Gold-Silver Price: नहीं खरीद पाए सस्ता सोना-चांदी, अचानक 10 हजार रुपये बढ़ा भाव

दिवाली-धनतेरस से पहले ही सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी आई है. हालांकि, इसके बाद भी सोना और चांदी अभी काफी नीचे है. ऐसे में निवेशकों में इन धातुओं को खरीदने को लेकर उत्‍साह देखा जा रहा है.

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सोने-चांदी की कीमों में तेजी. (Photo: Getty) सोने-चांदी की कीमों में तेजी. (Photo: Getty)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 04 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:29 PM IST

पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट देखी गई थी. सोना अपने रिकॉर्ड हाई से 30 फीसदी तक टूट चुका था और चांदी रिकॉर्ड हाई से करीब 60 फीसदी टूट चुकी थी, लेकिन अब सोने और चांदी की कीमतों में भारी तेजी देखी जा रही है. 

अपना बॉटम बनाने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में गजब की उछाल आई है. बुधवार को MCX पर गोल्‍ड फ्यूचर करीब 3000 रुपये तक चढ़ गया, जबकि सिल्‍वर फ्यूचर 6000 रुपये से ज्‍यादा चढ़ गई है. हालांकि, आज के निचले स्‍तर से 10 हजार रुपये चढ़ चुकी है. दिसंबर फ्यूचर के लिए सिल्‍वर प्राइस 185719 रुपये प्रति किलो है. वहीं सोने का भाव 142423 रुपये प्रति 10 ग्राम है. 

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अचानक क्‍यों आई ये तेजी? 

  1. अमेरिकी डॉलर कमजोर: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स करीब 0.3% गिरकर 101.52 पर आ गया. डॉलर कमजोर होने से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना सस्ता पड़ता है. इससे इंटरनेशनल डिमांड को सहारा मिलता है. 
  2. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट: अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई. जब बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न घटता है, तो निवेशकों के लिए सोना रखने की अवसर लागत कम हो जाती है. इससे सोने की मांग बढ़ सकती है.
  3. अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों से अनिश्चितता: अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के शुरुआती नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी को कुछ अहम बढ़त मिली. इससे अमेरिकी राजनीति और ट्रंप प्रशासन की नीतियों को लेकर बाजार में अनिश्चितता बढ़ी. ऐसे माहौल में कुछ निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानकर खरीदते हैं. 
  4. भू-राजनीतिक तनाव से सुरक्षित निवेश की मांग: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष और राजनीतिक अनिश्चितता के कारण सोने की सुरक्षित निवेश वाली मांग को समर्थन मिल सकता है. 
  5. घरेलू बाजार में त्योहारों की मांग: भारत में सोने और चांदी की खरीदारी पर घरेलू मांग का भी असर पड़ता है. हालांकि ऊंची कीमतों के कारण ज्वेलरी की मांग पर दबाव है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक 2026 में भारत की सोने की मांग छह साल के निचले स्तर पर जा सकती है.

सोना-चांदी अभी कितना सस्‍ता? 
रिकॉर्ड हाई से देखा जाए तो सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट अभी भी है. चांदी की कीमत अपने हाई से 2.35 लाख रुपये सस्‍ती है, जबकि सोने की कीमत 52 हजार रुपये टूट चुका है. सोना चांदी का भाव तब इतना सस्‍ता हुआ है, ज‍ब इंटरनेशनल मार्के में सोने-चांदी की कीमत काफी गिरी है और कच्‍चे तेल की कीमतें भी काफी ऊपर पहुंच गई है. 

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एक्‍सपर्ट्स की क्‍या है राय? 
SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की वंदना भारती का मानना ​​है कि सोना जल्द ही काफी मजबूत दिख रहा है. वह मौजूदा कंसोलिडेशन को अगली बढ़त के लिए एक संभावित बेस के तौर पर देखती हैं. इंटरनेशनल लेवल पर, COMEX गोल्ड को $4,000 प्रति औंस के अहम लेवल से ऊपर बने रहने की जरूरत है. एक बड़ा ब्रेकआउट कीमतों को $4,200 तक पहुंचा सकता है, जबकि $3,900 एक अहम सपोर्ट बना हुआ है. MCX पर, भारती को लगता है कि सोना ₹1,42,000 प्रति 10 ग्राम की ओर बढ़ रहा है, जिसे ₹1,37,000 पर सपोर्ट मिल रहा है. 

(नोट- सोने और चांदी में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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