नोएडा में बैठकर अमेरिकी नागरिकों को लगाते थे चूना, फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 12 गिरफ्तार

नोएडा पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि कॉल करने वाले विदेशियों को ईमेल पर भुगतान लिंक भेजते थे और उनके पैसे ठग लेते थे. साथ ही, यह कॉल सेंटर बिना किसी लाइसेंस के आरोपी द्वारा चलाया जा रहा था.

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पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर से 12 लोगों को पकड़ा है पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर से 12 लोगों को पकड़ा है

aajtak.in

  • नोएडा,
  • 06 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 6:31 AM IST

Fake Call Center Busted in Noida: दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा में पुलिस ने एक ऐसे फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है, जिसमें काम करने वाले कर्मचारी यहां बैठकर अमेरिका के नागरिकों को चूना लगा रहे थे. इस फेक कॉल सेंटर के कर्मचारी प्रतिष्ठित कंपनियों के एंटी-वायरस सॉफ़्टवेयर बेचने के बहाने विदेशियों को धोखा देने का काम कर रहे थे. पुलिस ने इस मामले में एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है. 

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नोएडा पुलिस के प्रवक्ता ने इस बारे में पीटीआई को जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार को पुलिस स्टेशन फेस-1 के अधिकारियों ने मैन्युअल सर्विलांस और गोपनीय जानकारी के आधार पर सेक्टर 2 के सी ब्लॉक में स्थित एक इमारत की दूसरी मंजिल पर मौजूद कार्यालय में छापेमारी की. जहां एक फेक कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था. छापे के दौरान मौके से 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

साथ ही पुलिस टीम ने फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी के बाद 14 डेस्कटॉप और अन्य संबंधित सामान भी जब्त कर लिया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए सभी लोग विदेशी नागरिकों को फोन करते हैं और उन्हें बताते हैं कि उनकी कंपनी के पास मैक्एफ़ी और नॉर्टन का एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर है, जो लैपटॉप और कंप्यूटर में आने वाली समस्याओं का समाधान करता है और यह एक साल के लिए 100 अमेरिकी डॉलर (8,335 रुपये) से 500 अमेरिकी डॉलर (41,676 रुपये) की पेशकश कीमत पर उपलब्ध है.

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नोएडा पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि कॉल करने वाले विदेशियों को ईमेल पर भुगतान लिंक भेजते थे और उनके पैसे ठग लेते थे. साथ ही, यह कॉल सेंटर बिना किसी लाइसेंस के आरोपी द्वारा चलाया जा रहा था. पकड़े गए लोगों की पहचान प्रदीप कुमार प्रधान, अविरल गौतम, ऋषभ शुक्ला, अली हसन, अनुराग तोमर, हरेंद्र चौधरी, राजू, संदीप कुमार, दीपक शर्मा, सौरभ सिंह, साकेत प्रियदर्शी और शिवम कुमार के रूप में की गई है. 

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से कुछ दिल्ली के निवासी हैं, जबकि कुछ गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहते हैं. पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 34 (आपराधिक साजिश में शामिल होना) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की गई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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