आज जुलाई का आखिरी दिन है और कल यानी 1 अगस्त 2026 से देश में कई बड़े बदलाव (Rule Change From 1st August) लागू होने जा रहे हैं. इसका असर आम से लेकर खास आदमी की जेब पर पड़ने वाला है. पहली तारीख से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में संशोधन से लेकर रेल यात्रियों के लिए तत्काल टिकट के नियम में बदलाव तक शामिल हैं. यानी ये Rule Change घर की रसोई से लेकर रेल के सफर तक पर असर डालने वाले साबित होंगे.
पहला बदलाव: हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी करती हैं. तो 1 अगस्त 2026 को भी सुबह-सुबह LPG Cylinder New Rates सामने आ सकते हैं. बीते महीने कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती का तोहफा दिया था. लेकिन 14 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंडर का दाम स्थिर रखा था.
दूसरा बदलाव: अगस्त महीने के पहले दिन होने वाला दूसरा बदलाव हवाई यात्रियों की जेब पर असर डालने वाला साबित हो सकता है. दरअसल, LPG Cylinder Price Change के साथ ही ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की शुरुआत में हवाई ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल के नए भाव भी जारी करती हैं. ATF Price Change का सीधा असर एयरलाइंस की ऑपरेशनल कॉस्ट पर पड़ता है और ये हवाई यात्रियों की यात्रा पर होने वाले खर्च का बोझ बढ़ा या घटा सकता है.
तीसरा बदलाव: 1st August से भारतीय रेलवे भी बड़ा बदलाव लागू करने जा रही है, जिसे जानना रेल से सफर करने के शौकीन लोगों के लिए जरूरी है. दरअसल, Indian Railway तत्काल टिकट बुकिंग से जुड़ा नियम बदल (Tatkal Ticket Booking Rule Change) रही है. इसके तहत अब टोकन देने का समय तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होने के समय के साथ होगा, जिससे रिजर्वेशन काउंटर पर भीड़ कम हो सकेगी. अब तक यात्रियों को पहले टोकन लेने और फिर टिकट बुक कराने के लिए अलग-अलग समय पर काउंटर जाना पड़ता है.
चौथा बदलाव: अगला बदलाव बैंक से जुड़ा हुआ है. पहली तारीख से कई बैंक भी अपनी सर्विसेज पर लागू चार्ज में चेंज कर रहे हैं. इनमें शामिल उज्जिवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank) अपने ग्राहकों के लिए SMS Alert चार्ज में बदल रहा है. अब मंथली लिमिट के साथ 30 पैसे प्रति SMS शुल्क लागू होगा.
पांचवां बदलाव: अगस्त महीने की शुरुआत आम जनता पर महंगाई की मार लाने वाली साबित हो सकती है. त्योहारों के मौसम में सुबह की चाय की चुस्की से लेकर कपड़े, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन तक की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगले महीने से कई सेक्टर्स में कीमतें बढ़ने की आशंका है, जिनमें FMCG प्रोडक्ट्स में चाय, हेयर ऑयल, साबुन जैसी रोजमर्रा की चीजों की कीमत 6-8% बढ़ सकती है. तो रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन और TV जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स सामान भी 4-6% तक महंगे हो सकते हैं. इसके अलावा इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी का बोझ ऑटोमोबाइल कंपनियां अपने ग्राहकों पर कारों की कीमत बढ़ाकर (Car Price Hike) डाल सकती हैं.
छठा बदलाव: आयकर विभाग द्वारा टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए 31 जुलाई की लास्ट डेट तय की गई थी, जो खत्म हो रही है और 1 अगस्त से लेट आईटीआर (बिलेटेड रिटर्न) भरने पर इनकम के हिसाब से 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है.
सातवां बदलाव: क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड और शुल्क बदल सकते हैं. कई बैंक 1 अगस्त से अपनी क्रेडिट कार्ड नीतियों में बदलाव करने जा रहे हैं. इन बदलावों में रिवॉर्ड पॉइंट प्रोग्राम, वार्षिक रखरखाव शुल्क और अन्य चार्ज में संशोधन देखने को मिल सकता है. इसके अलावा अगस्त से ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नए निर्देशों के तहत क्रेडिट कार्ड होल्डर्स को बिलिंग में ज्यादा पारदर्शिता का फायदा मिलेगा. इसके मुताबिक, कार्ड जारी करने वाली कंपनियों को कंपाउंडेड फाइनेंस चार्ज की कैलकुलेशन के लिए इस्तेमाल होने वाली मूल राशि में बकाया सुविधा शुल्क, लेट पेनल्टी चार्ज और वैधानिक टैक्स जोड़ने से मना किया गया है.
आठवां बदलाव: बैंकिंग को आसान बनाने के लिए CKYC 2.0 का रोलआउट शुरू हो रहा है. बैंकिंग, बीमा और म्यूचुअल फंड सेक्टर 1 अगस्त से एडवांस्ड केंद्रीय ग्राहक पहचान 2.0 को लागू कर सकते हैं. इसके तहत, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन डिजिटल अप्रूवल हासिल करने के बाद एक सेंट्रल डेटाबेस के जरिए ग्राहक की सत्यापित पहचान संबंधी जानकारी तक पहुंच सकेंगे. इसका फायदा ये है कि ग्राहकों को बैंक खाता खोलने, बीमा पॉलिसी खरीदने या अन्य वित्तीय लेनदेन के लिए हर बार एक ही तरह के KYC डॉक्युमेंट जमा नहीं करने होंगे.
नौंवा बदलाव: 1 अगस्त से लागू होने वाला अगला चेंज GST से जुड़ा है. जीएसटी से जुड़े नियम में बदलाव (GST Rule Change) सीधे बिजनेस, दुकान या ट्रेडिंग करने वालों पर असर डालेंगे. रिपोर्ट के मुताबिक, ई-इनवॉइस और ई-वे बिल (e-Way Bill) सिस्टम को बेहतर और ट्रांसपरेंट बनाया जा रहा है. इसके तहत बिल-टू-शिप-टू (Bill To–Ship To) लेन-देन में शिप-टू GSTIN देना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही GSTIN, स्टेट कोड समेत अन्य जानकारियों को चेक करेगा. अन्य बदालव के तहत अब कारोबारी ई-वे बिल को स्वेच्छा से बंद भी कर सकेंगे.
दसवां बदलाव: आखिरी बदलाव की बात करें, तो अगर आपको अगस्त महीने में बैंक से जुड़ा को जरूरी काम है, तो फिर रिजर्व बैंक की अगले महीने के लिए बैंक हॉलिडे लिस्ट (RBI Bank Holiday List) देखकर ही घर से निकलें. अगले महीने रक्षाबंधन, पेट्रियट्स डे, स्वतंत्रता दिवस, ईद-ए-मिलाद/बारावफात/मिलाद-उन-नबी समेत कई मौकों पर बैंक में कामकाज नहीं होगा. ये अवकाश अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हो सकते हैं. हालांकि, बैंक हॉलिडे के दौरान Online Banking का इस्तेमाल कर बैंकिंग कार्य निपटाए जा सकते हैं.
आजतक बिजनेस डेस्क