क्रिप्टोकरेंसी, आईटी टीम और चीन कनेक्शन... मुंबई, सूरत और राजस्थान से टास्क फ्रॉड गैंग के 6 आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र की साइबर पुलिस ने ऐसे रैकेट को पकड़ा है, जो पूरे कॉर्पोरेट स्टाइल में काम करते हुए धोखाधड़ी कर पैसे कमाता था. पुलिस का कहना है कि इस रैकेट के एक आरोपी ने क्रिप्टोकरेंसी के जरिए किसी चीनी नागरिक को भी पैसे भेजे थे. पुलिस के अनुसार, आरोपी टास्क फ्रॉड के जरिए ठगी को अंजाम देते थे. फिलहाल पुलिस ने छह आरोपियों को पकड़ा है, जिनसे पूछताछ की जा रही है.

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साइबर पुलिस ने पकड़ा रैकेट. (Representational image) साइबर पुलिस ने पकड़ा रैकेट. (Representational image)

aajtak.in

  • नागपुर,
  • 25 जून 2023,
  • अपडेटेड 10:55 AM IST

महाराष्ट्र के नागपुर में साइबर पुलिस ने एक धोखाधड़ी के बड़े मामले का खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि गुजरात और राजस्थान से छह लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें से एक ने धोखाधड़ी कर कमाए गए पैसे क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से एक चीनी नागरिक को ट्रांसफर किए थे. इस मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है.

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए छह लोगों में से तीन मुंबई के रहने वाले हैं, वहीं अन्य राजस्थान और गुजरात के सूरत के निवासी हैं. पुलिस ने इनके पास से 19 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, नौ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 7.87 लाख रुपये कैश जब्त किए हैं. इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों में 37.26 लाख रुपये मिले हैं.

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टास्क फ्राॅड के जरिए आरोपी ऐसे देते थे ठगी को अंजाम

पुलिस उपायुक्त (साइबर) अर्चित चांडक ने बताया कि धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने टीमें बना रखी थीं. ये टीमें 'टास्क फ्रॉड' के जरिए लोगों से ठगी करती थीं. ठगी वाले पैसे के लेनदेन पर नजर रखने के लिए बाकायदा आईटी टीम और बैंकिंग टीम भी बना रखी थी.

पुलिस उपायुक्त के अनुसार, आरोपी लोगों को कमाई का झांसा देकर वीडियो लाइक करने और किसी प्रोडक्ट का रिव्यू करने का टास्क देते थे. जब कोई व्यक्ति लालच में आकर टास्क कंप्लीट करता था, तो उसके साथ आरोपी ठगी हो जाती थी.

इनकी बातों में आकर लोग धोखाधड़ी का शिकार हो जाते थे. लोगों के साथ ठगी काफी प्लानिंग के तहत की जाती थी. पुलिस ने कहा कि इस पूरे रैकेट की ठगी करने का तरीका कॉर्पोरेट कंपनियों की तरह होता था.

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नागपुर के केमिकल इंजीनियर ने दर्ज कराई थी शिकायत

पुलिस उपायुक्त चांडक ने कहा कि नागपुर स्थित केमिकल इंजीनियर ने इस मामले को लेकर एक शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने जब मामले की जांच-पड़ताल की तो कुछ सुराग हाथ लगे. पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक मीत व्यास के बारे में जानकारी हासिल की. मीत ने क्रिप्टोकरेंसी के जरिए चीनी नागरिक को पैसे ट्रांसफर किए थे.

पुलिस ने मुंबई से आकाश तिवारी और रवि वर्मा, नालासोपारा से संतोष मिश्रा, सूरत से मीत व्यास और राजस्थान से अंकित तातेर और अरविंद शर्मा को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधिकारी ने कहा कि पूरे नेटवर्क और किसी भी संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को लेकर जांच चल रही है.

(एजेंसी)

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