महिला का अपहरण कर किया था बलात्कार, 40 साल बाद 70 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने अपहरण और बलात्कार के एक मामले में पिछले 40 साल से फरार चल रहे 70 वर्षीय आरोपी को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान पापा उर्फ दाऊद बंडू खान के रूप में हुई है. उसे ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया है.

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70 वर्षीय आरोपी को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया गया है. 70 वर्षीय आरोपी को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया गया है.

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 07 मई 2024,
  • अपडेटेड 7:04 PM IST

मुंबई पुलिस ने अपहरण और बलात्कार के एक मामले में पिछले 40 साल से फरार चल रहे 70 वर्षीय आरोपी को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान पापा उर्फ दाऊद बंडू खान के रूप में हुई है. उसे ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया है. यहां अदालत में पेश किया जाएगा.

जानकारी के मुताबिक, साल 1984 में एक महिला की शिकायत के आधार पर दाऊद बंडू खान के खिलाफ अपहरण और बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था. उसे उस वक्त पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद वो मुंबई से फरार हो गया. कभी अदालत की सुनवाई में नहीं आया.

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इसके बाद अदालत ने उसे इस मामले में भगोड़ा घोषित कर दिया था. डॉ. डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन की एक टीम ने तलाशी शुरू की थी. उनके फ़ॉकलैंड रोड स्थित आरोपी के घर पर दबिश भी दी थी, लेकिन यह पता चला कि वो अपनी संपत्ति बेचकर अपने परिवार के साथ शहर छोड़ चुका है.

हालांकि, जांच के दौरान पता चला कि वो उत्तर के किसी राज्य में जाकर छुप गया है. पिछले 40 साल से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी. इसी दौरान मुखबीर की सूचना के आधार पर दक्षिण मुंबई के डॉ. दादाभाई भडकमकर मार्ग थाने की एक टीम ने दाऊद खान को सोमवार को आगरा से पकड़ लिया.

बताते चलें मुंबई पुलिस ने एक अन्य मामले में हत्या के आरोपी को वारदात के 31 साल बाद गिरफ्तार किया था. आरोपी की पहचान दीपक भिसे के रूप में हुई थी. उसे पुलिस ने पालघर जिले के नालासोपारा इलाके से गिरफ्तार किया था. उस पर 1989 में राजू चिकना की हत्या का आरोप है.

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इसके साथ ही उसके खिलाफ धर्मेंद्र सरोज नामक एक शख्स की हत्या का प्रयास करने का भी आरोप है. इस मामले में उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन साल 1992 में जमानत मिल गई थी. उसके बाद वो कभी भी अदालत में मामले की सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुआ. 

साल 2003 में अदालत ने उसे फरार घोषित कर दिया था. पुलिस जब भी कांदिवली के तुलस्करवाड़ी में दीपक भिसे के पते पर जाती, तो लोग बताते थे कि वो वहां बहुत सालों से नहीं आया है. शायद उसकी मौत हो गई है. लेकिन इसके बावजूद पुलिस उसकी सिद्दत से तलाश करती रही. 

एक दिन पुलिस दीपक भिसे की पत्नी का मोबाइल फोन नंबर हासिल करने में कामयाब हो गई. नालासोपारा में उसका पता लगा लिया. वहां पुलिस ने जब छापा मारा तो दीपक को देखकर दंग रह गई. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. वो वहां छुपकर अपनी पत्नी और बेटे के साथ रह रहा था.

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