इस समय क्रिकेट प्रेमियों की नजर वैभव सूर्यवंशी पर टिकी है. आयरलैंड दौरे पर वैभव को खेलने का मौका नहीं मिला और अब इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार को होने वाले मैच में वो खेलते हैं या नहीं, इस पर तमाम तरह के कयास लगा जा रहे हैं.
दरअसल, महज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने IPL में जमकर धूम मचाया. 16 मैचों में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप और मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर पर अपना कब्जा जमा लिया. जैसे-जैसे वैभव के बल्ले से रन बरस रहे हैं, ठीक उसी तरह उनपर पैसे भी बरस रहे हैं. IPL से वैभव को 1.10 करोड़ रुपये मिलते हैं, जबकि उन्होंने IPL में कुल रन 776 बनाए हैं, इस हिसाब से एक रन की कीमत करीब 14000 रुपये बैठती है.
धमाकेदार प्रदर्शन के बाद वैभव की ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त उछाल आया है और उनकी एंडोर्समेंट फीस भी प्रति डील 50 लाख रुपये से बढ़कर करीब 1.5 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने वाले वैभव सूर्यवंशी फिलहाल 1.10 करोड़ रुपये के सालाना IPL कॉन्ट्रैक्ट पर हैं. IPL नियमों की वजह से फिलहाल उनकी सैलरी में बदलाव संभव नहीं है, लेकिन इस बीच ब्रांड मार्केट में उनकी कीमत तेजी से बढ़ चुकी है.
अक्सर क्रिकेट की दुनिया में तहलका मचाने वाले क्रिकेटर तुरंत विज्ञापन की दुनिया में छा जाते हैं. लेकिन वैभव के साथ फिलहाल ऐसा नहीं हो रहा है, वैभव सूर्यवंशी सीमित विज्ञापनों में नजर आ रहे हैं? इसके पीछे क्या कारण हो सकता है? क्या बड़ी कंपनियां खासकर ऑटोमोबाइल और लाइफस्टाइल जैसी इंडस्ट्रीज उनसे दूर भाग रही हैं?
राह में कानूनी अड़चनें
दरअसल, पिछले कुछ महीनों में वैभव खेल के प्रति काफी मैच्योर भी हो गए हैं. लेकिन अभी भी उनकी उम्र 15 साल है, उनकी कम उम्र की वजह से कुछ कानूनी सीमाएं हैं, जिससे बड़ी ऑटोमोबाइल या एडल्ट-ओरिएंटेड कंपनियां उन्हें फिलहाल साइन नहीं कर पा रही हैं.
बता दें, IPL 2026 में 'सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन' बनने पर वैभव सूर्यवंशी को इनाम में Tata Sierra कार मिली. लेकिन मजेदार बात यह है कि वह इस कार को अभी चला नहीं सकते, क्योंकि भारतीय कानून के मुताबिक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए.
ऐसे में कोई भी कार, बाइक या ऑटोमोबाइल कंपनी किसी ऐसे चेहरे को अपनी गाड़ी चलाते हुए विज्ञापन में नहीं दिखा सकती, जिसके पास कानूनी रूप से ड्राइव करने की उम्र ही न हो. अगर कोई ऑटोमोबाइल ब्रांड 15 साल के लड़के को गाड़ी के विज्ञापन में दिखाता है, तो इससे सोसाइटी में माइनर ड्राइविंग को बढ़ावा देने का गलत संदेश जाएगा, जिससे कानूनी विवाद खड़ा हो सकता है. यही वजह है कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज अभी उनसे दूरी बनाए हुए है.
एडल्ट-ओरिएंटेड ब्रांड्स की ये मजबूरियां
लाइफस्टाइल सेगमेंट में कई ऐसी कैटेगरीज हैं, जो एडल्ट्स को टारगेट करती हैं, जैसे कि डियोड्रेंट, मेन्स ग्रूमिंग (बियर्ड ऑयल, शेविंग किट्स), लग्जरी घड़ियां या फिर गेमिंग ऐप्स (फैंटेसी क्रिकेट). भारत में कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट और Advertising Standards Council of India (ASCI) के कड़े नियम हैं, कोई भी 15 साल का लड़का इन प्रोडक्ट्स का विज्ञापन नहीं कर सकता है. इसलिए वैभव सूर्यवंशी भी नहीं कर सकते हैं.
इसके अलावा फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स जैसे कि क्रेडिट कार्ड, म्यूचुअल फंड या जटिल बैंकिंग सेवाओं के लिए भी कंपनियां एक नाबालिग को अपना मुख्य चेहरा बनाने से बचती हैं.
परिवार रखना चाहता है चमक-दमक से दूर
वैभव सूर्यवंशी के ब्रांड को मैनेज करने में उनकी IPL टीम राजस्थान रॉयल्स और उनके परिवार का अभी तक अहम रोल रहा है. वे जानबूझकर वैभव को चमक-दमक और बहुत ज्यादा आक्रामक कमर्शियलाइजेशन से बचा रहे हैं. परिवार का पता है कि वैभव की उम्र अभी 15 साल है कि बहुत ज्यादा विज्ञापन में सक्रियता होने से खेल प्रभावित हो सकता है.
फिलहाल, वैभव सूर्यवंशी केवल उन्हीं ब्रांड्स को चुन रहे हैं, जो उनकी उम्र और उनके के लिए फिट हैं. उदाहरण के लिए वैभव इस समय हेल्थ ड्रिंक Complan और Google Pay के पॉकेट मनी ऐप जैसे ब्रांड्स को प्रमोट कर रहे हैं, जो युवाओं और परिवारों के बीच बेहद लोकप्रिय और सुरक्षित माने जाते हैं.
वहीं आज के दौर में ब्रांड्स भी बहुत सतर्क हो गए हैं, पहले जहां क्रिकेटर्स के साथ 3 से 5 साल के लंबे एग्रीमेंट्स होते थे, वहीं अब कंपनियां वैभव जैसी उभरती प्रतिभाओं के साथ केवल 2 से 3 साल का शॉर्ट-टर्म कॉन्ट्रैक्ट करना चाहती हैं. कंपनियां पहले यह देखना चाहती हैं कि इंटरनेशनल लेवल पर उनका प्रदर्शन कैसा रहता है.
हालांकि इस बीच तमाम रिपोर्ट्स बता रही हैं कि फिलहाल स्पोर्ट्स ड्रिंक्स, क्रिकेट बैट्स, न्यूट्रिशन और हाई-परफॉर्मेंस फुटवियर (शूज कंपनियां) की लगभग आधा दर्जन बड़ी कंपनियां चेक बुक हाथ में लेकर उन्हें साइन करने के लिए कतार में खड़ी हैं. वे वैभव के युवा होने का सबसे पहले फायदा उठा चाहती हैं.
इन सबके बीच लोग उनकी कमाई और सैलरी के बारे में जानने की दिलचस्पी दिखाई है. आइए जानते हैं उनकी कमाई कितनी है. फिलहाल मैच फीस कमाई का सबसे बड़ा जरिया है, इसके अलावा विज्ञापन से कमाई होती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक वैभव की अनुमानित नेटवर्थ करीब 3 करोड़ रुपये के बीच है.
भारतीय टीम में शामिल होने के बाद कमाई
अब जैसे वैभव को इंटरनेशनल क्रिकेट में शामिल किया गया है, तो उन्हें बीसीसीआई से सैलरी मिलेगी. अनुमान है कि उन्हें लिस्ट बी या सी में रख सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर Grade B में रखा जाता है तो उन्हें 3 करोड़ रुपये और Grade C में रखा जाता है तो 1 करोड़ रुपये मिल सकते हैं. वहीं अगर ग्रेड A में रखने पर उन्हें 5 करोड़ रुपये की सैलरी मिल सकती है. जिससे अचानक नेटवर्थ में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
आजतक बिजनेस डेस्क