वो कातिल 5 घंटे... पढ़ें, आधी रात को फैशन डिजाइनर के बंगले में क्या हुआ था

पुलिस ने राहुल और उसके दोनों साथी रहमत और बासित के निशानदेही पर जब बंगला नंबर ऐ-82 की पड़ताल की तो उसके होश फाक्ता हो गए. बंगले के अदंर वाकई माला लखानी और उसके नौकर बहादुर की खून से सनी हुई लाश पड़ी थी.

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पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद कर लिया है पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद कर लिया है

परवेज़ सागर / शम्स ताहिर खान

  • नई दिल्ली,
  • 16 नवंबर 2018,
  • अपडेटेड 1:22 PM IST

पूरी ज़िंदगी वो सुई-धागे से खेलता रहा. सिलाई मशीन चलाने में तो उसका कोई सानी ही नहीं था. ऐसे कपड़े सिलता कि फैशन की दुनिया से जुड़े लोग वाह-वाह कर उठते. पर वो पर्दे के पीछे का सितारा था. कपड़े बेशक वही सिलता पर वाहवाही उसकी फैशन डिजाइनर को मिलती. ये कहानी दिल्ली की एक मशहूर फैशन डिजाइनर और उनकी दर्ज़ी की है. एक ऐसे दर्ज़ी की जिसकी नज़र एक रोज़ फैशन डिजाइनर की दौलत पर जा गड़ी. बस उसी दौलत को पाने के लिए उसने कैंची रख, खंजर उठा लिय़ा.

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रात 10 बजे, लखानीज़ ए-82, वसंत कुंज एन्कलेव, साऊथ दिल्ली

दिल्ली की जानी मानी फैशन डिज़ाइनर और सोशलाइट माला लखानी के बंगले के बाहरी गेट पर डोर बेल बजी. चूंकी ये बंगला इतना बड़ा है लिहाज़ा अधेड़ उम्र के बहादुर को मेन घर से बाहरी दरवाज़े तक आने में कुछ वक्त लगा. फैशन इंडस्ट्री में माला बेहद मशहूर थीं.. दिल्ली के पॉश वसंत कुंज इलाके में इस बंगले के अलावा उनका दिल्ली में एक बुटीक भी था. जो रसूखदार और रईस महिलाओं का फैशन हब था. इसी बुटीक के लिए वो अपने इस बंगले में ड्रेसेज़ तैयार करवाती थीं. ड्रेस को डिज़ाइन वो खुद करती थीं. मगर उनकी सिलाई के लिए उन्होंने एक टेलर को रखा हुआ था.

14 नवंबर 2018 बुधवार, रात 10 बजे

बंगला नंबर ए-8 में उनका टेलर राहुल आया था. ड्रेस लेकर. उसके साथ उसके दो साथी थे. वो भी टेलर थे. लिहाज़ा देर रात होने के बावजूद उन्हें बंगले में एंट्री मिल गई. बंगले के एक कमरे को माला ने अपना वर्कशॉप बना रखा था. जहां राहुल अपने दो साथियों की मदद से माला को ड्रेस दिखा रहा था. तभी माला ने जैसे ही ड्रेस में कुछ तब्दीलियां करने की बात शुरू की. सूत्रों के मुताबिक राहुल ने अपने कपड़ों में छुपाई हुई उस चाकू को निकाला और माला के जिस्म में घोंपाना शुरू कर दिया. उसके दो साथियों ने माला को पकड़ रखा था और राहुल लगातार माला को चाकू मारता जा रहा था कि तभी नौकर बहादुर ने चीख पुकार की आवाज़ सुनी और माला को बचाने के लिए इनसे भिड़ गया. मगर इन लोगों ने माला को मारने के बाद बहादुर के जिस्म को भी चाकुओं से छलनी कर दिया.

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चंद मिनटों में डबल मर्डर के बाद बड़े इत्मिनान से इन तीनों लोगों ने बंगले में जमकर लूटपाट की और नकदी ज़ेवर के अलावा कीमती सामान बटोरे. और फिर माला की ही कार में उसे भरकर फरार हो गए. खून से सनी माला और नौकर बहादुर की लाश बंगले के अंदर थी. और बाहर किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. सर्द रात होने की वजह से लोग अपने अपने घरों में ही थे.

दिल्ली के पॉश वसंत कुंज एन्क्लेव के बंगले में कत्ल करने के बाद राहुल और उसके दोनों साथी माला लखानी की कार से दिल्ली के अलग अलग इलाकों में घूमते रहे. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि लूटे हुए माल और कार को लेकर वो जाएं तो कहां जाएं? क्योंकि उन्हें भी पता था कि बंगले में लगे सीसीटीवी कैमरे में उनके आने और कार से वापस जाने की तस्वीरें कैद हो चुकी हैं. लिहाज़ा उन पर इस कदर खौफ होवी हो गया कि इससे पहले कि इस डबल मर्डर का खुलासा हो पाता और पुलिस उन्हें ढूंढती. उन्होंने खुद ही थाने में पहुंच कर सरेंडर कर दिया.

14 और 15 की दरमियानी रात में दिल्ली के सबसे पॉश इलाकों में से एक वसंत कुज के इस बंगले में डबल मर्डर हो चुका था. मगर पूरा इलाका अनजान था. यहां तक की इलाके में पेट्रोलिंग करने वाली पुलिस को भी इसकी भनक तक नहीं थी. चाकू लगने के बाद भी अगर लोगों को पता चल जाता तो माला लखानी और उनके नौकर बहादुर बच सकते थे. मगर अब उम्मीद बेहद कम थी. क्योंकि करीब 5 घंटे बीत चुके थे.

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15 नवंबर 2018, सुबह 3 बजे, वसंत कुंज पुलिस स्टेशन

नाइट ड्यूटी में तैनात वसंत कुंज थाने के पुलिसवाले उस वक्त हैरान रह गए. जब रात करीब 3 बजे ये तीन लड़के थाने पहुंचे. पुलिस वाले अभी कुछ समझ पाते उससे पहले ही इन तीनों ये कहकर पूरे थाने में सनसनी फैला दी कि इन लोगों ने वसंत कुंज इक्लेव के ऐ-82 नंबर के बंगले में दिल्ली मशहूर फैशन डिज़ाइनर माला लखानी और उसके नौकर बहादुर का कत्ल कर दिया है. शुरूआत में पुलिस को यकीन नहीं हुआ मगर फिर इन तीनों में से राहुल ने बताया कि वो माला लखानी के बंगले में टेलर के तौर पर काम करता है और उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस डबल मर्डर को अंजाम दिया. बंगले में लूटपाट भी की है. यहां तक की बंगले से भागने के लिए उन्होंने माला की ड्यूंडाई कार भी बंगले से उठाई है. जो इस वक्त पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी है.

पुलिस ने राहुल और उसके दोनों साथी रहमत और बासित के निशान देही पर जब बंगला नंबर ऐ-82 की पड़ताल की तो उसके होश फाक्ता हो गए. बंगले के अदंर वाकई में 53 साल की मशहूर फैशन डिज़ाइन माला लखानी और 50 साल के उसके नौकर बहादुर की खून से सनी हुई लाश पड़ी थी. राहुल के कहे मुताबिक बंगले की हालत से साफ नज़र आ रहा था कि यहां बड़े इत्मिनान से लूटपाट भी की गई है. दोनों लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद पुलिस ने मामले की तफ्शीश शुरू की और लूटे गए माल को राहुल और उसके दोस्तों के बताए ठिकानों से बरामद कर लिया गया. सीसीटीवी की तस्वीरें भी इस बात की तस्दीक कर रही थीं कि रात 10 बजे ही ये तीनों बंगला नंबर ऐ-82 में घुसे और करीब 1 घंटे बाद माला लखानी की इस ह्यूंडाई कार में बैठकर बंगले से निकले भी.

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15 नवंबर 2018, सुबह 5 बजे, वसंत कुंज पुलिस स्टेशन, दिल्ली

करीब दो घंटे पुलिस पड़ताल करती रही. मगर बंगले पर लोगों का जमावड़ा शुरू हुआ, सुबह करीब 5 बजे सबसे पहले पड़ोसी शकील अहमद ने माला के बंगले के बाहर पुलिस को देखा. फौरन मौके पर पहुंचे तो पता चला कि माला और उनके नौकर की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गई है. लोगों को यकीन नहीं हो रहा था कि हमेशा शांत रहने वाली माला को कोई क्यों मारेगा. चूंकि माला शादीशुदा नहीं थी इसलिए घरेलू झगड़े की बात भी कभी सामने नहीं आई थी.

सवाल ये था कि अगर राहुल ने माला की हत्या की साज़िश 10 दिन पहले से करनी शुरू कर दी थी. तो उसने सरेंडर क्यों किया और जब सरेंडर ही करना था तो फिर उसने कत्ल के बाद लूटपाट क्यों कि और जब लूटपाट की तो फिर लूटपाट की बात कबूली क्यों. तो फिर सौ बात की एक बात ये है कि टेलर ने क्यों किया फैशन डिज़ाइनर का मर्डर?

हालांकि पुलिस ने इस बात की फिलहाल तस्दीक नहीं की. मगर एक बात तो तय है कि पुलिस को दिल्ली के इस हाईप्रोफ़ाइल डबल मर्डर का पता शायद इतनी जल्दी कभी नहीं चलता, अगर क़ातिलों ने खुद थाने में पहुंच कर अपना जुर्म ना कबूल लिया होता.

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