दिल्ली दंगों का एक सालः चार्जशीट में बड़ा खुलासा, Whatsapp पर रची गई थी हिंसा की साजिश

गोकुलपुरी में 9 हत्याओं के मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जिनकी पहचान लोकेश सोलंकी, पंकज शर्मा, अंकित चौधरी, प्रिंस, जतिन शर्मा, हिमांशु ठाकुर, विवेक पांचाल, ऋषभ चौधरी और सुमित चौधरी के रूप में की गई थी.

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दंगे के दौरान गोकुलपुरी में समुदाय विशेष के 9 लोगों की हत्या कर दी गई थी दंगे के दौरान गोकुलपुरी में समुदाय विशेष के 9 लोगों की हत्या कर दी गई थी

तनसीम हैदर

  • दिल्ली,
  • 24 फरवरी 2021,
  • अपडेटेड 10:05 PM IST
  • फरवरी 2020 में भड़की थी हिंसा
  • दंगों में मारे गए थे 53 लोग
  • चार्जशीट में अहम खुलासा

नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के गोकुलपुरी थाने में एक एफआईआर दर्ज है. एफआईआर नंबर 102. जिसमें दंगो की एक बड़ी साजिश का मामला दर्ज है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गोकुलपुरी हिंसा के मामले में कड़कड़डुमा कोर्ट में जो चार्जशीट दाखिल की है. उसमें गोकुलपुरी हिंसा को लेकर कई बड़े खुलासे किए गए हैं. बता दें कि गोकलपुरी इलाके 25 और 26 फरवरी 2020 की रात समुदाय विशेष के 9 लोगों की हत्या कर दी गई थी. 

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हत्या करने के बाद सभी की लाशें गोकुलपुरी-जोहरीपुर पुलिया के पास नाले में फेंक दी गईं थी. इन 9 हत्याओं के मामले में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. जिनकी पहचान लोकेश सोलंकी, पंकज शर्मा, अंकित चौधरी, प्रिंस, जतिन शर्मा, हिमांशु ठाकुर, विवेक पांचाल, ऋषभ चौधरी और सुमित चौधरी के रूप में की गई थी. इन सभी के खिलाफ दिल्ली पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. 

कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट के मुताबिक दंगे फैलाने और एक विशेष समुदाय के लोगों की हत्या करने और आगजनी करने के लिए एक व्हॉट्सएप ग्रुप बनाया गया था. इस ग्रुप में 125 लोग सदस्य के तौर पर शामिल थे. ग्रुप का नाम 'कट्टर हिन्दू एकता' था. यह ग्रुप 25 और 26 फरवरी 2020 की हिंसा से ठीक एक दिन पहले यानी 24 फरवरी को बनाया गया था. 

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चार्जशीट के अनुसार 9 लोगों की हत्या को अंजाम देने के बाद ग्रुप के अधिकतर मेंबर्स ग्रुप से एग्जिट कर गए थे और चैट को डिलीट कर दिया गया था. लोगों का धर्म और पहचान जानकर उनकी हत्या की गई. हिंसा के दौरान धर्म पहचानने के लिए दंगाई लोगों के पहचान पत्र समेत कई तरह से चेकिंग कर रहे थे. जिनको पकड़ रहे थे, उनसे जय श्री राम के नारे लगवा रहे थे. जो नहीं लगा रहा था, उनको बेरहमी से मारा पीटा गया. 

समुदाय विशेष के लोगों को मारने से पहले जय श्री राम के नारे लगवाए गए. उस ग्रुप के मेंबर लोकेश ने 26 फरवरी की रात 11:39 बजे लिखा कि "भाई मैं गंगा विहार से लोकेश सोलंकी. अगर किसी को कोई समस्या हो. वहां लोग कम पड़े तो बता देना. मैं अपनी पूरी गंगा विहार की टीम के साथ आऊंगा. सारा सामान है हमारे पास. गोली, बंदूक सब कुछ." 

फिर लोकेश ने रात के 11:44 पर लिखा था कि "तुम्हारे भाई ने अभी भागीरथी विहार में 2 ** मारे हैं और नाले में फेंका है अपनी टीम के साथ. तुम्हें पता है तुम्हारा भाई सबसे आगे रहता है ऐसे कामों में." उसी ने रात 12:15 बजे ग्रुप में लिखा कि "भाई पूरी रात जागूंगा. कुछ भी हो तो याद कर लेना एक बार बस." 

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इन 9 हत्याओं के मामले में दिल्ली पुलिस ने 3 अलग-अलग चार्जशीट दायर की हैं. क्राइम ब्रांच के अनुसार अभी कई और आरोपियों की तलाश जारी हैं. चार्जशीट के मुताबिक एंटी सीएए प्रोटेस्ट की वजह से हिंसा भड़की थी. चार्जशीट के मुताबिक एक ग्रुप भी हिंसक था, जो हांथों में लाठी, डंडे, तलवारें लेकर जय श्री राम, हर हर महादेव के नारे लगा रहा था. 

 

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