विदेशी निवेश बैंक और ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि अडानी ग्रुप का एक शेयर तगड़ी तेजी दिखा सकता है. क्योंकि जेफरीज को उम्मीद है कि कंपनी वित्त वर्ष 2027 के अंत तक 5 गीगावाट क्षमता जोड़ सकती है. साथ ही बिजली कटौती के रिस्क को कम करने के लिए ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अपनी क्षमता बढ़ोतरी की डेडलाइन तय कर रही है.
यह कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी है, जो बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BER) की क्षमता को वर्तमान 3.6 गीगावाट से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2027 के अंत तक 10 गीगावाट से अधिक करने की दिशा में काम कर रही है. फ्यूचर में इसकी आय काफी ज्यादा सुधर सकती है.
यह कंपनी 2030 तक अपनी नियोजित 50 गीगावाट क्षमता के टारगेट के साथ, अपने पोर्टफोलियो को तेजी से बढ़ा रही है. वर्तमान में खावड़ा एजीईएल की परिचालन क्षमता का 47% हिस्सा है, और 2030 की योजना के तहत इसका हिस्सा बढ़कर 60% होने की संभावना है.
50 गीगावाट का टारगेट
वित्त वर्ष 2026 में, अडानी ग्रीन ने 3.4 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता, 0.7 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता और 1 गीगावाट हाइब्रिड क्षमता जोड़ी है. इसके 50 गीगावाट के लक्ष्य में 5 गीगावाट पंप स्टोरेज परियोजना क्षमता शामिल है. पंप स्टोरेज परियोजना का विकास उत्तर प्रदेश, असम, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में फैला हुआ है. कंपनी के पास परियोजनाओं की एक मजबूत पाइपलाइन और भूमि भंडार भी है, जिससे 2030 तक 50 गीगावाट के लक्ष्य को पूरा करने की संभावना है.
कहां तक जाएगा ये शेयर?
इस शेयर की कीमत छह महीनों में 14% और एक महीने में 5% गिर गई है. वहीं, अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर की कीमत छह महीनों में 46% और एक साल में 30% बढ़ी है. जेफरीज ने कहा है कि यह शेयर 1,695 रुपये का टारगेट तय कर सकता है, जो 2028 के EBITDA पर निर्भर है.
बेस केस के तहत, शेयर का लक्ष्य 1,695 रुपये है, जो 34% की वृद्धि दर्शाता है. अनुमान है कि वित्त वर्ष 2029 के अंत तक स्थापित क्षमता 37.3 गीगावाट तक पहुंच जाएगी, साथ ही 20 गीगावाट की बीएसईएस क्षमता और वित्त वर्ष 2026-30 के दौरान ईबीआईटीडीए की सीएजीआर 30% रहेगी. अपसाइड सिनेरियो में, टारगेट 2,140 रुपये है, जो 69% की तेजी का संकेत है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क