जेन जी को लेकर अक्सर ये बातें हो रही हैं कि इस पीढ़ी के समय दुनिया में नौकरियां जा रही हैं, क्राइसिस का माहौल है और कमाई करना मुश्किल है. लेकिन बीसीजी सेंटर फॉर मैक्रोइकनॉमिक्स की नई रिपोर्ट इससे अलग तस्वीर पेश करती है. रिपोर्ट के मुताबिक, समान उम्र में जेन जी की कमाई मिलेनियल्स, जेन एक्स और बेबी बूमर्स की कमाई से ज्यादा है. इसके बावजूद इस पीढ़ी को अपनी आर्थिक स्थिति पहले की पीढ़ियों से खराब लगती है.
रिपोर्ट का नाम द किड्स आर ऑलराइट: द टाइमलेस एंग्स्ट ओवर यंग पीपल एंड मनी है. इसे अर्थशास्त्री फिलिप कार्लसन-स्जेलेक, पॉल स्वार्ट्ज और हेनरी रुबिन ने तैयार किया है. उनका कहना है कि जेन जी के पिछड़ने की आम धारणा आंकड़ों पर खरी नहीं उतरती, हालांकि छात्र कर्ज, बदलता लाइफस्टाइल और महंगे शहरी मकानों जैसी उसकी चुनौतियां वास्तविक हैं.
रिपोर्ट की शुरुआत 1866 में हॉल्स जर्नल ऑफ हेल्थ नाम की स्वास्थ्य पत्रिका में छपे द मेन वोंट प्रपोज नाम के लेख की एक शिकायत से होती है. इसमें कहा गया था, अब घर खरीदने के लिए छोटी-मोटी दौलत चाहिए और फर्नीचर की हर चीज की कीमत दस साल पहले के मुकाबले करीब तीन गुना हो गई है. यह बात जेन जी शब्द गढ़े जाने से एक सदी से भी पहले लिखी गई थी.
रिपोर्ट में जेन जी की आर्थिक तरक्की और उसकी निराशा के बीच के विरोधाभास की तुलना चार्ल्स डिकेंस की रचनाओं से की गई है. अ टेल ऑफ टू सिटीज की शुरुआती पंक्तियों में सबसे अच्छे और सबसे बुरे समय, समझदारी और मूर्खता के दौर, विश्वास और अविश्वास के युग, रोशनी और अंधेरे के मौसम तथा उम्मीद और निराशा का एक साथ जिक्र है. बीसीजी के वैश्विक मुख्य अर्थशास्त्री कार्लसन-स्जेलेक के मुताबिक, रिपोर्ट के आंकड़े भी करीब ऐसी ही तस्वीर दिखाते हैं.
कमाई और सम्पत्ति दोनों में आगे Gen Z
आय के मामले में जेन जेड ने बूमर्स के बाद पीढ़ियों के बीच सबसे बड़ी बढ़त बनाई है. जेन जेड के सबसे उम्रदराज कामगार 28 साल की उम्र में स्थिर डॉलर मूल्य पर $42,000 की औसत मध्य आय कमाते हैं. यह समान उम्र में मिलेनियल्स की कमाई से 25% और बूमर्स की कमाई से 50% ज्यादा है.
बीसीजी का कहना है कि संपत्ति के मामले में अकेले जेन जी की तुलना करना अभी जल्दबाजी होगी. लेकिन मिलेनियल्स के साथ जोड़कर देखने पर आज के युवा पिछली पीढ़ियों से आगे हैं. 34 साल की उम्र में मिलेनियल्स की औसत कुल संपत्ति $331,000 है, जबकि समान उम्र में जेन एक्स की संपत्ति $251,000 और बूमर्स की संपत्ति $229,000 थी.
सोफाई और यूगोव के 4,090 अमेरिकियों पर किए गए नए सर्वे में भी यही अंतर दिखा. Gen Z और मिलेनियल्स के 62% लोग आराम से रिटायर होना चाहते हैं, लेकिन केवल 46% को भरोसा है कि वे ऐसा कर पाएंगे. सोफाई की रिपोर्ट के मुताबिक, जेन जेड केवल आर्थिक लाभ नहीं देख रही, बल्कि यह भी समझने की कोशिश कर रही है कि उसके पैसे से मिलने वाला भावनात्मक लाभ कितना है. सर्वे के आंकड़े बीसीजी के इस तर्क का समर्थन करते हैं कि जेन जेड की उम्मीदें बहुत बड़ी हैं और वह अपनी मौजूदा आर्थिक स्थिति की मजबूती को नजरअंदाज करती दिख रही है.
लेखकों के मुताबिक, जेन जेड और मिलेनियल्स करियर, आय और संपत्ति बनाने के अपने अलग संघर्ष से गुजर रहे हैं. वे छात्र कर्ज और घर खरीदने की क्षमता जैसी खास चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. इसके बावजूद वे एक पीढ़ी के रूप में बड़े स्तर पर आगे बढ़ रहे हैं.
बदलती अर्थव्यवस्था का Gen Z का असर
रिपोर्ट ने के आकार वाली अर्थव्यवस्था की उस धारणा का सबसे कड़ा जवाब दिया है, जिसके मुताबिक अमीर आगे निकल रहे हैं और बाकी सभी पीछे छूट रहे हैं. लेखकों के अनुसार, 2020 के बाद लगभग हर साल सबसे निचले आय वर्ग की वेतन वृद्धि सबसे ऊंचे वर्ग से तेज रही है. अलग-अलग आय वर्गों में संपत्ति की बढ़ोतरी भी करीब-करीब समान अनुपात में हुई है.
सोफाई के मुताबिक, जेन जेड के 77% लोगों को भरोसा है कि वे कारोबार शुरू कर सकते हैं, जबकि पुरानी पीढ़ियों में यह आंकड़ा 58% है. क्रिप्टो में निवेश के मामले में जेन जेड की संभावना बूमर्स से चार गुना ज्यादा है. जेन जेड में यह आंकड़ा 26% और बूमर्स में 6% है.
युवा अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा शेयरों में भी रखते हैं, जिससे वे बाजार के उतार-चढ़ाव के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं. कार्लसन-स्जेलेक ने कहा कि शेयरों में ज्यादा निवेश से मंदी वाले बाजार के दौरान जेन जेड के कुछ समय के लिए पिछड़ने का जोखिम बढ़ता है. उन्होंने 2008 के वित्तीय संकट से जेन एक्स और बूमर्स की संपत्ति के रुझान पर पड़े असर का भी जिक्र किया.
रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि जेन जेड और मिलेनियल्स छात्र कर्ज, महंगे मकानों और बाजार के जोखिम जैसी वास्तविक चुनौतियों से जूझ रहे हैं, लेकिन आय और संपत्ति के कई आंकड़े उनकी व्यापक तरक्की दिखाते हैं. इसके बावजूद बड़ी उम्मीदों और सोशल मीडिया से बनी तुलना के कारण उन्हें अपनी आर्थिक स्थिति वास्तविकता से ज्यादा खराब महसूस हो रही है.
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