साइबर सिटी में ऑटो से संचालित हो रहा है जिस्मफरोशी का धंधा!

जिस समय सारे पब के दरवाजे बंद हो रहे होते हैं, सड़कें बिल्कुल सुनसान हो जाती हैं. ठीक उसी दौरान बीच सड़क पर एक कार आकर रुकती है. उसमें बैठा आदमी पास खड़े एक ऑटो में लेन-देन की बात करता है और जब डील फिक्स हो जाती है, तो उस ऑटो से एक लड़की निकलती है और कार में बैठकर चली जाती है. यह नजारा है गुड़गांव के इफ्को चौक का. जहां साइबर सिटी के इस इलाके में जिस्मफरोशी का धंधा नए तरीके से खुलेआम चल रहा है.

Advertisement
जिस्मफरोशी के लिए अब ऑटो का हो रहा इस्तेमाल जिस्मफरोशी के लिए अब ऑटो का हो रहा इस्तेमाल

राहुल सिंह / अजय कुमार

  • गुड़गांव,
  • 22 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 3:54 PM IST

जिस समय सारे पब के दरवाजे बंद हो रहे होते हैं, सड़कें बिल्कुल सुनसान हो जाती हैं. ठीक उसी दौरान बीच सड़क पर एक कार आकर रुकती है. उसमें बैठा आदमी पास खड़े एक ऑटो में लेन-देन की बात करता है और जब डील फिक्स हो जाती है, तो उस ऑटो से एक लड़की निकलती है और कार में बैठकर चली जाती है. यह नजारा है गुड़गांव के इफ्को चौक का. जहां साइबर सिटी के इस इलाके में जिस्मफरोशी का धंधा नए तरीके से खुलेआम चल रहा है.

Advertisement

जिस्मफरोशी का यह धंधा साइबर सिटी के इफ्को चौक पर खुलेआम पर होता है. यहां के ऑटोवाले इस धंधे में शामिल लड़कियों का साथ देते है. खास बात तो यह है कि इन सभी बातों को जानने के बावजूद पुलिस इन पर कोई कार्रवाई नहीं करती. जिस्मफरोशी का यह खेल रात के एक बजे सारे पब बंद होने के बाद शुरू होता है. जब पब में मौज-मस्ती कर रहे युवा बाहर निकल रहे होते हैं.

एक से पांच हजार में तय होती है डील
ठीक उसी समय चौराहे पर खड़े ऑटो में कई लड़कियां बैठी होती हैं. एक आदमी वहां आकर ऑटो में बैठी लड़कियों से डील तय करता है और डील फिक्स हो जाने पर अपनी गाड़ी में उस लड़की को बैठाकर चल देता है. एक ऑटोवाले के मुताबिक, यह डील अक्सर एक हजार से लेकर पांच हजार रुपये में तय होती है. डील के हिसाब से उन पैसों में ऑटो वालों का भी शेयर तय होता है. जिस्मफरोशी के इस नए तरीके में ऑटो वाले रोजाना औसतन एक हजार से डेढ़ हजार तक की कमाई कर लेते है.

Advertisement

पुलिस अधिकारी जवाब नहीं देते
इफ्को चौक पर लगी जिस्मफरोशी की इस नई मंडी में महज नाम के लिए एक कांस्टेबल भी तैनात होता है. इस मामले में जब गुड़गांव पुलिस के एसीपी हवा सिंह से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया. हालांकि इफ्को चौक पर तैनात कांस्टेबल ने खुलेआम हो रहे जिस्मफरोशी के इस काले धंधे की बात कुबूल जरूर की, लेकिन कार्रवाई करने की बात पर इंकार कर दिया.

पब कर्मचारी भी इस धंधे में शामिल
इलाके से वाकिफ लोगों की माने तो इस पूरे धंधे में पब के कर्मचारी भी शामिल होते है. इनका एक पूरा गैंग है जो जिस्मफरोशी के इस पूरे खेल की देखरेख करता है. यह गैंग लड़के-लड़कियों को पुलिस से बचाने के लिए भी तैयार रहते है. हालांकि बीते दिनों पुलिस ने इफ्को चौक से तकरीबन 1835 गाड़ियों को जब्त भी किया है, मगर इन सभी को नियम तोड़ने के मामूली जुर्म में केवल चालान करके छोड़ दिया गया.

खबर होते हुए भी बेखबर है पुलिस
गौरतलब है कि साइबर सिटी के सबसे प्रसिद्ध इलाके इफ्को चौक पर खुलेआम का घिनौना खेल राज्य की कानून व्यवस्था पर जोरदार तमाचा है. खास बात यह है कि जानकारी होने के बावजूद जिस्मफरोशी के इस धंधे पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाए है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »