81 गवाह, 28 सबूत और फैसला... केरल के चर्चित नेन्मारा डबल मर्डर केस में दोषी को मिली फांसी की सजा

केरल के पलक्कड़ की अदालत ने 2025 के चर्चित नेन्मारा डबल मर्डर केस में 61 वर्षीय चेंथमारा को फांसी की सजा सुनाई है. अदालत ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' बताते हुए 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. पढ़ें पूरी कहानी.

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दोषी ने जमानत पर बाहर आकर डबल मर्डर किए थे (फोटो-ITG) दोषी ने जमानत पर बाहर आकर डबल मर्डर किए थे (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • पलक्कड़,
  • 20 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:27 PM IST

केरल के पलक्कड़ जिले के चर्चित नेन्मारा डबल मर्डर केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. पलक्कड़ की अतिरिक्त सत्र अदालत ने 61 वर्षीय चेंथमारा को दोहरे हत्याकांड का दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है. अदालत ने दोषी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह मामला जनवरी 2025 में हुई दोहरी हत्या से जुड़ा है, जिसने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी.

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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केनेथ जॉर्ज की अदालत ने चेंथमारा को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या और धारा 126(2) के तहत गलत तरीके से रोकने (Wrongful Restraint) का दोषी ठहराया. 

अदालत के अनुसार, 27 जनवरी 2025 को पलक्कड़ जिले के नेन्मारा के पास पोथुंडी इलाके में चेंथमारा ने अपने पड़ोसी सुधाकरण और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या कर दी थी. अदालत ने कहा कि एक ही परिवार के कई सदस्यों की हत्या किए जाने के कारण यह मामला 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में आता है,

जांच में सामने आया कि चेंथमारा इससे पहले भी इसी परिवार से जुड़े हत्या के मामले में गिरफ्तार हो चुका था. वर्ष 2019 में उसने कथित तौर पर सुधाकरण की पत्नी सजीथा की हत्या की थी. आरोपी का दावा था कि वह अपनी वैवाहिक परेशानियों के लिए सजीथा को जिम्मेदार मानता था. इसी मामले में जनवरी 2025 में उसे जमानत मिली थी, लेकिन जेल से बाहर आने के कुछ ही समय बाद उसने सुधाकरण और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या कर दी.

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दोहरी हत्या के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया और कुछ ही समय में चेंथमारा को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद उसे मलमपुझा उप-जेल में रखा गया था. इससे पहले सजीथा हत्याकांड में अदालत उसे दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है. 

वहीं, नेन्मारा डबल मर्डर केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 81 गवाह पेश किए और 28 भौतिक साक्ष्य (Material Objects) प्रस्तुत किए. इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है.

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