'दूसरे कमरे में सोता था, इसलिए लड़ती थी...', गोवा मर्डर केस में बोला सूचना सेठ का पति

गोवा मर्डर केस (Goa Murder Case) में पुलिस के सामने हत्यारोपी सूचना सेठ (Suchana Seth) और उसके पति वेंकट ने जमकर बहसबाजी की. जहां सूचना कहती रही कि उसने नहीं पता कि बेटे की मौत कैसे हुई है. वहीं, वेंकट ने बताया कि बेटा पैदा होने के बाद से ही सूचना उनसे लड़ने-झगड़ने लगी थी. वो दूसरे कमरे में सोते थे तो इस बात पर सूचना उनसे लड़ती थी. उन्हें गैरजिम्मेदार पिता बताती थी.

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सूचना सेठ और वेंकट राघवन. सूचना सेठ और वेंकट राघवन.

दिव्येश सिंह

  • गोवा,
  • 16 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 10:38 AM IST

'बेटा पैदा हुआ तो मैं दूसरे कमरे में सोने लगा था, इसी बात पर मेरी बीवी मुझसे लड़ती थी...',. ये शब्द थे वेंकट राघवन के, जब पुलिस की मौजूदगी में उनका सामना पत्नी सूचना सेठ से हुई. वही सूचना सेठ जिस पर 4 साल के बेटे की हत्या का आरोप है. 15 मिनट तक वेंकट और सूचना के बीच जमकर बहसबाजी हुई. वेंकट ने कहा कि सूचना हमेशा से ही उन पर दोष मढ़ती रहती है. ये उसकी आदत है. बताया कि दोनों के बीच लड़ाई की शुरुआत तब हुई जब 2019 में उन्हें बेटा हुआ.

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वेंकट ने बताया कि 9 साल तक हम दोनों के बीच सब-कुछ सही था. लेकिन साल 2019 में बेटा पैदा हुआ तो सूचना के बर्ताव में काफी बदलाव आ गया. बेटा छोटा था इसलिए मैंने दूसरे कमरे में सोना शुरू कर दिया. लेकिन इसी बात को लेकर सूचना ने लड़ना-झगड़ना शुरू कर दिया. सूचना का कहना था कि मैं बच्चे की जिम्मेदारी नहीं उठाता हूं. बस यही बात चिंगारी की तरह शुरू हुई और बात तलाक तक जा पहुंची.

बच्चे के पिता वेंकट ने कहा कि सूचना ने ही तलाक के लिए कोर्ट में आवेदन दिया था, उन्होंने नहीं. तो दूसरी तरफ, सूचना ने पुलिस के सामने कहा कि उसे नहीं पता कि बच्चे की मौत कैसे हुई. 7 जनवरी को जब वह सोने गई थी तो बच्चा जिंदा था. सुबह देखा तो बच्चा जिंदा नहीं था.

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'मैं इंतजार करता रहा, वो नहीं आई'

वेंकट ने बताया कि मेरा बेटा मुझसे मिलना चाहता था. यही बात सूचना को पसंद नहीं थी. पहले तो वो मुझसे मेरे बेटे को मिलने नहीं देती थी. लेकिन जब मामला कोर्ट में जा पहुंचा तो वहां मुझे मेरे बेटे से मिलने की परमिशन मिल गई. दिसंबर 2022 तक मैं अपने बेटे से नहीं मिल पाया था. लेकिन कोर्टच के आदेश के अनुसार जनवरी 2024 से मैं बेटे से मिल सकता था. इस महीने के पहले हफ्ते में मैंने बेटे से मिलना था. लेकिन सूचना उसे लेकर गोवा चली गई. उसने इस बारे में किसी को नहीं बताया. वेंकट ने कहा कि मैं इंतजार कर रहा था कि बेटे से मिल सकूंगा. मैं तय तारीख (7 जनवरी) में उस जगह शाम तक इंतजार करता रहा कि सूचना बेटे को लेकर आएगी और मैं उससे मिल सकूंगा. वेंकट ने आगे बताया कि मैं सूचना और बेटे का इंतजार करता रहा लेकिन वो नहीं आई. मैंने सूचना को कई बार फोन भी किया. लेकिन उसने मेरा फोन नहीं उठाया.

वेंकट ने सूचना को ईमेल और मैसेज भी किए

वेंकट के वकील अजहर मीर ने बताया कि हमने पुलिस के पास सूचना और वेंकट के तलाक से संबंधिक सभी डॉक्यूमेंट्स दे दिए हैं. हमने पुलिस को बताया कि 7 जनवरी को वेंकट बेटे से मिलने के लिए गए थे. लेकिन सुबह से शाम हो गई. सूचना न तो खुद बेटे को लेकर आई और न ही उसने वेंकट का फोन उठाया. जब वेंकट ने मुझे यह सब बताया तो मैंने उन्हें सुझाव दिया कि वो सूचना को ईमेल और मैसेज करें. ताकि हम कोर्ट में बता सकें कि सूचना वेंकट को बेटे से मिलने नहीं दे रही है. वेंकट ने ऐसा ही किया. वेंकट ने मैसेज किया कि 'क्या तुम सब ठीक हो?' लेकिन सूचना ने इस मैसेज का भी कोई जवाब नहीं दिया.

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एडवोकेट अजहर मीर ने मीडिया से गुजारिश की कि वेंकट इस समय काफी परेशान हैं. कोई भी उनसे ऐसे सवाल न करें जिससे वो और ज्यादा परेशान हो जाएं. वो पुलिस की पूरी मदद कर रहे हैं. वेंकट की बीवी जेल में है, बेटा इस दुनिया में नहीं रहा. ऐसे में शायद ही वह इस सदमें से कभी बाहर आ पाएं. यह घड़ी उनके लिए बहुत मुश्किल भरी है. वेंकट ने अपने हाथों से 4 साल के मासूम बेटे के शव को दफनाया है. वो किसी से बात करने की हालत में नहीं हैं.

अगले 5 दिन और पुलिस रिमांड पर सूचना सेठ

गोवा में अपने मासूम बेटे का मर्डर करने वाली सूचना सेठ को मेडिकल कराने के बाद सोमवार को पणजी कोर्ट में पेश किया गया. उसकी छह दिन की पुलिस हिरासत सोमवार को खत्म हो रही थी. लेकिन पुलिस अदालत आगे भी उसकी रिमांड चाहती थी. इसलिए पुलिस ने अदालत से और रिमांड की मांग की. जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया और फिर से सूचना सेठ को 5 दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया. दरअसल, कातिल मां ने अभी तक हत्या और इसके पीछे के मकसद के बारे में कोई खुलासा नहीं किया है. 

पुलिस की एक टीम सोमवार की सुबह कातिल मां सूचना सेठ को लेकर पहले मेडिकल के लिए अस्पताल गई और फिर उसे पणजी की अदालत में पेश किया. अभी सूचना कलंगुट थाना पुलिस की हिरासत में है. लेकिन 6 दिन हो जाने पर सोमवार को उसकी पुलिस हिरासत समाप्त हो रही है. इसलिए पुलिस अदालत से आगे भी उसकी हिरासत की मांग की. इसके बाद अदालत ने उसे अगले 5 दिन के लिए फिर से पुलिस रिमांड पर भेज दिया.

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