रेलवे का नया सेफ्टी प्लान... AI कैमरे रखेंगे क्रॉसिंग पर नजर, गेट खुला रहा तो कर देंगे अलर्ट!

रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर हादसों को रोकने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद लेने जा रहा है. नॉन-इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग पर सोलर पावर से चलने वाले AI-इनेबल्ड CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी लाइव फीड स्टेशन मास्टर और इंजीनियरिंग कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी. AI सिस्टम गेट के खुला रहने या तय समय पर बंद नहीं होने की स्थिति में तुरंत अलर्ट देगा.

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लेवल क्रॉसिंग पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए भारतीय रेलवे AI कैमरों का इस्तेमाल करेगा. (Photo: AI/Gemini) लेवल क्रॉसिंग पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए भारतीय रेलवे AI कैमरों का इस्तेमाल करेगा. (Photo: AI/Gemini)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:52 AM IST

इंडियन रेलवे नॉन-इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग (बिना गेटमैन वाली रेलवे क्रॉसिंग) पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और हादसों को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इनेबल्ड सर्विलांस कैमरे लगाने जा रहा है. इसका उद्देश्य ट्रेन को आगे बढ़ाने से पहले लेवल क्रॉसिंग गेट की स्थिति की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित करना है.

फिलहाल नॉन-इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग पर नजदीकी रेलवे स्टेशन से ट्रेन को रवाना करने की अनुमति मिलने के बाद गेटमैन की जिम्मेदारी होती है कि वह क्रॉसिंग का गेट बंद और लॉक करे. इसके बाद वह प्राइवेट नंबर (PN) के जरिए स्टेशन मास्टर को गेट बंद होने की पुष्टि करता है.

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रेलवे सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में स्टेशन मास्टर को काफी हद तक गेटमैन की इस पुष्टि पर निर्भर रहना पड़ता है. गेट वास्तव में बंद हुआ है या नहीं, इसकी स्वतंत्र रूप से जांच करने का कोई सीधा तरीका मौजूद नहीं है. इसी सुरक्षा खामी को दूर करने के लिए रेलवे सभी नॉन-इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इनेबल्ड मॉडर्न सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी कर रहा है.

सोलर पावर से चलेंगे CCTV कैमरे

रेलवे की प्लानिंग के मुताबिक नॉन-इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग पर लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरे सौर ऊर्जा से चलेंगे. इनसे नजदीकी रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर और इंजीनियरिंग कंट्रोल रूम को लाइव वीडियो फीड मिलेगी. इससे अधिकारी रियल टाइम में लेवल क्रॉसिंग की स्थिति देख सकेंगे और ट्रेन को आगे बढ़ाने से पहले यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि गेट बंद है.

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रेलवे ने एक और सिक्योरिटी लेयर सुनिश्चित करने के लिए जोनल रेलवे के जनरल मैनेजरों को AI बेस्ड अलर्ट सिस्टम शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं. इसके लिए जरूरी सिक्योरिटी प्रोटोकॉल और सिस्टम एकुरेट हो यह तय करने को कहा गया है. यह AI सिस्टम गेट के खुला रह जाने या निर्धारित समय के भीतर बंद नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को अलर्ट दे सकता है.

कडलूर हादसे के बाद लिया फैसला

रेलवे बोर्ड ने नॉन-इंटरलॉक्ड लेवल क्रॉसिंग पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला, 8 जुलाई 2025 को तमिलनाडु के कडलूर जिले में हुए एक हादसे के बाद लिया. कडलूर में गेटमैन द्वारा संचालित लेवल क्रॉसिंग पर ट्रेन और स्कूल वैन की टक्कर में तीन स्कूली बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हुए थे.

आरोप था कि गेटमैन ने संबंधित स्टेशन मास्टर को लेवल क्रॉसिंग गेट बंद होने की जानकारी दी थी, लेकिन गेट खुला रह गया. इसके बाद वहां से गुजर रही ट्रेन स्कूल वैन से टकरा गई. इस हादसे ने मौजूदा व्यवस्था में गेट बंद होने की पुष्टि के लिए स्वतंत्र निगरानी की जरूरत को सामने रखा.

गेट खुला रहने पर तुरंत मिलेगा अलर्ट

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, AI-इनेबल्ड सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम इस सुरक्षा कमी को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकता है. लाइव वीडियो फीड के जरिए स्टेशन मास्टर और इंजीनियरिंग कंट्रोल रूम के अधिकारी खुद देख सकेंगे कि ट्रेन के रवाना होने से पहले लेवल क्रॉसिंग गेट बंद है या नहीं.

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इसके अलावा, AI सिस्टम अगर गेट को खुला या निर्धारित समय के बाद भी बंद नहीं पाता है, तो संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेज सकता है. इससे ट्रेन के आगे बढ़ने से पहले समय रहते हस्तक्षेप किया जा सकेगा और लेवल क्रॉसिंग पर हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत तैयार होगी.

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