हर माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और भविष्य में उन्हें पैसों की कमी का सामना न करना पड़े. बेटी की पढ़ाई से लेकर उसकी शादी और बेटे की हायर एजुकेशन या भविष्य की दूसरी जरूरतों तक, इन लक्ष्यों के लिए समय रहते बचत शुरू करना बेहद जरूरी है. ऐसे में सरकारी सपोर्ट वाली लंबी अवधि की बचत योजनाएं माता-पिता के लिए एक सुरक्षित विकल्प हो सकती हैं.
अगर आप बच्चों के भविष्य के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) दो ऐसे विकल्प हैं जिन पर विचार किया जा सकता है. फिलहाल SSY पर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है, जबकि PPF की ब्याज दर 7.1 फीसदी है. यानी SSY, PPF से 1.1 प्रतिशत अंक ज्यादा ब्याज दे रही है. हालांकि, सिर्फ ब्याज दर देखकर किसी एक योजना को चुनना सही नहीं होगा.
बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना
सुकन्या समृद्धि योजना खास तौर पर बेटियों के लिए बनाई गई है. इसका उद्देश्य बच्ची की शिक्षा और शादी जैसे लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों के लिए एक डेडिकेटेड कॉर्पस तैयार करना है. इस योजना में 15 साल तक पैसा जमा किया जा सकता है, जबकि अकाउंट खुलने की तारीख से 21 साल पूरे होने पर यह मैच्योर होता है. लंबी अवधि और कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि) की वजह से नियमित निवेश समय के साथ बड़ा फंड तैयार करने में मदद कर सकता है. फिलहाल SSY पर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है. हालांकि, स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरें समय-समय पर सरकार की ओर से बदली जा सकती हैं.
बेटे के भविष्य के लिए PPF एक अच्छा विकल्प
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) का दायरा सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की तुलना में ज्यादा व्यापक है. यह किसी खास जेंडर (बच्चा या बच्ची) के लिए सीमित नहीं है और लंबी अवधि के कई वित्तीय लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. PPF की मूल अवधि 15 साल होती है. इसके बाद इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है. नियमों और पात्रता शर्तों के मुताबिक इसमें आंशिक निकासी और लोन की सुविधा भी उपलब्ध है. यही वजह है कि PPF को रिटायरमेंट प्लानिंग, बच्चों की पढ़ाई, बच्चों की शादी और सामान्य लंबी अवधि की बचत जैसे लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
SSY और PPF में ब्याज का अंतर
वर्तमान में SSY पर 8.2 फीसदी और PPF पर 7.1 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है. यानी दोनों के बीच 1.1 प्रतिशत अंक का अंतर है. लंबी अवधि में कंपाउंडिंग के कारण ब्याज दर का यह अंतर आपके कॉर्पस पर असर डाल सकता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर निवेशक के लिए सुकन्या समृद्धि योजना, पब्लिक प्रोविडेंट फंड से बेहतर है. SSY का सबसे बड़ा फायदा इसकी बेटी-केंद्रित संरचना है, जबकि PPF ज्यादा व्यापक और लचीले वित्तीय लक्ष्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
किस लक्ष्य के लिए कौन सी योजना?
अगर आपका मुख्य लक्ष्य बेटी की शिक्षा या उसके भविष्य के लिए एक अलग फंड तैयार करना है और आप SSY के लिए पात्र हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना पर विचार किया जा सकता है. वहीं, अगर आप बेटे की पढ़ाई, रिटायरमेंट, शादी या किसी अन्य लंबी अवधि के लक्ष्य के लिए बचत करना चाहते हैं, तो PPF ज्यादा व्यापक विकल्प हो सकता है. यानी दोनों योजनाओं का उद्देश्य और उपयोग अलग है. इसलिए सवाल सिर्फ यह नहीं है कि किसमें ज्यादा ब्याज मिल रहा है, बल्कि यह भी है कि आपके पैसे का लक्ष्य क्या है और आपको किस तरह की लचीलापन चाहिए.
टैक्स के मामले में दोनों हैं आकर्षक
SSY और PPF दोनों को टैक्स के लिहाज से आकर्षक बचत योजनाओं में गिना जाता है. पात्र योगदान पर सेक्शन 80C के तहत डिडक्शन का लाभ मिल सकता है, लेकिन यह लागू सीमा और चुने गए Tax Regime के नियमों पर निर्भर करता है. इन योजनाओं में मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी राशि आम तौर पर टैक्स-फ्री ट्रीटमेंट के दायरे में आती है, लेकिन निवेश करने से पहले मौजूदा टैक्स नियमों की पुष्टि करना जरूरी है.
SSY और PPF दोनों में निवेश कर सकते हैं?
हां, अगर आप पात्र हैं तो दोनों योजनाओं को एक ही वित्तीय योजना का हिस्सा बनाया जा सकता है. उदाहरण के लिए, बेटी की शिक्षा और भविष्य के लिए SSY में नियमित निवेश किया जा सकता है, जबकि बेटे की पढ़ाई, रिटायरमेंट या किसी अन्य लंबे लक्ष्य के लिए PPF का इस्तेमाल किया जा सकता है. इस तरह दोनों योजनाएं एक-दूसरे की जगह लेने के बजाय अलग-अलग वित्तीय लक्ष्यों को पूरा कर सकती हैं.
आजतक बिजनेस डेस्क