वित्त मंत्री और DM के बीच बहस, फ्री में मिल रहे चावल का पता चल गया रेट

केंद्र सरकार गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश के गरीबों को राशन उपलब्ध करा रही है. वित्त मंत्री सीतारमण कामारेड्डी जिले के बिरकुर गांव के दौरे पर थीं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मुफ्त चावल दे रही है और मैं यहां यह पता लगाने आई हूं कि क्या यह वास्तव में लोगों तक पहुंच रहा है?

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 2:30 PM IST

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) और तेलंगाना के एक जिलाधिकारी के बीच हुई बातचीत अब सुर्खियों में है. निर्मला सीतारमण ने तेलंगाना के कामारेड्डी जिले के कलेक्टर जितेश पाटिल (Jitesh V Patil) को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई है. दरअसल, वित्त मंत्री सीतारमण बीजेपी की लोकसभा प्रवास योजना के तहत जहीराबाद लोकसभा क्षेत्र के दौरे पर थीं. इस दौरान वो एक उचित मूल्य की दुकान (PDS) पर पहुंचीं. दुकान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की तस्वीर नहीं मिलने पर वो जिले के कलेक्टर पर बरस पड़ीं. 

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डीएम से पूछा राज्य का योगदान

वित्त मंत्री सीतारमण कामारेड्डी जिले के बिरकुर गांव के दौरे पर थीं. इस दौरान उन्होंने एक उचित मूल्य की दुकान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर नहीं दिखने पर जिला कलेक्टर जितेश वी पाटिल को फटकार लगाई. दुकान पर कलेक्टर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मुफ्त चावल दे रही है और मैं यहां यह पता लगाने आई हूं कि क्या यह वास्तव में लोगों तक पहुंच रहा है. क्या आप मुझे बता सकते हैं इसके लिए केंद्र कितना भुगतान कर रहा है और राज्य सरकार का इसमें कितना योगदान है. आप लोगों से कितना शुल्क ले रहे हैं?

वित्त मंत्री के सवाल का जिलाधिकारी ने जवाब देते हुए कहा कि मुफ्त राशन स्कीम में राज्य सरकार 34 रुपये का योगदान दे रहा है. इस पर सीतारमण ने कहा कि आप तेलंगाना कैडर से संबंधित भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी हैं. आप मुझे बता रहे हैं कि राज्य 34 रुपये दे रहा है? माफ कीजिए! आपको अपने जवाब के बारे में सोचना चाहिए.

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कितना पैसा देती है केंद्र सरकार?

इस दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि मुफ्त राशन के लिए केंद्र सरकार की तरफ से लगभग 30 रुपये दिया जाता है. वहीं, राज्य सरकार इसमें चार रुपये का योगदान देती है, जबकि एक रुपया लाभार्थियों से वसूला जाता है. मार्च-अप्रैल 2020 से राज्य सरकार और लाभार्थियों के किसी भी योगदान के बिना ही केंद्र सरकार 30 रुपये से 35 रुपये की कीमत देश के गरीबों को चावल उपलब्ध करा रही है.

वापस आने की कही बात

इसके बाद सीतारमण ने कलेक्टर से पूछा कि उचित मूल्य की दुकान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर क्यों नहीं है? उन्होंने कहा, 'हमारी पार्टी जब भी पीएम मोदी की फोटो या बैनर लगाती है, उसे फाड़ दिया जाता है या हटा दिया जाता है. क्या आप जिला कलेक्टर के रूप में सुनिश्चित कर सकते हैं कि भविष्य में ऐसा न हो? मैं इस जगह पर वापस आऊंगी और जांच करूंगी.' केंद्र सरकार गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश के गरीबों को राशन उपलब्ध करा रही है.
 

 

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