बिहार का समस्तीपुर जिला. जहां मौजूद है दरवा गांव. 27 जुलाई का दिन था. सुबह होते ही जब गांव के लोग घरों से निकले तो एक मंजर देखकर सबके होश उड़ गए. वजह ये थी कि गांव में रहने वाले रघुवीर सहनी का किसी ने उन्हीं के घर की दहलीज पर कत्ल कर दिया था. कत्ल भी ऐसे-वैसे नहीं बल्कि कुल्हाड़ी से काट कर. जिस बेरहमी से रघुवीर के चेहरे गले और शरीर के दूसरे हिस्सों में वार किए गए थे, उसके बाद लाश को देखना भी मुश्किल था.
खबर मिलते ही पुलिस मौके पर जा पहुंची. किसी तरह से लाश को समेट कर पुलिस ने अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. यही शुरू हुई इस मामले की छानबीन. मगर हैरत थी कि कई महीने गुजरने के बावजूद पुलिस को इस मामले में कोई भी सुराग हाथ नहीं लगा. इसलिए ये कहानी पुलिस के लिए किसी मर्डर मिस्ट्री से कम नहीं थी. चलिए कहानी को आगे बढ़ाते हैं.
पुलिस ने तफ्तीश आगे बढ़ाते हुए सबसे पहले रघुवीर के दोस्तों और दुश्मनों के बारे में जानकारी जुटाई. ताकि कत्ल के मोटिव का पता चल सके और मामले की जांच आगे बढ़े. लेकिन शुरुआत में पुलिस को ऐसा कोई भी क्लू नहीं मिला, जिससे मामले की जांच आगे बढ़ती. हालांकि सीन ऑफ क्राइम के मुआयने के बाद पुलिस को शक था कि कत्ल की इस वारदात के पीछे सहनी परिवार के किसी करीबी का ही हाथ है.
दरअसल, अव्वल तो आधी रात को बिल्कुल खामोशी से इस वारदात को अंजाम दिया गया था और किसी को कानों-कान इसकी भनक भी नहीं लगी. दूसरा घर में किसी फोर्स्ड एंट्री के निशान नहीं थे. जो इस बात की तरफ इशारा कर रहे थे कि शायद कातिल सहनी परिवार से और उनके घर से अच्छी तरह वाकिफ था. लेकिन तमाम थ्योरीज के बावजूद पुलिस को इस केस को सुलझाने का कोई पुख्ता सुराग पुलिस को नहीं मिल रहा था.
इस बीच कई महीने गुजर गए और पुलिस को एक अनोखी बात पता चली. छानबीन में किसी ने पुलिस को बताया कि रघुवीर की हत्या हो गई. लेकिन सूरत में रहने वाला उसका बेटा अपने पिता की तेहरवीं तक में नहीं पहुंचा. ये बात पुलिस को चौंकाने वाली लगी. किसी बेटे को अपने पिता की मौत की खबर मिले और बेटा फिर भी घर रुख ना करे, तो चौंकाना लाजिमी था. ऐसे में पुलिस ने अब रघुवीर के बेटे शिवशंकर की एक्टिविटीज को स्कैन करना शुरू किया. खास कर कत्ल वाले दिन शिव शंकर की मौजूदगी के बिंदु पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई.
हैरानकुन तरीके से पुलिस ने ये देखा कि वारदात से पहले यानी 26-27 की शाम को ही रघुवीर के बेटे शिवशंकर का फोन ऑफ हो चुका था. लेकिन उसने अपने इसी फोन से वारदात की रात एक बार अपनी पत्नी से बात की थी. अब जब पुलिस ने शिव शंकर के मोबाइल फोन की सीडीआर यानी कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाई, तो जो जानकारी सामने आई, उसने पुलिस को भी चौंका दिया.
जो बेटा अपने पिता के क्रियाक्रम में गुजरात से बिहार नहीं आ सका, वही बेटा कत्ल वाली रात को समस्तीपुर में मौजूद था. और ये अपने आप में एक शक पैदा करने वाली बात थी. इसके बाद पुलिस ने शिव शंकर को हिरासत में लेने का फैसला किया और आखिरकार उसे सूरत से दबोच लिया.
शुरू में तो उसने अपने पिता के कत्ल की साजिश से खुद को बेखबर बताया, लेकिन जब मोबाइल फोन की लोकेशन के हवाले से उससे पूछताछ की गई, तो वो टूट गया और उसने ना सिर्फ अपने पति रघुवीर सहनी के कत्ल की बात कबूल कर ली, बल्कि कत्ल के पीछे की जो कहानी सुनाई, वो भी चौंकाने वाली थी.
शिव शंकर ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वो काफी दिनों से अपने पिता की जान लेना चाहता था और पकड़े जाने से बचने के लिए ऐसा करने से पहले उसने फिल्म दृश्यम भी देखी थी. फिर पूरी प्लानिंग से सूरत से सफर पूरा कर अपने गांव समस्तीपुर के दरवा पहुंचा. वो ट्रेन से पहले पटना और फिर वैशाली पहुंचा, वहां से हाजीपुर होते हुए पटोरी स्टेशन तक आया और फिर ऑटो से जोरपुरा पहुंच कर चार किलोमीटर की दूरी पैदल ही तय की. ताकि किसी को उसके गांव में होने की भनक ना लगे.
इसके बाद वो रात के अंधेरे में चुपके से घर में दाखिल हुआ और फिर कुल्हाड़ी से पिता की हत्या कर रातों-रात ही गांव से फरार हो गया. अब पुलिस ने बाप के कत्ल के इल्जाम में बेटे को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन कत्ल का मोटिव यानी वारदात को अंजाम देने की वजह अब तक पर्दे में थी. इसके बाद जब पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसके पिता अक्सर उसके और उसकी पत्नी के साथ गाली गलौज किया करते थे.
उनका व्यवहार काफी आपत्तिजनक था. ऊपर से जमीन जायदाद को लेकर भी उसकी अपने पिता के साथ अनबन चल रही थी. जिसके गुस्से में आकर उसने आखिरकार अपने पिता की हत्या कर दी. कत्ल के बारे में किसी को पता ना चले, इसलिए उसने अपना मोबाइल फोन समस्तीपुर आने से पहले ही ऑफ कर लिया था. लेकिन बीच में एक बार उसने उसी फोन से अपनी पत्नी से बात की थी.
फिलहाल, पुलिस ने शिवशंकर को तो गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस मामले में उसकी पत्नी को की रोल अभी सामने नहीं आया है. ये और बात कि मकतूल रघुवीर सैनी की पत्नी ने वारदात के बाद अपनी बहू के खिलाफ भी पुलिस से शिकायत की थी और इल्जाम लगाया था कि इस वारदात में उसका भी हाथ हो सकता है.
पुलिस ने एक बेटे के हाथों पिता के कत्ल की इस वारदात को तो सुलझा लिया है, लेकिन फिल्म देख कर जिस तरह एक बेटे ने अपने पिता के कत्ल की साजिश रची और सबूत मिटा कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, उसकी चर्चा हर तरफ है.
(समस्तीपुर से जहांगीर आलम का इनपुट)
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