छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया 8 लाख का इनामी कुख्यात नक्सली

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 8 लाख रुपए का इनामी एक कट्टर नक्सली मारा गया है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ शुक्रवार देर शाम जुगाड़ थाना क्षेत्र के मोतीपानी गांव के पास जंगल में हुई. सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी.

Advertisement
सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

aajtak.in

  • गरियाबंद,
  • 03 मई 2025,
  • अपडेटेड 6:27 PM IST

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 8 लाख रुपए का इनामी एक कट्टर नक्सली मारा गया है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ शुक्रवार देर शाम जुगाड़ थाना क्षेत्र के मोतीपानी गांव के पास जंगल में हुई. सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी.

उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर से 180 किलोमीटर दूर स्थित इस क्षेत्र में नक्सलियों की गतिविधि के बारे में मिली सूचना के आधार पर अभियान शुरू किया गया था. गोलीबारी बंद होने के बाद एक नक्सली का शव, एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर) और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मौके से बरामद की गई है. 

Advertisement

मारे गए नक्सली की पहचान संभागीय समिति के सदस्य योगेश के रूप में हुई है, जिस पर 8 लाख रुपए का इनाम था. इस ताजा कार्रवाई के साथ ही इस साल अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में 145 नक्सली मारे जा चुके हैं. इनमें से 128 नक्सली बस्तर संभाग में मारे गए, जिसमें सात जिले शामिल हैं.

बताते चलें कि पिछले महीने बीजापुर जिले में 24 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था. इनमें 14 माओवादियों के सिर पर कुल 29 लाख रुपए का इनाम रखा गया था. यह सरेंडर ऐसे समय में हुआ है, जब 21 अप्रैल से तेलंगाना की सीमा से लगे बीजापुर की पहाड़ियों पर करीब 24 हजार सुरक्षाकर्मियों की मदद से नक्सल विरोधी अभियान चल रहा है.

बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया था कि सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने अमानवीय माओवादी विचारधारा, स्थानीय आदिवासियों पर उग्रवादियों द्वारा अत्याचार और प्रतिबंधित संगठन के भीतर बढ़ते मतभेदों से निराशा जताई. वे राज्य सरकार की नियाद नेल्लनार (आपका अच्छा गांव) योजना से भी प्रभावित हैं. 

Advertisement

इस योजना का उद्देश्य सुरक्षा शिविरों के आसपास के दूरदराज के गांवों में विकास कार्यों को सुगम बनाना है. आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी पूर्वी बस्तर संभाग, परतापुर एरिया कमेटी और पश्चिमी बस्तर संभाग के अलग-अलग संगठनों से जुड़े हैं. इनमें से सुदरू हेमला (33) और कमली मोडियम उर्फ ​​उर्मिला (36) पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था.

एसपी ने बताया था कि जयमोती पुनेम (24) और मंगू पुनेम (21) पर 3 लाख और 50 हजार का इनाम था. शामनाथ कुंजाम (40), चैतू कुरसम (30), बुच्ची माडवी (25), सुखमती उरसा (28) और सोमली हेमला (45) पर 2-2 लाख का इनाम था. बुज्जी पदम (20), सुक्को पुनेम (28), हिड़मे वेको (22), सोनी कोर्सा (30) और लच्छा ताती (25) पर 1-1 लाख का इनाम था.

इस आत्मसमर्पण के साथ ही जिले में अब तक 203 नक्सली हथियार डाल चुके हैं, जबकि 90 मारे गए हैं. 213 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं. सभी नक्सलियों को 50-50 हजार रुपए की सहायता दी गई है और सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा. साल 2024 में बस्तर क्षेत्र में कुल 792 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »