भारत के ऑफिस लीजिंग मार्केट में 2026 के पहले 9 महीनों में 66.7 मिलियन वर्ग फीट ऑफिस स्पेस लीज पर लिया गया. नाइट फ्रैंक इंडिया (Knight Frank India) की Q3 2026 (जुलाई-सितंबर) रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से सितंबर के दौरान देश के 8 प्रमुख शहरों में ऑफिस लीजिंग पिछले साल की समान अवधि के लगभग बराबर रही.
हालांकि, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), फ्लेक्स ऑफिस ऑपरेटर्स और घरेलू कारोबारों की बढ़ती मांग ने बाजार की तस्वीर बदल दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान ऑफिस लीजिंग 18.7 मिलियन वर्ग फीट रही. ये पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 5% ज्यादा और पिछली तिमाही के मुकाबले 3% अधिक है.
GCC की हिस्सेदारी बढ़कर 41%
ऑफिस लीजिंग मार्केट में सबसे बड़ा बदलाव डिमांड के तौर पर सामने आया है. ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की हिस्सेदारी बढ़कर 41% हो गई, जो 2025 के पहले 9 महीनों में 37% और 2024 में 31% थी. इस दौरान GCCs ने 27.4 मिलियन वर्ग फीट ऑफिस स्पेस लीज पर लिया जो सालाना आधार पर 10.4% की बढ़ोतरी है.
वहीं फ्लेक्स ऑफिस स्पेस के लिए 16.1 मिलियन वर्ग फीट जगह लीज पर ली गई, जिससे कुल लीजिंग में उनकी हिस्सेदारी 24% रही, जो सालाना आधार पर 14% ज्यादा है. वहीं भारत पर फोकस रखने वाली कंपनियों ने 14.3 मिलियन वर्ग फीट ऑफिस स्पेस लिया जिससे कुल लीजिंग में उनकी हिस्सेदारी 21% रही. उधर थर्ड-पार्टी IT सर्विसेज की लीजिंग 36% घटकर 9 मिलियन वर्ग फीट रह गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ये 14.1 मिलियन वर्ग फीट थी. रिपोर्ट के मुताबिक, GCCs, फ्लेक्स ऑपरेटर्स और घरेलू कंपनियों की बढ़ी मांग ने थर्ड-पार्टी IT सर्विसेज की घटती लीजिंग की भरपाई करने में मदद की.
बेंगलुरु में सबसे ज्यादा ऑफिस लीजिंग
जनवरी-सितंबर 2026 के दौरान 16.7 मिलियन वर्ग फीट ऑफिस स्पेस की लीजिंग के साथ बेंगलुरु सबसे आगे रहा. हालांकि, ये पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 26% कम है. हैदराबाद में 13.1 मिलियन वर्ग फीट ऑफिस स्पेस लीज पर लिया गया, जो सालाना आधार पर 50% ज्यादा है. मुंबई में 9.9 मिलियन वर्ग फीट लीजिंग दर्ज की गई, जिसमें 33% की बढ़ोतरी हुई.
दिल्ली-NCR में लीजिंग 4% घटी
दिल्ली-NCR में जनवरी-सितंबर के दौरान 9.6 मिलियन वर्ग फीट ऑफिस स्पेस लीज पर लिया गया, जो पिछले साल की समान अवधि से 4% कम है. पुणे में 8.8 मिलियन वर्ग फीट लीजिंग के साथ 18% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. चेन्नई में 5.9 मिलियन वर्ग फीट लीजिंग हुई, जो 26% कम है. अहमदाबाद में 1.3 मिलियन वर्ग फीट के साथ 7% की बढ़ोतरी, जबकि कोलकाता में 1.5 मिलियन वर्ग फीट के साथ 9% की गिरावट दर्ज की गई.
तीसरी तिमाही में हैदराबाद सबसे आगे
जुलाई-सितंबर 2026 के दौरान हैदराबाद में 5.6 मिलियन वर्ग फीट ऑफिस स्पेस लीज पर लिया गया. ये पिछले साल की समान तिमाही से 92% ज्यादा है. इस दौरान देश की कुल ऑफिस लीजिंग में हैदराबाद की हिस्सेदारी 30% रही.
नए ऑफिस स्पेस की सप्लाई 50% बढ़ी
ऑफिस स्पेस की नई सप्लाई में भी तेज बढ़ोतरी हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के पहले 9 महीनों में 48.6 मिलियन वर्ग फीट नया ऑफिस स्पेस तैयार हुआ. ये पिछले साल की समान अवधि के 32.5 मिलियन वर्ग फीट से 50% ज्यादा है. नई सप्लाई में बेंगलुरु 19.4 मिलियन वर्ग फीट के साथ सबसे आगे रहा. हैदराबाद में 9.7 मिलियन वर्ग फीट नया ऑफिस स्पेस तैयार हुआ. तीसरी तिमाही में ही 21.5 मिलियन वर्ग फीट ऑफिस स्पेस पूरा हुआ, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 74% ज्यादा है.
नई सप्लाई बढ़ने के बीच ऑफिस की खाली जगह की दर (Vacancy Rate) भी बढ़ी है. तीसरी तिमाही में ये 14.7% रही, जबकि एक साल पहले 14.5% थी. हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक, खाली जगह में बढ़ोतरी की वजह नई सप्लाई के आने का समय और उसकी लोकेशन है. इस्तेमाल हो रहे ऑफिस स्पेस का कुल स्टॉक सालाना आधार पर 6.8% बढ़कर 917.7 मिलियन वर्ग फीट हुआ.
ऑफिस के किराये में 3% से 13% तक बढ़ोतरी
नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, तीसरी तिमाही में सभी 8 प्रमुख शहरों में ऑफिस किराये सालाना आधार पर बढ़े. कोलकाता में सबसे ज्यादा 13% और दिल्ली-NCR में 12% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. कोलकाता में 13% बढ़ोतरी के साथ किराया ₹52 प्रति वर्ग फीट प्रति महीना पर पहुंच गया. दिल्ली-NCR में 12% बढ़ोतरी के साथ किराया ₹106.5 प्रति वर्ग फीट प्रति महीना हो गया. हैदराबाद में 9% बढ़ोतरी के बाद किराया ₹82 प्रति वर्ग फीट प्रति महीना जबकि बेंगलुरु में 8% बढ़ोतरी के साथ किराया ₹103.6 प्रति वर्ग फीट प्रति महीना हो गया.
सभी 8 शहरों में बढ़े ऑफिस किराये
चेन्नई में 7% बढ़ोतरी के साथ ऑफिस रेंटल ₹75.1 प्रति वर्ग फीट प्रति महीना हो गए. पुणे में 6% बढ़ोतरी के साथ ऑफिस किराया ₹83 प्रति वर्ग फीट प्रति महीना हो गया. वहीं मुंबई में ऑफिस किराया ₹135.8 प्रति वर्ग फीट प्रति महीना हो गया और इसमें 5% की बढ़ोतरी हो गई. अहमदाबाद में 3% बढ़ोतरी के साथ किराया ₹45.5 प्रति वर्ग फीट प्रति महीना हो गया. मुंबई में औसत ऑफिस किराया सबसे ज्यादा रहा. वहीं, तिमाही आधार पर किराये में सबसे तेज 4% की बढ़ोतरी भी मुंबई में दर्ज की गई.
क्या है आगे का संकेत?
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल (Shishir Baijal) के मुताबिक, ग्लोबल स्तर पर अनिश्चितता के बावजूद भारत के ऑफिस मार्केट में मांग बनी हुई है. GCCs का विस्तार, फ्लेक्स ऑफिस स्पेस की मांग और घरेलू कंपनियों की गतिविधियां बाजार को सहारा दे रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के पूरे साल में ऑफिस लीजिंग पिछले साल के रिकॉर्ड स्तर के आसपास रह सकती है.
आदित्य के. राणा