'शेयर बाजार छोड़ दें, अगर...' उतार-चढ़ाव वाले मार्केट पर दिग्‍गज की सलाह!

पिछले एक-दो सालों में शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव रहा है, जिस कारण निवेशकों को नुकसान और प्रॉफिट कम हुआ है. अब इसे लेकर एक दिग्‍गज निवेशक ने लोगों को मार्केट के उतार-चढ़ाव पर खास सलाह दी है.

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शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव पर निवेशक की खास सलाह. (Photo: File/ITG) शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव पर निवेशक की खास सलाह. (Photo: File/ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 09 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:52 PM IST

पिछले कुछ साल में शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है. इस दौरान म्‍यूचुअल फंड से लेकर इक्विटी में निवेश करने वाले बहुत से निवेशकों का प्रॉफिट कम हुआ है या फिर कम मुनाफा हुआ है. इस बीच, पीपीएफएएस एसेट मैनेजमेंट के मुख्य निवेश अधिकारी राजीव ठक्कर ने निवेशकों को एक खास सलाह दी है. 

उनका कहना है कि इक्विटी निवेश से सावधि जमा जैसी निश्चितता चाहने वाले निवेशकों को अपनी ख्‍वाहिशों पर फिर से विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इक्विटी रिटर्न अस्थिरता के साथ आता है और निवेशक अनिश्चितता और कम प्रदर्शन समय को स्वीकार किए बिना उच्च रिटर्न की संभावना की उम्मीद नहीं कर सकते. 

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गारंटी रिटर्न चाहते हैं तो बैंक एफडी में अकाउंट खोले
ठक्कर ने हाल के दिनों में शेयरों के कमजोर प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए कहा कि बैंक FD पर रिटर्न की गारंटी देने का एकमात्र तरीका बैंक एफडी खोलना है. उनका यह बयान एफडी और बाजार से जुड़े निवेशकों के बीच अंतर को बताता है. बैंक की एफडी में जमा की शर्तों के तहत एक तय अवधि के लिए पहले से तय रिटर्न दिया जाता है. इसके विपरीत, इक्विटी निवेश में तय रिटर्न नहीं मिलता, बल्कि इसके परिणाम कारोबार के प्रदर्शन, वैल्‍यूवेशन, आर्थिक स्थिति, निवेशक भावना और व्यापक बाजार उतार-चढ़ाव जैसे कारकों पर निर्भर करते हैं.

ठक्कर ने कहा कि इक्विटी निवेश से फिक्स्ड डिपॉजिट की तुलना में अधिक रिटर्न मिलने की सटीक वजह इसमें शामिल है. उनके अनुसार, निवेशकों को हाई लॉन्‍गटर्म प्रॉफिट पाने के लिए इस अस्थिरता को स्वीकार करना होगा. इसलिए, बाजार में कमजोरी, स्थिर उतार-चढ़ाव और सुधारों की अवधि यह संकेत नहीं है कि इक्विटी निवेश कारगर साबित नहीं हो रहा है. 

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यह अंतर तब और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब निवेशक हाल के इक्विटी रिटर्न की तुलना फिक्स्ड डिपॉजिट रेट्स से करते हैं. जहां एक फिक्स्ड डिपॉजिट निवेशक को निवेश के समय जमा पर लागू ब्याज दर का पता होता है, वहीं एक इक्विटी निवेशक को भविष्य में मिलने वाले रिटर्न का पहले से पता नहीं होता.

निराशाजनक प्रदर्शन 
ठक्‍कर का ये बयान पराग पारिख फ्लेक्‍सी कैप फंड के हालिया प्रदर्शन की जांच और बाजार के कुछ सेक्‍टर में हाई वैल्‍यूएशन के बीच इसके कैश आवंटन, एचडीएफसी बैंक में इसकी हिस्‍सेदारी और स्थिति को लेकर निवेशकों की चिंताओं के बीच आई हैं. 

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में फंड का प्रदर्शन न तो असामान्य है और न ही फंड की लॉन्‍गटर्म निवेश पॉलिसी में बदलाव का पर्याप्त कारण है. फंड का नकद आवंटन, जो 2024 में बाजार की तेजी के दौरान लगभग 25% के उच्चतम स्तर पर था, अब वैल्‍यूएशन में नरमी आने के कारण घटकर लगभग 14-15% रह गया है. ठक्कर को उम्मीद है कि जैसे-जैसे अधिक आकर्षक अवसर सामने आएंगे, इसमें और गिरावट आएगी.

एचडीएफसी बैंक के संबंध में, पीपीएफएएस ने चार निजी क्षेत्र के बैंकों के अपने पोर्टफोलियो में अपनी स्थिति बरकरार रखी है. ठक्कर का कहना है कि बैंक में हाल ही में सामने आए मुद्दे पहले के व्यापक धोखाधड़ी या प्रशासनिक विफलताओं से मेल नहीं खाते हैं. फंड आईटी सर्विस शेयरों में आई गिरावट को एक अवसर के रूप में देखता है और एआई मॉडल विकसित करने वाली कंपनियों की तुलना में अलग-अलग सेक्‍टर की कंपनियों को मौका दे रहा है. 

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(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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