बांग्लादेश में दौड़ेगी 'मेड इन इंडिया' ट्रेन... भारत देगा LBH रेक, AC-स्लीपर समेत होंगे 19 कोच

भारत आज बांग्लादेश रेलवे के लिए 19 कोच वाली पहली LHB ब्रॉड गेज पैसेंजर रेक कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री से रवाना करेगा. बांग्लादेश ने 200 आधुनिक ब्रॉड गेज पैसेंजर कोच की सप्लाई के लिए भारतीय रेल से डील की है. उसी डील की पहली खेप में 19 मेड इन इंडिया रेल कोच बांग्लादेश को सौंपे जाएंगे.

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बांग्लादेश रेलवे के लिए रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में बने 19 कोच वाले पहले एलबीएच रेक डिलीवरी के लिए तैयार. (Photo: X/@RailMinIndia) बांग्लादेश रेलवे के लिए रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में बने 19 कोच वाले पहले एलबीएच रेक डिलीवरी के लिए तैयार. (Photo: X/@RailMinIndia)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:11 AM IST

भारत और बांग्लादेश के बीच रेलवे सेक्टर में सहयोग को लेकर 12 अगस्त का दिन अहम होने जा रहा है. बांग्लादेश रेलवे के लिए 19 कोच वाली पहली LHB (लिंक-हॉफमैन-बुश) ब्रॉड गेज पैसेंजर रेक बुधवार को रेल कोच फैक्ट्री (RCF), कपूरथला से रवाना होगी. यह रेक बांग्लादेश रेलवे के लिए 200 ब्रॉड गेज पैसेंजर कोच की उस सप्लाई का हिस्सा है, जिसका ऑर्डर 2024 में रेल इंडिया टेक्नोलॉजी एंड इकोनॉमिक सर्विस (RITES) को दिया गया था. रेल मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है.

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इस पूरे ऑर्डर के तहत 7 अलग-अलग वैरिएंट में 200 ब्रॉड गेज पैसेंजर कोच तैयार किए जा रहे हैं. अप्रैल 2026 में बांग्लादेश के रेल मंत्री शाइख रबिउल आलम ने संसद को बताया था कि बांग्लादेश भारत से 200 ब्रॉड गेज पैसेंजर कोच आयात करेगा. इन कोच को जून 2026 से दिसंबर 2027 के बीच बांग्लादेश रेलवे के बेड़े में शामिल किए जाने की योजना है. बांग्लादेश के लिए रवाना होने वाली पहली 19-कोच रेक में अलग-अलग श्रेणी के कोच शामिल होंगे. इसमें 3 AC स्लीपर कार, 3 AC चेयर कार, 11 नॉन-AC चेयर कार, 2 पावर कार शामिल हैं.

रेल मंत्रालय के मुताबिक, LHB कोच बेहतर सुरक्षा, कम मेंटेनेंस लागत और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी के लिए जाने जाते हैं. बांग्लादेश रेलवे की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन कोच में कई नए डिजाइन एलिमेंट और तकनीकी बदलाव किए गए हैं. इनमें से कुछ फीचर पहली बार LHB टाइप के कोच में शामिल किए गए हैं.

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यात्रियों के आराम को ध्यान में रखकर डिजाइन

इन कोच को बांग्लादेश रेलवे और वहां के यात्रियों की जरूरतों के मुताबिक डिजाइन किया गया है. इनमें स्टेनलेस स्टील आर्मरेस्ट और फुटरेस्ट के साथ रिक्लाइनिंग सीटें दी गई हैं. यात्री अपनी सुविधा के अनुसार सीट को अलग-अलग रिक्लाइनिंग पोजिशन में एडजस्ट कर सकेंगे.

रेल मंत्रालय के अनुसार, कोच में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई फीचर जोड़े गए हैं. AC कोच में पंखे, इंटीग्रेटेड CCTV सर्विलांस सिस्टम और पैसेंजर अलार्म सिस्टम दिए गए हैं. इसके अलावा आंशिक रूप से खुलने वाली खिड़कियां, बेबी केयर रूम और प्रेयर रूम भी उपलब्ध होंगे.

ट्रेन कोच के छत को भी बनाया गया है मजबूत

बांग्लादेश की खास ऑपरेटिंग परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोच के रूफ स्ट्रक्चर को भी मजबूत किया गया है. इसका उद्देश्य पीक ट्रैफिक के दौरान छत पर यात्रियों के चढ़ने से पड़ने वाले अतिरिक्त भार को झेलना है.

क्रैशवर्दी डिजाइन, 415V इलेक्ट्रिकल सिस्टम

रेलवे के मुताबिक, इन कोच का डिजाइन क्रैशवर्दी है और इन्हें यूरोपियन सेफ्टी स्टैंडर्ड EN 15227 के अनुरूप तैयार किया गया है. टक्कर की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कार बॉडी शेल को भी दोबारा डिजाइन किया गया है. इन कोच का इलेक्ट्रिकल सिस्टम भी बांग्लादेश रेलवे की जरूरत के हिसाब से तैयार किया गया है. यह 415 वोल्ट पर संचालित होगा, जबकि भारतीय रेलवे के कोच में आमतौर पर 750 वोल्ट का सिस्टम इस्तेमाल किया जाता है.

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RITES Limited पहले भी बांग्लादेश रेलवे को 120 ब्रॉड गेज LHB पैसेंजर कोच, 36 ब्रॉड गेज लोकोमोटिव और 10 मीटर गेज के 10 लोकोमोटिव की सप्लाई कर चुकी है. कंपनी ने बांग्लादेश रेलवे के साथ कई अन्य रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया है. मई 2026 में RITES के CMD राहुल मित्थल ने कहा था कि पहली रेक की डिलीवरी के बाद मौजूदा वित्त वर्ष में कम से कम 3 से 4 और रेक भेजने की उम्मीद है. उन्होंने कहा था कि पहली रेक की डिलीवरी के बाद उत्पादन की रफ्तार बढ़ाई जाएगी.

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