अस्पताल में डॉक्टर से विवाद, थाने में पिटाई का आरोप, घर लौट कर दलित युवक ने लगा ली फांसी

बिच्छू के काटने के बाद एक युवक इलाज की उम्मीद लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचा था. वहां डॉक्टर से कहासुनी हुई और मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया. घर लौटने के बाद युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी. सुसाइड नोट में मृतक ने अस्पताल के स्टाफ पर अपमानित करने और पुलिस के साथ मार-पीट का आरोप लगाया है.

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विवाद के बाद दलित युवक ने आत्महत्या कर ली (Representational) विवाद के बाद दलित युवक ने आत्महत्या कर ली (Representational)

aajtak.in

  • हैदराबाद ,
  • 30 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:43 PM IST

तेलंगाना के आदिलाबाद में 27 साल के दलित युवक की मौत के बाद पुलिस और अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. मृतक की पहचान कांबले राहुल के रूप में हुई है. राहुल ने अपने कथित सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे डांटा और पुलिस थाने में उसके साथ मारपीट की गई. हालांकि, पुलिस ने थाने में पिटाई के आरोपों को खारिज किया है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

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पुलिस के मुताबिक, 28 अगस्त की शाम राहुल को बिच्छू ने काट लिया था. इसके बाद वह इलाज के लिए सरकारी RIMS अस्पताल पहुंचा. वहां उसने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए वीडियो बनाना शुरू कर दिया. इसी बात को लेकर उसकी डॉक्टर से बहस हो गई. मामला बढ़ने पर डॉक्टर ने पुलिस को बुला लिया.

पुलिस राहुल को थाने ले गई और बाद में उसके पिता के हवाले कर दिया. घर लौटने के बाद राहुल ने फांसी लगाकर जान दे दी. पुलिस को मिले कथित सुसाइड नोट में उसने अस्पताल के डॉक्टर और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

मारपीट के आरोपों से पुलिस ने किया खारिज

पुलिस ने राहुल के साथ थाने में मारपीट के आरोपों को गलत बताया है. अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में वीडियो सबूत भी मौजूद हैं. पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. वहीं, गुरुवार को दलित संगठनों ने अस्पताल में धरना देकर राहुल के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की.

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BJP ने मांगे 50 लाख रुपये, BRS ने भी उठाई आवाज

मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है. BJP विधायक पायल शंकर ने कहा कि राहुल परिवार का कमाने वाला सदस्य था. उन्होंने घटना की समयबद्ध जांच कराने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की.

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विधायक ने परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने और उच्चस्तरीय समिति से जांच कराने की मांग भी रखी. BJP और BRS दोनों ने परिवार के लिए न्याय और आर्थिक मदद की मांग उठाई है.

अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अस्पताल में हुए विवाद से लेकर पुलिस थाने तक आखिर क्या-क्या हुआ था. फिलहाल जांच के बाद ही राहुल की मौत के पीछे की परिस्थितियों और उसके लगाए आरोपों की सच्चाई सामने आएगी.

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