कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने बड़ी जानकारी शेयर की है. EPFO ने ब्याज डिपॉजिट को लेकर अपडेट देते हुए कहा है कि 34 करोड़ EPF खातों में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 फीसदी का ब्याज डिपॉजिट होने जा रहा है.
केंद्रीय श्रम और रोज़गार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि नए सेंट्रलाइज़्ड IT इनेबल्ड सर्विसेज (CITES) सिस्टम के जरिए सब्सक्राइबर्स के खातों में 1.44 लाख करोड़ रुपये से जमा किए जाएंगे.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि EPFO ने अपने सदस्यों के रिकॉर्ड वाले पूरे डेटाबेस को डीसेंट्रलाइज्ड आर्किटेक्चर से नए सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस में माइग्रेट करने के प्रॉसेस को पूरा कर लिया है.
नए सिटस्म के तहत ईपीएफ सदस्यों को एक यूनिफाइड मेंबर पोर्टल मिलेगा, जहां पर वे एक ही इंटरफेस के जरिए अपनी मेंबरशिप की जानकारी, पीएफ बैलेंस, क्लेम स्टेटस, पेंशन रिकॉर्ड सर्विस और अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि CITES प्लेटफ़ॉर्म क्लेम के ऑटोमेटेड प्री-वैलिडेशन की सुविधा भी देता है. पैसे निकालने की रिक्वेस्ट EPFO ऑफिस पहुंचने से पहले ही, सिस्टम पात्रता की जांच करेगा, कमियों की पहचान करेगा और अगर सदस्य तय सीमा से ज़्यादा रकम का क्लेम करने की कोशिश कर रहे होंगे, तो उन्हें इसकी जानकारी देगा.
बात दें कि CITES प्रोजेक्ट, ऑटोमेशन और नियमों पर आधारित प्रोसेसिंग के ज़रिए EPFO की सर्विस को आधुनिक बनाने की एक पहल है. इस प्रोजेक्ट को सदस्यों की सुविधा बढ़ाने और ईपीएफओ के कामकाज की क्षमता में सुधार करने के लिए डिजाइन किया गया है.
मंत्री ने जानकारी दी है कि इस योजना के तहत 15 जुलाई तक पीएफ का ब्याज कर्मचारियों और सदस्यों के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.