पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले के मंगलकोट में मंगलवार सुबह NIA ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. जांच एजेंसी की टीम ने पलिशग्राम गांव की एक मस्जिद के इमाम को हिरासत में लिया है. इमाम की पहचान पियार मोहम्मद शेख के तौर पर हुई है. उन्हें पूछताछ के लिए मंगलकोट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां NIA अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं. यह कार्रवाई कथित उग्रवादी संगठन से लिंक की जांच के सिलसिले में की गई है.
जानकारी के मुताबिक NIA की चार सदस्यीय टीम मंगलवार तड़के करीब 4:30 बजे पलिशग्राम गांव के पुरापाड़ा इलाके में स्थित बड़ो मस्जिद पहुंची. यह इलाका नंबर-2 शिमुलिया पंचायत के अंतर्गत आता है. टीम मस्जिद के इमाम पियार मोहम्मद शेख की तलाश में वहां पहुंची थी. स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह की नमाज के बाद जब इमाम मस्जिद से बाहर निकले, तभी NIA अधिकारियों ने उन्हें अपने साथ ले लिया.
बताया गया है कि पियार मोहम्मद शेख मूल रूप से मंतेश्वर थाना क्षेत्र के कुलुट गांव के रहने वाले हैं. वह पिछले करीब तीन साल से पलिश गांव की मस्जिद में इमाम के तौर पर काम कर रहे थे. स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक इस दौरान वह एक बार बांग्लादेश भी गए थे. NIA अब उनके कथित संपर्कों और गतिविधियों को लेकर जानकारी जुटा रही है.
जांच एजेंसी को कथित तौर पर उनके जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) से जुड़े संगठन इमाम महमूद काफ़िला (IMK) से संबंध होने का शक है. एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि उनका असम के गुवाहाटी से जुड़े किसी मामले या घटना से कोई संपर्क था या नहीं. फिलहाल NIA की ओर से उनकी भूमिका को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. इसलिए उनके खिलाफ लगाए जा रहे किसी भी आरोप को जांच पूरी होने तक आरोप या संदेह के तौर पर ही देखा जा रहा है.
स्थानीय निवासी शेख गोलाम मुस्तफा ने बताया कि सुबह NIA की टीम मस्जिद पहुंची थी और इमाम को अपने साथ ले गई. कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने कुछ सामान भी अपने कब्जे में लिया है. स्थानीय जानकारी के अनुसार NIA ने एक डायरी और मोबाइल फोन भी जब्त किया है. इन चीजों की जांच के जरिए एजेंसी इमाम के संपर्कों और कथित गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटा सकती है.
पियार मोहम्मद शेख को बाद में मंगलकोट पुलिस स्टेशन लाया गया. पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि वहां उनसे उनके कथित लिंक को लेकर पूछताछ की जा रही है. NIA यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उनका किसी प्रतिबंधित संगठन या उसके मॉड्यूल से कोई संपर्क था. साथ ही यह भी जांच का विषय है कि उनके संपर्क पश्चिम बंगाल के अलावा असम या दूसरे राज्यों तक फैले हुए थे या नहीं.
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब NIA ने हाल ही में IMK से जुड़े 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. एजेंसी के मुताबिक यह मामला पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा में युवाओं को कथित तौर पर कट्टरपंथ की ओर ले जाने से जुड़ा है. इसी जांच के सिलसिले में मंगलकोट में इमाम से पूछताछ को देखा जा रहा है. हालांकि पियार मोहम्मद शेख की इस मामले में सटीक भूमिका जांच के बाद ही साफ होगी.
पूर्व बर्धमान में इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है. यह इलाका पहले भी आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी जांच के कारण सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक 2 अक्टूबर 2014 को बर्धमान के खागड़ागढ़ में हुए विस्फोट के बाद NIA की जांच में कथित JMB मॉड्यूल और सीमा पार कनेक्शन सामने आए थे. मौजूदा कार्रवाई का उस पुराने मामले से सीधा संबंध है या नहीं, यह फिलहाल साफ नहीं है.
फिलहाल NIA की पूछताछ जारी है और एजेंसी इमाम के मोबाइल फोन, डायरी और कथित संपर्कों की जांच कर रही है. जांच में यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि पियार मोहम्मद शेख का किसी प्रतिबंधित संगठन से वास्तव में कोई संबंध था या नहीं. अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनकी भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है. आगे की कार्रवाई NIA की जांच और सामने आने वाले सबूतों पर निर्भर करेगी.
तपस सेनगुप्ता