नवंबर में बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, ऑक्‍सफोर्ड इकोनॉमिक्‍स का दावा!

नवंबर के महीने में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं. ऑक्‍सफोर्ड के इकोनॉमिक्‍स का दावा है कि ईंधन की कीमतें बढ़ने के साथ ही आरबीआई रेपो रेट में भी बढ़ोतरी कर सकता है.

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पेट्रोल-डीजल के दाम में हो सकती है बढ़ोतरी. (Photo: ITG) पेट्रोल-डीजल के दाम में हो सकती है बढ़ोतरी. (Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 16 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:46 PM IST

भारत नवंबर में फ्यूल की कीमतें बढ़ा सकता है. ऐसा दावा ऑक्‍सफोर्ड इकोनॉमिक्‍स ने किया है. उनके अनुसार, नवंबर के दौरान इसमें मामूली बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे अगले साल की शुरुआत में महत्‍वपूर्ण राज्‍य चुनावों के लिए प्रचार तेज होने से पहले पेट्रोल पंप की कीमतों में बढ़ोतरी करेन के लिए एक सीमित अवसर मिलेगा. 

 ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की प्रमुख अर्थशास्त्री एलेक्जेंड्रा हरमन प्रसाद ने कहा कि पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नवंबर महीने के दौरान दिख रही है. यह बढ़ोतरी तब होने की संभावना है, जब अगले साल 7 राज्‍यों में चुनाव है, उनमें से पांच राज्‍यों में, जिसमें उत्तर प्रदेश और पंजाब शामिल हैं, मार्च और मई के बीच मतदान होने हैं. ऐसे में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना राजनीतिक मोड़ ले सकती है. 

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तेजी से बढ़ सकती है महंगाई
इकोनॉमिक्‍स का कहना है कि यह बढ़ोतरी मई में की गई ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की आधी हो सकती है. मई में मिडिल ईस्‍ट में तनाव के कारण रिटेल फ्यूल प्राइस के दाम बढ़ गए थे. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इस तरह की बढ़ोतरी से खुदर महंगाई दर अक्‍टूबर-दिसंबर तिमाही में 6.2 फीसदी और 2027 के पहले तीन महीनों में 6.5 फीसदी तक पहुंच सकती है, जो RBI के 2 से 6 फीसदी के महंगाई टारगेट से ज्‍यादा है. 

महंगाई को लेकर आरबीआई का अनुमान
वहीं इस महीने की शुरुआत में अपनी मॉनिटरी पॉलिसी की समीक्षा बैठक में, RBI ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए महंगाई 6% रहने का अनुमान लगाया था, जो जनवरी-मार्च में घटकर 5.7% हो जाएगी. ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स को उम्मीद है कि अगले साल कीमतों पर दबाव बढ़ेगा और मार्च में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए महंगाई 5.4% रहने का अनुमान है, जबकि RBI का अनुमान 5.2% है. 

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आरबीआई को बढ़ाना पड़ सकता है रेपो रेट
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अगर अधिकारी नवंबर में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान नहीं करते हैं, तो ऑक्‍सफोर्ड इकोनॉमिक्‍स के महंगाई अनुमान आगामी तिमाहियों में 10 से 30 बेसिस पॉइंट तक गिर सकते हैं. फिर भी, महंगाई उच्‍च बनी रहेगी, जिससे आरबीआई को अक्‍टूबर में चौथाई अंक की बढ़ोतरी के बाद दिसंबर और फरवरी के नीतिगत बैठकों में ब्‍याज दरों में 25 से 50 बेसिस अंकों की बढ़ोतरी करने के लिए प्रेरित होना पड़ सकता है. 

हरमन प्रसाद ने कहा कि मुद्रा बाजार में आरबीआई के हालिया उपायों से रुपये की अस्थिरता को नियंत्रित करने में मदद मिलनी चाहिए. हालांकि, तेल की ऊंची कीमतों और लगातार बाहरी फंडिंग के दबाव के कारण केवल हस्तक्षेप से ही मुद्रा की स्थायी स्थिरता सुनिश्चित होने की संभावना नहीं है.

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