बिहार में उद्योग और रोजगार के मौके किस तरह बढ़े हैं, इस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विस्तार से जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि राज्य में 8 से 10 बिस्कुट फैक्ट्रियां खुल चुकी हैं और मखाना अब एक बड़ी इंडस्ट्री के रूप में विकसित हो रहा है. इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ की समस्या, नेपाल से जुड़े जल प्रबंधन और रोजगार के नए वादों पर भी अपनी बात रखी.
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पटना बिहार शरीफ और बख्तियारपुर के रास्ते में कई नए वेयरहाउस और लॉजिस्टिक सेंटर बन रहे हैं, जिससे पटना अब लॉजिस्टिक्स का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. उन्होंने बताया कि ब्रिक्स सम्मेलन में मखाना गिफ्ट के तौर पर दिया गया था, जिसके बाद इसकी मांग बढ़ी और अब गया में मखाने का पूरा इंडस्ट्रियल नोड खोला जा रहा है. उनके मुताबिक बिहार में स्टार्टअप कल्चर भी तेजी से बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में युवा यूट्यूब और मीडिया क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं.
रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सभी को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है, लेकिन अब तक 10 लाख लोगों को केंद्र सरकार की नौकरियां मिल चुकी हैं, जिनमें पोस्टल, रेवेन्यू और रेलवे विभाग शामिल हैं. उन्होंने बताया कि इनकम टैक्स विभाग की ओर से भी पटना में नई नौकरियों का कार्यक्रम होने वाला है.
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बाढ़ की समस्या पर उन्होंने माना कि यह हर साल की चुनौती है, लेकिन इसका बड़ा कारण बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की भौगोलिक स्थिति है, क्योंकि नेपाल से आने वाला पानी कोशी बैराज के जरिए बिहार में पहुंचता है. उन्होंने बताया कि नेपाल में बांध बनाने को लेकर सर्वे शुरू हो गया है, हालांकि वहां राजनीतिक विरोध भी रहा है. इस बार की बाढ़ में नेपाल की घटना से दबाव और बढ़ गया था, फिर भी नाव, बिजली और भोजन की व्यवस्था की गई. उन्होंने यह भी कहा कि पुरानी जमींदारी बांध जैसी लीक हो रही संरचनाओं को ठीक कराने का काम जारी है.
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