बिहार के समस्तीपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां शादीशुदा महिला से मिलने उसके पुराने प्रेमी के पहुंचने पर ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया. इसके बाद बुलाई गई पंचायत में दोनों की शादी करा दी गई. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हालांकि, इस फैसले ने कई कानूनी और सामाजिक सवाल भी खड़े कर दिए हैं.
शादी होने के बाद भी एक दूसरे से मिल रहे थे दोनों
जानकारी के मुताबिक खगड़िया जिले की रहने वाली अनुराधा कुमारी की करीब 10 साल पहले ताजपुर थाना क्षेत्र के चकपहाड़ निवासी पन्ना लाल यादव से मुलाकात हुई थी. पन्ना लाल उस समय एक विद्यालय में शिक्षक था, जहां अनुराधा पढ़ाई करती थी. इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए. बाद में परिवार वालों ने पन्ना लाल की शादी कहीं और कर दी, लेकिन दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी रहा.
इधर, अनुराधा ने समस्तीपुर के सिंघिया खुर्द स्थित एक नर्सिंग कॉलेज में दाखिला लिया, जहां उसकी मुलाकात कॉलेज कर्मी मनोहर कुमार से हुई. दोनों के बीच प्रेम हुआ और करीब छह महीने पहले उन्होंने शादी कर ली. शादी के बाद अनुराधा अपने ससुराल में रह रही थी. बताया जा रहा है कि कुछ समय बाद पन्ना लाल को अनुराधा के समस्तीपुर में रहने की जानकारी मिली. इसके बाद दोनों फिर मिलने-जुलने लगे. इसकी भनक अनुराधा के पति और उसके परिजनों को लग गई.
पन्नालाल के पहली पत्नी से हैं दो बच्चे
आरोप है कि जब पन्ना लाल देर रात अनुराधा से मिलने उसके ससुराल पहुंचा, तभी ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ लिया. अगली सुबह गांव में पंचायत बुलाई गई. लोगों को उम्मीद थी कि पंचायत दोनों को अलग रहने की सलाह देगी या कोई अन्य फैसला सुनाएगी, लेकिन पंचायत ने दोनों की शादी कराने का निर्णय लिया. बताया जा रहा है कि अनुराधा के पति ने भी इस पर सहमति जताई. इसके बाद पंचायत के सामने पन्ना लाल से अनुराधा की मांग में सिंदूर भरवाया गया और मंगलसूत्र पहनाया गया.
इस दौरान एक वीडियो भी बनाया गया, जिसमें दोनों अपनी सहमति जताते दिखाई दे रहे हैं. यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि पन्ना लाल पहले से शादीशुदा है और उसकी पहली पत्नी व दो बच्चे हैं. ऐसे में पंचायत द्वारा दूसरी शादी कराना कानूनी रूप से कितना वैध है, इसे लेकर बहस शुरू हो गई है. पहली पत्नी के अधिकारों और पंचायत के फैसले की वैधता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल इस मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
जहांगीर आलम