चीन में कोरोना विस्फोट के बीच भारत के लिए राहत की खबर, एक्सपर्ट ने बताया क्यों बेअसर रहेगा BF.7 वेरिएंट

दुनियाभर में बढ़ रहे कोविड मामलों को देखते हुए भारत में भी सख्ती बरती जा रही है. केंद्र सरकार ने भी कोविड मामलों में ग्लोबल बढ़ोतरी को देखते हुए राज्यों को स्वास्थ्य सुविधाओं पर मॉक ड्रिल करने को कहा है. इस बीच, भारत को लेकर एक्सपर्टस ने राहत भरी खबर दी है. एक्सपर्ट ने भारतीयों की इम्युनिटी को मजबूत बताया है.

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सांकेतिक तस्वीर. सांकेतिक तस्वीर.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 7:43 PM IST

चीन में कोरोनावायरस से हाहाकार मचा है. वहां वेरिएंट BF.7 तेजी से लोगों को संक्रमित कर रहा है. इस बीच, भारत के लिए राहत की खबर है. यहां एक्सपर्ट ने कोरोना को लेकर बड़ा दावा किया है. CSIR- सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB) के निदेशक विनय के नंदीकूरी के मुताबिक, ज्यादातर भारतीयों के पास अब हाइब्रिड इम्युनिटी है. यानी उन्होंने वैक्सीनेशन के जरिए इम्युनिटी हासिल कर ली है. ऐसे में BF.7 वेरिएंट यहां उतना असर नहीं कर पाएगा, जितना चीन में लोगों को प्रभावित कर रहा है.

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बता दें कि चीन में कोरोना से हालात बिगड़ गए हैं. मीडिया रिपोटर्स में दावा किया गया कि वहां 20 दिन में ही मरीजों की संख्या 25 करोड़ हो गई है. ये आंकड़े सरकारी दस्तावेज लीक होने के बाद सामने आए हैं. कोरोना का ये वेरिएंट अमेरिका, यूके, बेल्जियम, जर्मनी, फ्रांस, डेनमार्क समेत कई यूरोपीय देशों में फैल चुका है. ऐसे में भारत सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है और इस वेरिएंट से निपटने की तैयारी की जा रही है. इसके साथ ही एक्सपर्टस के भी इस वेरिएंट को लेकर ओपेनियन सामने आ रहे हैं. 

'भारत को लेकर ज्यादा परेशानी वाली बात नहीं'

CCMB के डायरेक्टर विनय के नंदीकूरी ने कोरोना की गाइडलाइन का पालन करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा- हमेशा एक चिंता रहती है कि इम्युनिटी से इन सभी वेरिएंट में बचने की क्षमता होती है और वे उन लोगों को भी संक्रमित कर सकते हैं जिन्होंने वैक्सीनेशन करवाया है. यहां तक ​​कि कभी-कभी ओमिक्रॉन के पिछले वेरिएंट से संक्रमित भी हो सकते हैं. हालांकि, भारत में संक्रमण को लेकर उतनी ज्यादा परेशानी वाली बात नहीं है, जितनी डेल्टा के वक्त हुई थी. ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारे पास एक हद तक हर्ड इम्युनिटी आ गई है. यही वजह है कि हम अन्य वायरस के संपर्क में आने के बावजूद हर्ड इम्युनिटी की वजह से सुरक्षित हैं.

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'चीन ने वैक्सीनेशन पर नहीं दिया ध्यान'

उन्होंने कहा कि हमने (भारत) डेल्टा लहर देखी है जो सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली रही. फिर हमने वैक्सीनेशन किया और फिर ओमिक्रॉन लहर आई. तब हमने बूस्टर डोज जारी रखी. हम कई मायनों में अलग हैं. चीन में जो हो रहा है, वो भारत में नहीं हो सकता है. चीन में 'जीरो कोविड पॉलिसी' अपनाई गई. फिर उसमें छूट दे दी गई. इसी वजह से वहां संक्रमण फैल गया. इसके अलावा, चीन में वैक्सीनेशन पर भी ध्यान नहीं दिया गया, जिसकी वजह से अब हालात बिगड़ गए और अब सरकार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है.

'भारत में बूस्टर डोज ने कर दिया सुरक्षित'

उन्होंने कहा- यह सच है कि चीन में जीरो कोविड पॉलिसी का पालन किया जाता है और यह भी फैक्ट है कि चीन में बहुत से लोगों ने वैक्सीनेशन नहीं करवाया है. जबकि भारत में बुजुर्गों से लेकर युवाओं और बच्चों को भी वैक्सीनेशन के जरिए सुरक्षित किया गया. यहां लोगों को बूस्टर खुराक भी दी गई है. चूंकि बुजुर्गों को लेकर खास ऐहतियात बरतने की जरूरत होती है. लेकिन, चीन ने खास ध्यान नहीं दिया. 

'भारत में कोरोना को लेकर पर्याप्त तैयारी'

नंदीकूरी ने आगे कहा कि यह दावा नहीं किया जा सकता है कि भारत में कोई लहर आ सकती है या नहीं. अभी तक ऐसा नहीं लगता है कि एक लहर तुरंत आ रही है. वर्तमान में भारत के अंदर कोविड टेस्ट के साथ-साथ चिकित्सा और टीकाकरण दोनों के लिए पर्याप्त क्षमता है.

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बताते चलें कि भारत में कोरोनावायरस के BF.7 वेरिएंट के 4 केस आ चुके हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि देश में कोरोना के 201 नए केस मिले. यहां एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 3,397 हो गई है.

 

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