अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) ने ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया है. फेड ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करते हुए इन्हें 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के दायरे में बरकरार रखा है. फेडरल रिजर्व ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर कहा है कि आर्थिक गतिविधियां मजबूत रफ्तार से आगे बढ़ रही हैं. हालांकि, महंगाई अब भी हाई लेवल पर बनी हुई है. फेड के मुताबिक, अमेरिका में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार मजबूत गति से जारी है, लेकिन मुद्रास्फीति का दबाव अभी भी बना हुआ है. ऐसे में केंद्रीय बैंक ने फिलहाल ब्याज दरों को बरकरार रखने का फैसला किया है.
फेड ने अपने बयान में कहा, 'अधिक जानकारी मिलने से समिति को ऐसी मौद्रिक नीति तय करने में मदद मिलेगी, जिससे महंगाई को समय पर 2 प्रतिशत के लक्ष्य तक वापस लाया जा सके. समिति कीमतों में स्थिरता सुनिश्चित करेगी.'
दो अधिकारियों ने ब्याज दर बढ़ाने की मांग की
फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक और क्लीवलैंड फेड की अध्यक्ष बेथ हैमक ने ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले का विरोध किया. दोनों अधिकारियों ने ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी का समर्थन किया.
लिसा कुक को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप केंद्रीय बैंक से हटाने का प्रयास कर रहे हैं. वहीं, बेथ हैमक इससे पहले जुलाई में भी ब्याज दर बढ़ाने के पक्ष में मतदान कर चुकी हैं.
फेड का ताजा नीतिगत बयान 15-16 सितंबर की बैठक के मुकाबले महत्वपूर्ण बदलाव दिखाता है. इस बार केंद्रीय बैंक ने संकेत दिया है कि महंगाई की स्थिति के आधार पर भविष्य में ब्याज दरों को और बढ़ाया जा सकता है.
महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका
अमेरिका में महंगाई दर उम्मीद से अधिक रहने के बावजूद फेडरल रिजर्व ने फिलहाल ब्याज दरें बढ़ाने से परहेज किया है. पिछले महीने केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की थी.
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में निवेश मजबूत बना हुआ है. वहीं, रोजगार में बढ़ोतरी श्रमबल की वृद्धि के अनुरूप है. हालांकि, महंगाई का दबाव अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में फैलने की आशंका बनी हुई है.
खास तौर पर ऊर्जा की ऊंची कीमतें चिंता का विषय हैं. डीजल की कीमत अधिक होने से परिवहन, कृषि और अन्य उद्योगों पर असर पड़ रहा है.
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों पर भी नजर
अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने हैं. इन चुनावों से तय होगा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगी या डेमोक्रेटिक पार्टी नेतृत्व की स्थिति हासिल करेगी.
महंगाई और जीवनयापन की बढ़ती लागत इन चुनावों के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं. ऐसे में फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श दोपहर 2:30 बजे अमेरिकी पूर्वी समय के अनुसार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नीतिगत फैसले और आर्थिक परिदृश्य की जानकारी देंगे.
दिसंबर में फिर बढ़ सकती हैं ब्याज दरें
निवेशकों को उम्मीद है कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए दिसंबर से ब्याज दरों में फिर बढ़ोतरी शुरू हो सकती है और यह सिलसिला 2027 तक जारी रह सकता है.
फिलहाल अमेरिका की महंगाई दर फेडरल रिजर्व के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से लगभग एक प्रतिशत अंक ऊपर है. पिछले कुछ महीनों में महंगाई को नियंत्रित करने की दिशा में बहुत कम प्रगति हुई है.
अमेरिकी केंद्रीय बैंक पिछले साढ़े पांच वर्षों से महंगाई को अपने निर्धारित लक्ष्य तक लाने में असफल रहा है. इससे कुछ अधिकारियों को चिंता है कि कंपनियां और आम उपभोक्ता लगातार बढ़ती कीमतों के आदी हो सकते हैं. यदि ऐसा हुआ तो भविष्य में महंगाई पर नियंत्रण पाना और मुश्किल हो सकता है.
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