पिस्टल छीनकर उन्हें गोली मार दी थी. इससे पहले इंस्पेक्टर ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी, जो सुमित नामक युवत को लगी थी. जिससे उसकी मौत हो गई थी.

बताते चलें कि इस मामले में अभी तक बुलन्दशहर पुलिस ने 22 लोगों को गिरफ्तार किया है. जबकि आधा दर्जन से ज्यागा आरोपियों ने खुद ही कोर्ट में सरेंडर कर दिया. हैरानी की बात ये है कि पुलिस ने पहले जीतू फौजी को इंस्पेक्टर का हत्यारा माना था. लेकिन जांच के दौरान पुलिस उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं जुटा पाई.

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