Advertisement

यूटिलिटी

Post Office की 'धुरंधर' स्कीम, बुढ़ापे में पैसों की नो-टेंशन, हर महीने ₹20500 की कमाई

आजतक बिजनेस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 23 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:28 AM IST
  • 1/6

अगर आप भी चाहते हैं कि बुढ़ापा मौज में कटे और पैसों की कोई टेंशन न हो यानी नियमित आय पक्की रहे, तो इस लिहाज से पोस्ट ऑफिस द्वारा सरकारी योजनाएं आपके काम आ सकती है. रेग्युलर इनकम के लिए पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (Post Office SCSS Scheme) खासी लोकप्रिय है, जो एक बार निवेश पर ही हर महीने 20,500 रुपये की कमाई पक्की कर सकती है.

  • 2/6

'Zero' रिस्क, FD से ज्यादा ब्याज
हर कोई अपनी कमाई में से कुछ न कुछ सेविंग (Savings) करता है और उसे ऐसी जगह निवेश करना चाहता है, जहां पैसा सुरक्षित भी रहे और रिटर्न भी जोरदार मिले. लेकिन अगर सुरक्षित निवेश के साथ रिटायरमेंट के बाद रेग्युलर इनकम वाली सेविंग स्कीम की तलाश कर रहे हैं, तो फिर पोस्ट ऑफिर की ये सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम बढ़िया ऑप्शन है. यहां बता दें कि पोस्ट ऑफिस स्कीम्स में निवेश पर सुरक्षा की गारंटी खुद सरकार देती है, यानी ये Zero Risk Scheme के तौर पर फेमस हैं. PO SCSS में ब्याज भी बैंक एफडी से ज्यादा मिलता है. सरकार की ओर से निवेशकों को 8.2 फीसदी की दर से धांसू ब्याज दिया जा रहा है. 

  • 3/6

तगड़ा रिटर्न और TAX छूट भी
पोस्ट ऑफिस की इस सरकारी स्कीम (Govt Scheme) में निवेशक महज 1000 रुपये के शुरुआती इन्वेस्टमेंट से अपने निवेश की शुरुआत कर सकते हैं. इस स्कीम में मिल रहे ब्याज के आधार पर जहां तगड़ा रिटर्न मिलता है, तो इसे अन्य बेनेफिट भी है. इनमें से एक पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम टैक्स छूट (Tax Benefits) का लाभ भी देती है. इसमें निवेश करने वाले व्यक्ति को इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की सालाना टैक्स छूट मिल जाती है. 

Advertisement
  • 4/6

5 साल मैच्योरिटी, ये है ऐज लिमिट
Post Office सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में 60 साल या उससे अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति या पति/पत्नी के साथ जॉइंट अकाउंट खोला जा सकता है. कुछ मामलों में ऐज लिमिट में छूट का भी प्रावधान है. इनमें VRS लेने वाले व्यक्ति की उम्र खाता खुलवाते समय 55 साल से अधिक और 60 साल से कम हो सकती है, वहीं डिफेंस से रिटायर हुए कर्मचारी 50 साल से अधिक और 60 साल से कम उम्र में निवेश कर सकते हैं. इस सरकारी स्कीम का मैच्योरिटी पीरियड पांच साल का है. अगर इससे पहले खाता क्लोज किया जाता है, तो फिर निवेशक को पेनल्टी भी देनी पड़ती है.

  • 5/6

30 लाख तक कर सकते हैं निवेश
पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में मिलने वाले धांसू ब्याज का पेमेंट हर तीन महीने में किया जाता है. एकमुश्त निवेश करने के बाद आपकी मैच्‍योरिटी अवधि के लिए यही ब्याज दर लागू रहती है, भले ही सरकार तिमाही आधार पर किए जाने वाले संशोधन के तहत आगे चलकर ब्याज दरें क्यों न बदल दे. मैच्योरिटी से पहले खाताधारक की मृत्यु होने पर अकाउंट क्लोज कर दिया जाता है और सारी रकम दस्तावेजों में दर्ज नॉमिनी को सौंप दी जाती है.

  • 6/6

हर महीने ऐसे 20500 रुपये की कमाई
Post Office SCSS में निवेश के लिए सिंगल अकाउंट से 15 लाख एकमुश्‍त जमा करने की लिमिट तय की गई है. जबकि जॉइंट अकाउंट से 30 लाख रुपये अधिकतम निवेश किया जा सकता है. हम महीने की कमाई का कैलकुलेशन करें, तो मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 30 लाख रुपये Post Office सीनियर सिटीजन स्कीम में ज्‍वाइंट अकाउंट के तहत जमा किए हैं. इस पर तिमाही आधार पर उसे सिर्फ ब्‍याज से 61,500 रुपये मिलेंगे और यह पूरे 5 साल तक मिलता रहेगा. पांच साल बाद आप 30 लाख मूल राशि भी निकाल सकते हैं या फिर 3 साल के लिए और बढ़ा सकते हैं. 

हर महीने की कमाई को देखें, तो ₹30,00,000 पर 8.2% के इंटरेस्ट रेट पर सालाना ब्याज 2,46,000 रुपये होता है और तिमाही आधार पर देखें, तो ये 61,500 रुपये हो जाता है, जबकि मंथली ब्याज से कमाई 20,500 रुपये हो जाती है. आप किसी भी नजदीकी डाकघर में जाकर अपनी SCSS अकाउंट आसानी से खुलवा सकते हैं. 

Advertisement
Advertisement

लेटेस्ट फोटो

Advertisement