मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं. जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 40.64 फीसदी बढ़कर ₹25,548 करोड़ हो गया. पिछले साल इसी अवधि में रिलायंस को ₹18,165 करोड़ का मुनाफा हुआ था.
कंपनी की कमाई में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस बीच रिलायंस की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) ने भी अपने तिमाही नतीजे जारी किए हैं. जियो का रेवेन्यू 11.3 फीसदी बढ़कर ₹47,485 करोड़ रहा. इसके अलावा रिलायंस ने ₹15,000 करोड़ तक जुटाने की तैयारी भी शुरू कर दी है.
रिलायंस की कमाई और मुनाफे में बढ़ोतरी
रिलायंस इंडस्ट्रीज का परिचालन से होने वाला रेवेन्यू (Revenue from Operations) दूसरी तिमाही में 28.57 फीसदी बढ़कर ₹3,32,861 करोड़ पहुंच गया. पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹2,58,898 करोड़ था. यानी कंपनी की कमाई में एक साल के भीतर ₹73,963 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है. परिचालन से प्राप्त राजस्व वह कुल आय है जो कोई कंपनी अपनी मुख्य, रोज़मर्रा की व्यावसायिक गतिविधियों से अर्जित करती है. कंपनी ने शुक्रवार को शेयर बाजार को अपने तिमाही नतीजों की जानकारी दी. मुनाफे और रेवेन्यू दोनों में बढ़ोतरी से कंपनी के कारोबार में मजबूती का संकेत मिलता है.
₹15,000 cr जुटाने की तैयारी में रिलायंस
तिमाही नतीजों के साथ रिलायंस ने फंड जुटाने की योजना का भी ऐलान किया है. कंपनी के बोर्ड ने ₹15,000 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसके लिए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी किए जाएंगे. आसान भाषा में समझें तो NCD एक तरह का कर्ज होता है. कंपनी इसे निवेशकों को जारी करके उनसे पैसा जुटाती है और तय शर्तों के मुताबिक ब्याज देती है. ये डिबेंचर शेयरों में नहीं बदले जा सकते. रिलायंस इन्हें प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए एक या अधिक चरणों में जारी करेगी. ये डिबेंचर सुरक्षित या असुरक्षित हो सकते हैं.
जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू ₹47,485 करोड़
रिलायंस की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स ने भी दूसरी तिमाही में अच्छी ग्रोथ दर्ज की है. कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 11.3 फीसदी बढ़कर ₹47,485 करोड़ रहा. पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इसमें अच्छी बढ़ोतरी हुई है. जियो का EBITDA भी 16.6 फीसदी बढ़कर ₹21,879 करोड़ पहुंच गया. EBITDA किसी कंपनी की कमाई को समझने का एक पैमाना है. इसमें ब्याज, टैक्स और कुछ अन्य खर्चों को घटाने से पहले की कमाई देखी जाती है. इससे कंपनी के मुख्य कारोबार की कमाई और कामकाज की स्थिति समझने में मदद मिलती है.
जियो के कनेक्टिविटी कारोबार यानी मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं से होने वाले रेवेन्यू में 11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. वहीं, डिजिटल सर्विसेज से कमाई 16 फीसदी बढ़ी. कंपनी के मुताबिक, कारोबार से होने वाली कमाई बढ़ने और खर्चों को बेहतर तरीके से संभालने से EBITDA में करीब 17 फीसदी की ग्रोथ हुई. इस दौरान कंपनी का मार्जिन भी सालाना आधार पर 2.5 फीसदी नहीं, बल्कि 250 बेसिस पॉइंट यानी 2.5 प्रतिशत अंक बेहतर हुआ.
जियो का फ्री कैश फ्लो 98% बढ़ा
जियो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान ₹32,130 करोड़ का फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) दर्ज किया. यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 98 फीसदी ज्यादा है. फ्री कैश फ्लो का मतलब है कि कारोबार से कमाई और जरूरी निवेश पर खर्च के बाद कंपनी के पास कितना पैसा बचा. यहां इसकी गणना EBITDA में से नकद कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) घटाकर की गई है.
जियो के 5G ग्राहकों की संख्या 30 करोड़ के पार
जियो ने दूसरी तिमाही में ग्राहक संख्या के मामले में भी दो बड़े आंकड़े पार किए. कंपनी का 5G मोबाइल ग्राहकों का आधार 30 करोड़ से ज्यादा हो गया है. वहीं, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड यानी घर और ऑफिस में इंटरनेट कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों की संख्या भी 3 करोड़ के पार पहुंच गई. कंपनी का कुल सब्सक्राइबर बेस 54.24 करोड़ रहा. पिछले 12 महीनों में जियो के साथ 3.6 करोड़ नए ग्राहक जुड़े हैं. इसके अलावा जियो का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) बढ़कर ₹218.8 हो गया. ARPU का मतलब है कि कंपनी हर ग्राहक से औसतन कितनी कमाई कर रही है. इस आंकड़े में बढ़ोतरी का मतलब है कि प्रति ग्राहक कंपनी की कमाई बेहतर हुई है.
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग को बताया ऐतिहासिक
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग को कंपनी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि जियो के आईपीओ को 22 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला और लिस्टिंग के दौरान शेयर में अच्छी बढ़त देखने को मिली. इससे निवेशकों का जियो के कारोबार और भविष्य की संभावनाओं पर भरोसा दिखाई देता है. अंबानी ने कहा कि जियो अब भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है.
उन्होंने इसे रिलायंस की वैल्यू बढ़ाने की यात्रा का एक अहम पड़ाव बताया. साथ ही कहा कि कंपनी के संस्थापक चेयरमैन धीरूभाई अंबानी ने 1977 में रिलायंस के आईपीओ के जरिए आम निवेशकों को शेयर बाजार से जोड़ने की जो शुरुआत की थी, उसे जियो की लिस्टिंग ने नई मजबूती दी है. जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,188 करोड़ का आईपीओ 28 अक्टूबर 2026 को पूरा हुआ था. यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है.
आजतक बिजनेस डेस्क