अगर आप आईपीओ (IPO) में पैसे लगाना चाह रहे हैं, तो ये हफ्ता आपके लिए एक बेहतरीन मौका है. खासकर 9 सितंबर को करीब 30 साल के बाद ऐसा संयोग बन रहा है, जब एक साथ 6 मेनबोर्ड आईपीओ खुलेंगे.
वैसे तो 9 सितंबर यानी बुधवार को कुल 9 आईपीओ ओपन होंगे, जिसमें 6 मेनबोर्ड (Mainboard) और 3 आईपीओ SME हैं. भारतीय कैपिटल मार्केट के इतिहास में यह लगभग 30 साल के बाद पहला मौका है. जब एक ही दिन में इतने सारे मुख्य बोर्ड आइपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध होंगे.
आंकड़ों के मुताबिक इससे पहले 14 अक्टूबर 1996 को एक ही दिन में 6 मेनबोर्ड आईपीओ लॉन्च हुए थे. हालांकि, दोनों दौर में सबसे बड़ा अंतर जुटाए जाने वाले फंड का है. 1996 में जहां 6 आईपीओ के जरिए महज 22 करोड़ रुपये जुटाए गए थे, वहीं इस बार ये 6 कंपनियां मिलकर बाजार से करीब 4,386 करोड़ रुपये जुटाने वाली हैं.
किन 6 कंपनियों के खुल रहे हैं IPO?
1. Rentomojo (रेंटोमोजो): इस सूची में सबसे बड़ा आईपीओ 1,255.57 करोड़ रुपये का है, इसका प्राइस बैंड 384-404 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, इसमें 150 रुपये करोड़ का फ्रेश इश्यू और शेष ऑफर फॉर सेल (OFS) है.
2. Karamtara Engineering: ये कंपनी 875 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है, जिसका प्राइस बैंड 241-254 रुपये प्रति शेयर है.
3. Manipal Payment & Identity Solutions: यह आईपीओ 805 करोड़ रुपये का है, जिसका प्राइस बैंड 322-339 रुपये तय किया गया है.
4. Asset Reconstruction Company (ARCIL): ये कंपनी 732.97 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है. यह पूरा इश्यू OFS पर आधारित है, जिसका प्राइस बैंड 132-139 रुपये है.
5. LCC Projects: यह आईपीओ भी 9 सितंबर से ओपन हो रहा है, कुल 427.14 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान है, और आईपीओ का प्राइस बैंड
139-146 रुपये तय किया गया है.
6. Steamhouse India: यह कंपनी इस आईपीओ के जरिए 414 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है. प्राइस बैंड 77 से 81 रुपये के बीच है.
इसके अलावा 9 सितंबर को तीन SME आईपीओ भी ओपन हो रहे हैं. जिनके नाम Amtech Esters, Vinod Texworld और Infrax Renewable हैं.
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, प्राइमरी मार्केट में कंपनियों की इस होड़ के पीछे कई बड़े कारण हैं.
म्यूचुअल फंड में भारी इनफ्लो (SIP Flow): हर महीने घरेलू म्यूचुअल फंडों में निवेशकों का मोटा पैसा आ रहा है. सेकेंडरी मार्केट में लिक्विडिटी को संतुलित रखने के लिए नए शेयरों और फ्रेश इक्विटी की आपूर्ति जरूरी है. कंपनियों को रोडशो के दौरान खुदरा और संस्थागत निवेशकों (QIBs) से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है.
गौरतलब है कि शेयर बाजार में इस हफ्ते IPO की जबरदस्त बहार देखने को मिलने वाली है. 7 से 11 सितंबर के बीच 12 कंपनियां अपने पब्लिक इश्यू लेकर निवेशकों के सामने आने वाली हैं. इन IPO के जरिए कंपनियां कुल मिलाकर करीब 7,180 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं. दिलचस्प बात है कि ये हलचल ऐसे समय में हो रही है, जब इसी महीने NSE जैसे मेगा IPO भी दस्तक देने वाला है.
क्या करें निवेशक?
एक ही दिन में इतने सारे विकल्प मौजूद होने के कारण खुदरा निवेशकों के लिए फंड का प्रबंधन और सही आईपीओ का चुनाव करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. ऐसे में एक्सपर्ट्स की सलाह है कि निवेशक कंपनी के फाइनेंशियल्स, वैल्यूएशन (Valuation), बिजनेस मॉडल और सेक्टर के भविष्य का सही आकलन करके ही पैसे लगाएं.
आजतक बिजनेस डेस्क