पटना में नदी के बीच एक नाव पर कुछ लोग बैठे थे. पुलिस के मुताबिक, ये लोग नाव का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए कर रहे थे. पुलिस को इसकी भनक लगी तो टीम ने नाव को रोकने की कोशिश की. इसके बाद नाव पर बैठे लोगों और पुलिस के बीच जो हुआ, वो मुठभेड़ में बदल गया. दोनों तरफ से गोलियां चलने लगीं. पुलिस के मुताबिक, बदमाशों की तरफ से करीब 40 राउंड फायर किए गए. जवाब में पुलिस ने करीब 22 राउंड गोलियां चलाईं. यानी कुछ ही देर में करीब 62 राउंड फायरिंग हुई.
मामला दानापुर के बिहटा थाना क्षेत्र का है. पटना के SSP कार्तिकेय कुमार शर्मा के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी नाव पर सवार होकर अवैध गतिविधियों में शामिल हैं. पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इसी दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और फायरिंग शुरू हो गई.
इस मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी गोली लगने से घायल हो गया. उसकी पहचान अनीश कुमार के रूप में हुई है. उसे इलाज के लिए पटना के PMCH में भर्ती कराया गया है. पुलिस की ओर से भी एक-दो जवानों के घायल होने की जानकारी सामने आई है.
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से कई हथियार बरामद किए. पुलिस के मुताबिक, बरामदगी में एक देसी राइफल, एक देसी कार्बाइन, दो देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा और करीब 25 राउंड गोलियां शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, नाव पर सिर्फ संदिग्ध गतिविधियां नहीं चल रही थीं, बल्कि वहां हथियारों का भी बड़ा जखीरा मौजूद था.
पुलिस ने मौके से पकड़े गए दूसरे आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये लोग किस आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हैं और नाव पर किस मकसद से इकट्ठा हुए थे.
SSP के मुताबिक, आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है. पिछले साल भी इनसे AK-47 बरामद होने की बात सामने आई थी. इस बार हुई मुठभेड़ के बाद बरामद हथियारों ने पुलिस की जांच को और गंभीर बना दिया है. पुलिस अब आरोपियों के पुराने मामलों और हथियारों के स्रोत की भी पड़ताल कर रही है.
फिलहाल घायल आरोपी अनीश कुमार का PMCH में इलाज चल रहा है, जबकि बाकी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. नाव पर शुरू हुई पुलिस की कार्रवाई गोलियों की बौछार तक पहुंच गई. करीब 62 राउंड फायरिंग के बाद एक आरोपी घायल हुआ, पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए और मौके से हथियार बरामद हुए. अब पुलिस की जांच इस सवाल पर टिकी है कि नाव पर आखिर कौन-सी अवैध गतिविधि चल रही थी और इन हथियारों के पीछे पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है.
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