बिकने वाला था नील आर्मस्ट्रांग के बचपन का घर, पूर्व पायलट ने 3.5 करोड़ देकर बचाया

श्राइबर ने भी इस गर्मी में घर का दौरा किया, उन्होंने बताया कि वहां पहुंचकर उन्हें ऐसा लगा, मानो नील आर्मस्ट्रांग की मौजूदगी अब भी उस घर में हो. उनके मुताबिक, वह कल्पना कर सकते थे कि आर्मस्ट्रांग बचपन में सीढ़ियों पर ऊपर-नीचे दौड़ते होंगे.

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नील आर्मस्ट्रांग का घर अब बनेगा म्यूजियम (Picture credit: AP) नील आर्मस्ट्रांग का घर अब बनेगा म्यूजियम (Picture credit: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 26 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:19 PM IST

चांद पर कदम रखने वाले दुनिया के पहले इंसान नील आर्मस्ट्रांग के बचपन के घर को अब निजी हाथों में जाने से बचा लिया गया है. अमेरिका के ओहायो राज्य में स्थित इस ऐतिहासिक घर को बचाने के लिए पूर्व फाइटर पायलट केन श्राइबर ने 4 लाख डॉलर यानी करीब 3.5 करोड़ रुपये की मदद दी. उनकी इस पहल से स्थानीय ऐतिहासिक संस्था ऑग्लाइज काउंटी हिस्टोरिकल सोसायटी इस घर को खरीदने में सफल रही. सोमवार को घर की खरीद की प्रक्रिया पूरी हो गई और अब इसका मालिकाना हक संस्था के पास है.

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केन श्राइबर उस समय 9 साल के थे, जब नील आर्मस्ट्रांग ने 1969 में चांद पर पहला कदम रखा था. आर्मस्ट्रांग की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने श्राइबर पर गहरा प्रभाव छोड़ा. कई दशक बाद जब उन्हें पता चला कि आर्मस्ट्रांग के बचपन का घर बिकने वाला है, तो उन्होंने इसे बचाने का फैसला किया.

अगस्त में उन्होंने इस घर की बिक्री से जुड़ी खबर पढ़ी. बाद में उन्हें जानकारी मिली कि इसे संरक्षित करने के लिए कोई आगे नहीं आया है, इसके बाद उन्होंने घर खरीदने में मदद के लिए 4 लाख डॉलर देने का निर्णय लिया. श्राइबर ने कहा कि उन्हें लगा कि किसी न किसी को इसकी जिम्मेदारी उठानी चाहिए, उन्होंने अपने पिता की सीख भी याद की, जो कहते थे कि जीवन में ऐसा काम करना चाहिए जिससे अपनी पहचान बने.

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इसी घर में मॉडल विमान बनाते थे आर्मस्ट्रांग

ओहायो के वपाकोनेटा शहर में 601 वेस्ट बेंटन स्ट्रीट पर स्थित यह दो मंजिला मकान नील आर्मस्ट्रांग के शुरुआती जीवन का अहम हिस्सा रहा है. बचपन में आर्मस्ट्रांग इसी घर के डाइनिंग रूम में विमानों के मॉडल बनाया करते थे. उन्होंने घर के बेसमेंट में हवा की सुरंग जैसा एक ढांचा भी बनाया था, जहां वे अपने मॉडल विमानों को परखते थे.

आर्मस्ट्रांग को बचपन से ही उड़ान और विमानन में दिलचस्पी थी, उन्होंने पहली बार अकेले विमान उड़ाया और 16 साल की उम्र में पायलट का लाइसेंस हासिल किया. आगे चलकर यही रुचि उन्हें अंतरिक्ष की ऐतिहासिक यात्रा तक ले गई.

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2030 तक पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी

यह घर अब तक आम लोगों के लिए नहीं खोला गया था, हालांकि आर्मस्ट्रांग एयर एंड स्पेस म्यूजियम आने वाले लोग इसे बाहर से देखने के लिए यहां पहुंचते रहे हैं. ऐतिहासिक संस्था की योजना घर को उस दौर जैसा रूप देने की है, जब आर्मस्ट्रांग यहां बचपन में रहते थे. संस्था 2030 तक इसे पर्यटकों के लिए खोलना चाहती है. उस साल आर्मस्ट्रांग के जन्म के 100 साल पूरे होंगे.

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घर के पुराने स्वरूप को समझने के लिए संस्था 1940 के दशक की तस्वीरों और अन्य ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर काम कर रही है. इसके साथ ही मरम्मत, रखरखाव और भविष्य में इसे संरक्षित रखने के लिए धन जुटाने की कोशिश भी की जा रही है.

घर में आते थे अंतरिक्ष यात्री

इस मकान को 1988 में इतिहास की रिटायर्ड शिक्षिका करेन माइक सेल ने खरीदा था, उन्होंने कई सालों में यहां नौ अंतरिक्ष यात्रियों की मेजबानी की, जिनमें नील आर्मस्ट्रांग के साथ चांद पर जाने वाले बज एल्ड्रिन भी शामिल थे. 2012 में आर्मस्ट्रांग के निधन के कुछ साल बाद जब एल्ड्रिन उनके पुराने बेडरूम में गए, तो उनकी आंखों से आंसू बहने लगे थे.

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