भारतीय रेलवे की कुल कमाई वित्त वर्ष 2025-26 में 3.2 फीसदी बढ़कर ₹2,73,444 करोड़ पहुंच गई. एक साल पहले यानी 2024-25 में रेलवे की कुल कमाई ₹2,65,004 करोड़ थी. इसी अवधि में माल ढुलाई से रेलवे की कमाई बढ़कर ₹1,73,450 करोड़ हो गई, जबकि माल ढुलाई लोडिंग 1,670 मिलियन टन (MT) तक पहुंच गई.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में ये आंकड़े शेयर किए. रेल मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़े फिलहाल अस्थायी हैं और अंतिम आंकड़ों में बदलाव संभव है. आंकड़ों में वित्त वर्ष 2020-21 और 2021-22 को कोविड प्रभावित साल के तौर पर दर्ज किया गया है.
लगातार चौथे साल बढ़ी रेलवे की कमाई
भारतीय रेलवे की कुल कमाई में पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वित्त वर्ष 2022-23 में यह ₹2,40,137 करोड़ थी, जो 2023-24 में बढ़कर ₹2,55,366 करोड़ हो गई. 2024-25 में रेलवे की कुल कमाई ₹2,65,004 करोड़ रही और 2025-26 में यह बढ़कर ₹2,73,444 करोड़ पहुंच गई. इस तरह पिछले चार वित्त वर्ष में रेलवे की कुल कमाई में लगातार वृद्धि देखने को मिली है.
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कमाई का सबसे बड़ा स्रोत माल ढुलाई
रेलवे की कुल कमाई में माल ढुलाई की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है. 2025-26 में माल ढुलाई से रेलवे को ₹1,73,450 करोड़ की कमाई हुई, जो कुल कमाई का करीब 63.4 फीसदी है. हालांकि, 2024-25 में यह हिस्सेदारी करीब 64.6 फीसदी थी. यानी हिस्सेदारी में मामूली कमी आई है, लेकिन माल ढुलाई रेलवे का सबसे बड़ा राजस्व स्रोत बनी हुई है. माल ढुलाई से कमाई वित्त वर्ष 2022-23 में ₹1,62,263 करोड़, वित्त वर्ष 2023-24 में ₹1,68,293 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में ₹1,71,163 करोड़ रही थी. वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर ₹1,73,450 करोड़ हो गई.
माल ढुलाई लोडिंग में भी बना रिकॉर्ड
रेलवे की माल ढुलाई लोडिंग में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है. वित्त वर्ष 2022-23 में लोडिंग 1,512 MT थी, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 1,591 MT और वित्त वर्ष 2024-25 में 1,617 MT हो गई. वित्त वर्ष 2025-26 में इसमें 3.3 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 1,670 MT तक पहुंच गई. वित्त वर्ष 2019-20 में रेलवे की माल ढुलाई लोडिंग 1,210 MT थी. इसके मुकाबले 2025-26 की लोडिंग करीब 38 फीसदी ज्यादा है. कोविड के बाद रेलवे ने माल ढुलाई में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की है. वित्त वर्ष 2020-21 में लोडिंग 1,233 MT और वित्त वर्ष 2021-22 में 1,418 MT रही थी.
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माल ढुलाई में हिस्सेदारी बढ़ाने पर फोकस
रेल मंत्रालय के मुताबिक, माल ढुलाई में लगातार बढ़ोतरी के चलते भारतीय रेलवे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी माल ढुलाई करने वाली रेलवे बन गई है. अब रेलवे का फोकस अपनी माल ढुलाई क्षमता और बाजार हिस्सेदारी को और बढ़ाने पर है. इसके लिए रेलवे नेटवर्क क्षमता बढ़ाने, मार्गों पर बाधाएं हटाने, ट्रेनों की औसत रफ्तार बढ़ाने, ट्रांजिट टाइम कम करने और माल ढुलाई की लागत घटाने जैसे कदमों पर काम कर रहा है. इसके साथ ही कमर्शियल पॉलिसी और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी आगे बढ़ाया जा रहा है.
रेलवे की कमाई और माल ढुलाई के आंकड़े बताते हैं कि माल परिवहन अब भी रेलवे के कारोबार का सबसे अहम हिस्सा है. खासकर माल भेजने वाले कारोबारियों के लिए ट्रांजिट समय और ढुलाई लागत में कमी महत्वपूर्ण होगी. अगर रेलवे नेटवर्क विस्तार, बाधाओं को दूर करने और ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की योजनाओं को तेजी से लागू करता है, तो आने वाले वर्षों में माल ढुलाई और अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकती है.
आजतक बिजनेस डेस्क