RAT या RTPCR जांच में संक्रमित पाए गए मरीजों का दोबारा न हो आरटीपीसीआर टेस्ट: ICMR

आईसीएमआर के मुताबिक लैब के वर्क लोड को कम करने के लिए अंतरराज्यीय घरेलू यात्रा करने वाले स्वस्थ व्यक्तियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच को पूरी तरह से हटाया जा सकता है.

Advertisement
ICMR ने टेस्टिंग को लेकर नई एडवायजरी जारी की है. (फाइल फोटो) ICMR ने टेस्टिंग को लेकर नई एडवायजरी जारी की है. (फाइल फोटो)

मिलन शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 05 मई 2021,
  • अपडेटेड 9:08 AM IST
  • ICMR ने जारी की एडवायजरी
  • रैपिड एंटीजन टेस्ट बढ़ाने के संकेत
  • जांच लैब पर भार कम करने पर विचार

कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. लक्षण वाले मरीजों की जांच के लिए लंबी कतारें भी टेस्टिंग लैब के बाहर लग रही हैं. जांच करने वाली लैबों पर काफी भार है. ऐसे में टेस्टिंग लैब पर दबाव कम करने के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने मंगलवार को जांच के संदर्भ में एक एडवायजरी जारी की.

एडवायजरी में कहा गया है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति की दोबारा आरटी-पीसीआर जांच नहीं होनी चाहिए जो  रैपिड एंटीजन या आरटी-पीसीआर टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया हो. आईसीएमआर के मुताबिक लैब के वर्क लोड को कम करने के लिए अंतरराज्यीय घरेलू यात्रा करने वाले स्वस्थ व्यक्तियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच को पूरी तरह से हटाया जा सकता है. 

Advertisement

ICMR ने कहा कि जरूरी कारण से यात्रा करने वाले सभी बिना लक्षण वाले लोगों को कोविड नियमों का पालन जरूर करना चाहिए. एडवायजरी में यह भी बताया गया है कि GeM पोर्टल पर मोबाइल टेस्टिंग लैब अब मौजूद हैं. राज्यों को मोबाइल सिस्टम के जरिए आरटी-पीसीआर जांच करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है.

एडवायजरी में यह भी कहा गया है कि रैपिड एंटीजन टेस्ट की अनुमति जल्द ही सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवा केंद्र पर दी जा सकती है. शहर, कस्बों, गांवों में भी लोगों की जांच के लिए आरएटी बूथ बनाए जा सकते हैं. स्कूल, कॉलेज और कम्युनिटी सेंटर पर भी आरएटी टेस्टिंग बूथ बनाए जा सकते हैं. 

Advertisement

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »