20 साल पुराने मर्चेंट नेवी कप्तान हत्याकांड में नया मोड़, UAE दूतावास पहुंचा परिवार, आरोपी के प्रत्यर्पण की मांग

साल 2006 में मर्चेंट नेवी के रिटायर्ड कप्तान मनमोहन सिंह विर्दी की हत्या के मामले में उनके परिवार ने UAE दूतावास से आरोपी हुसैन मोहम्मद शट्टाफ के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज करने की मांग की है. जानें क्या है ये पूरा मामला.

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20 साल से विर्दी परिवार इंसाफ का इंतजार कर रहा है (फोटो-ITG) 20 साल से विर्दी परिवार इंसाफ का इंतजार कर रहा है (फोटो-ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 26 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:47 AM IST

महाराष्ट्र के लोनावला में रिटायर्ड मर्चेंट नेवी कप्तान मनमोहन सिंह विर्दी की हत्या के करीब 20 साल बाद भी उनका परिवार इंसाफ का इंतजार कर रहा है. अब इस मामले में पीड़ित परिवार ने नई दिल्ली स्थित संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के दूतावास का रुख किया है. परिवार ने मुख्य आरोपी हुसैन मोहम्मद शट्टाफ के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है. उसका कहना है कि आरोपी को भारत लाकर सक्षम अदालत के सामने पेश किया जाना जरूरी है.

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परिवार की यह अपील ऐसे समय सामने आई है, जब विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारत की ओर से भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध पर UAE ने कुछ अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत इस मामले में जरूरी प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है. पीड़ित के भाई और इस मामले के मूल शिकायतकर्ता रिटायर्ड कैप्टन मनजीत सिंह विर्दी ने अब UAE मिशन से भारतीय अधिकारियों और प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ समन्वय कर प्रक्रिया को तेज करने की अपील की है.

लोनावला में हुई थी हत्या

यह पूरा मामला साल 2006 का है, जब कैप्टन मनमोहन सिंह विर्दी की महाराष्ट्र के लोनावला में हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद लोनावला सिटी पुलिस स्टेशन में एफआईआर नंबर 46/2006 दर्ज की गई थी. मामला आगे बढ़ा और अब यह पुणे के वडगांव मावल स्थित सत्र अदालत में सत्र मामला संख्या 5/2024 के तौर पर लंबित है. हालांकि मुख्य आरोपी के भारत से बाहर होने की वजह से मुकदमे की कार्यवाही प्रभावित हो रही है.

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परिवार का आरोप है कि मोहम्मद शट्टाफ लंबे समय से ट्रायल कोर्ट के सामने पेश नहीं हुआ है और भारत से बाहर रह रहा है. उसकी गैरमौजूदगी के चलते मामले की सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है. UAE मिशन को दिए गए अपने अभ्यावेदन में मनजीत सिंह विर्दी ने कहा है कि आरोपी की लंबे समय से अनुपस्थिति ने परिवार को अत्यधिक परेशानी दी है. साथ ही इससे आपराधिक न्याय प्रक्रिया के संचालन पर भी असर पड़ा है.

पीड़ित परिवार का दावा

पीड़ित परिवार ने आरोपी की आव्रजन स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. परिवार की ओर से अधिकारियों को दिए गए अभ्यावेदन के मुताबिक आरोपी से जुड़ा पासपोर्ट 2021 में समाप्त हो चुका था और परिवार का दावा है कि वह इसके बाद से UAE में रह रहा है. आवेदन में इंटरपोल नोटिस का भी उल्लेख किया गया है. परिवार का आरोप है कि आरोपी हत्या के मामले के अलावा कुछ अन्य आपराधिक मामलों में भी वांछित है.

हालांकि इन आरोपों को लेकर यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आरोपी के पासपोर्ट, UAE में उसके कथित प्रवास और इंटरपोल से जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि उपलब्ध सामग्री के आधार पर नहीं हो सकी है. ये दावे पीड़ित परिवार की ओर से अधिकारियों को दिए गए अभ्यावेदन में किए गए हैं. परिवार ने UAE अधिकारियों से अनुरोध किया है कि इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरोपी की भारत वापसी के लिए जरूरी कानूनी कदम उठाए जाएं.

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ऐसे हुई मुकदमे की कार्यवाही बहाल

इस मामले में साल 2023 में एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ आया था. 18 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने क्रिमिनल अपील नंबर 1399/2023 में आदेश पारित किया था. शीर्ष अदालत ने आरोपी को आरोपमुक्त करने वाले बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया था. इसके साथ ही हत्या के मुकदमे की कार्यवाही को बहाल कर दिया गया था.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद परिवार को उम्मीद जगी कि करीब दो दशक पुराने मामले में अब सुनवाई आगे बढ़ सकेगी. लेकिन आरोपी के भारत से बाहर होने के कारण यह उम्मीद अभी पूरी तरह मुकदमे में तब्दील नहीं हो पाई है. परिवार लगातार मांग कर रहा है कि हुसैन मोहम्मद शट्टाफ को भारत वापस लाया जाए, ताकि ट्रायल कोर्ट के सामने उसके खिलाफ मामले की सुनवाई आगे बढ़ सके.

प्रत्यर्पण प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय तक पहुंचा

परिवार ने अपने अभ्यावेदन में 20 नवंबर 2025 के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश का भी हवाला दिया है. इस आदेश में दर्ज किया गया था कि महाराष्ट्र के गृह विभाग ने 31 अक्टूबर 2025 को प्रत्यर्पण प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दिया था. यानी मामले में आरोपी को भारत वापस लाने की प्रक्रिया अब दस्तावेजी और सरकारी स्तर पर आगे बढ़ चुकी है.

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इसके बाद विदेश मंत्रालय की ओर से भी इस मामले पर जानकारी सामने आई. 4 अगस्त को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की थी कि भारत का प्रत्यर्पण अनुरोध UAE को भेज दिया गया है. उन्होंने बताया था कि UAE की ओर से कुछ और दस्तावेज मांगे गए हैं और भारत इस संबंध में आगे की कार्रवाई कर रहा है.

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि संबंधित प्रत्यर्पण अनुरोध UAE पक्ष को भेजा गया है. UAE अधिकारियों ने इस मामले में कुछ अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं. भारत उन दस्तावेजों और अनुरोध से जुड़ी प्रक्रिया पर काम कर रहा है. इसका मतलब है कि आरोपी के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया फिलहाल दोनों देशों के बीच आधिकारिक और दस्तावेजी स्तर पर चल रही है.

अब पीड़ित परिवार चाहता है कि इस प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो. परिवार ने UAE मिशन से भारतीय सरकार और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर जरूरी कानूनी औपचारिकताएं जल्द पूरी कराने की अपील की है. उसका कहना है कि आरोपी को भारत लाए बिना ट्रायल कोर्ट में मामले की सुनवाई प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाना मुश्किल है.

दूसरे नाम से भी जाना जाता है आरोपी

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परिवार की ओर से दिए गए आवेदन में यह भी कहा गया है कि आरोपी हुसैन मोहम्मद शट्टाफ को कथित तौर पर हुसैन महबूब खोखावाला नाम से भी जाना जाता है. परिवार ने दावा किया है कि हत्या के मामले के अलावा उसके खिलाफ जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और गलत विवरण के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने से जुड़े अलग-अलग मामले भी हैं.

आरोपी के खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर का भी उल्लेख किया गया है. परिवार का कहना है कि बॉम्बे हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में भी इसका उल्लेख मौजूद है. इन दावों के आधार पर परिवार UAE अधिकारियों से सहयोग की मांग कर रहा है, ताकि आरोपी को भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके.

'मेरी आखिरी इच्छा है कि भाई को न्याय मिले'

कैप्टन मनजीत सिंह विर्दी ने खुद को वरिष्ठ नागरिक बताते हुए कहा है कि उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बावजूद वह अपने भाई के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखे हुए हैं. अपने अभ्यावेदन में उन्होंने कहा कि अपने दिवंगत भाई की हत्या के मामले में न्याय होते देखना उनकी आखिरी इच्छा है. उनका कहना है कि करीब दो दशक से चल रही इस कानूनी लड़ाई ने परिवार को लगातार मानसिक परेशानी दी है.

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मनजीत सिंह विर्दी ने UAE मिशन से भारतीय सरकार के साथ समन्वय करने और कानून के मुताबिक आरोपी के प्रत्यर्पण को सुगम बनाने के लिए उचित कदम उठाने की अपील की है. परिवार चाहता है कि आरोपी को भारत की सक्षम अदालत के सामने पेश किया जाए. इसके बाद ही हत्या के मामले की सुनवाई आगे बढ़ सकेगी और अदालत इस मामले में कानूनी निष्कर्ष तक पहुंच सकेगी.

परिवार बोला- अब इंतजार खत्म होना चाहिए

पीड़ित परिवार के लिए यह मामला अब केवल प्रत्यर्पण से जुड़े दस्तावेज पूरे करने तक सीमित नहीं है. परिवार इसे करीब 20 साल से चली आ रही अनिश्चितता और पीड़ा को खत्म करने की लड़ाई के तौर पर देख रहा है. सुप्रीम कोर्ट से मुकदमा बहाल होने और UAE को प्रत्यर्पण अनुरोध भेजे जाने के बाद अब परिवार चाहता है कि बाकी प्रक्रिया भी जल्द पूरी हो.

मनजीत सिंह विर्दी की UAE मिशन से अपील इसी लंबे इंतजार को खत्म करने की गुहार है. परिवार ने अधिकारियों से कानून के दायरे में रहते हुए प्रत्यर्पण प्रक्रिया को सुगम बनाने और आरोपी को भारत वापस लाने में सहयोग करने का अनुरोध किया है. उसका कहना है कि शट्टाफ की भारत वापसी से ही सक्षम अदालत के सामने मुकदमा आगे बढ़ सकेगा और करीब दो दशक से न्याय का इंतजार कर रहे परिवार को कानूनी निष्कर्ष देखने का मौका मिलेगा.

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