बैट खरीदने के पैसे नहीं थे, इसलिए तेज गेंदबाज बन गए आकाश दीप! सुनिए अनसुनी कहानी

Panchayat Aajtak Bihar 2026: टीम इंडिया के तेज गेंदबाज आकाश दीप ने खेलोगे कूदोगे बनोगे नवाब सत्र में अपनी संघर्ष भरी कहानी साझा की. बिहार के सासाराम से आने वाले आकाश ने बताया कि बचपन में बैटिंग किट के पैसे न होने के कारण वे बॉलर बने. कम उम्र में पिता और बड़े भाई को खोने के बाद वे दिल्ली गए और पहली बार लेदर बॉल क्रिकेट देखा. कोलकाता जाकर मेहनत की और जल्दी ही प्रोफेशनल क्रिकेट में जगह बनाई.

Advertisement
आकाश दीप ने बिहार सरकार की खेल नीतियों की तारीफ (Photo: ITG) आकाश दीप ने बिहार सरकार की खेल नीतियों की तारीफ (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:17 PM IST

बिहार के सासाराम से आने वाले टीम इंडिया के तेज गेंदबाज आकाश दीप ने पटना में आयोजित पंचायत आजतक के मंच से "खेलोगे कूदोगे बनोगे नवाब" सत्र में अपनी अनसुनी कहानी सुनाई. आकाश दीप ने बताया कि बचपन में गांव में बैटिंग किट खरीदने के पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने बैटिंग छोड़कर बॉलिंग शुरू कर दी. साथ ही उन्होंने अपने पिता और बड़े भाई को कुछ ही महीनों के अंदर खोने का दर्द भी साझा किया, जिसने उन्हें घर से बाहर निकलने के लिए मजबूर कर दिया.

Advertisement

आकाश दीप ने बताया कि उनके गांव में क्रिकेट खेलना किसी अपराध जैसा माना जाता था, क्योंकि उस दौर में बिहार से कोई भी खिलाड़ी खेल के जरिए अपना भविष्य सुरक्षित नहीं कर पाया था. उनके पिता खुद टीचर थे और मिडल क्लास परिवार होने के कारण सभी माता-पिता चाहते थे कि बच्चों का भविष्य पढ़ाई से सुरक्षित हो. गांव में क्रिकेट के लिए मैदान भी नहीं था. जब वे 20-21 साल के थे, तभी उनके पिता और बड़े भाई का निधन हो गया.

इसी दौर ने उन्हें मजबूत बनाया और दिल्ली जाने का हौसला दिया, जहां उनकी बहन और फौजी जीजा रहते थे. वहां उन्होंने पहली बार लेदर बॉल क्रिकेट देखा, क्योंकि गांव में वे सिर्फ सॉफ्टबॉल क्रिकेट खेलते थे. बैटिंग किट महंगी होने की वजह से उन्होंने बॉलिंग को अपनाया, क्योंकि बॉलर को खुद कोई सामान नहीं खरीदना पड़ता था.

Advertisement

यह भी पढ़ें: बिहार के सासाराम के गांव से Team India तक... आजतक के मंच से आकाश दीप ने बताया कैसा रहा उनका सफर

इसके बाद वे कोलकाता गए, कड़ी मेहनत की और अगले ही साल क्लब क्रिकेट से प्रोफेशनल क्रिकेट में जगह बना ली. साल 2023 में उनका चयन हुआ. टेस्ट टीम में चुने जाने की खबर उन्हें राहुल द्रविड़ के मैसेज से मिली, जिसे नंबर सेव न होने की वजह से वे पहले पहचान नहीं पाए. उनका डेब्यू मैच रांची में हुआ, जहां उनकी मां और परिवार भी मौजूद रहे. उन्होंने सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श बताया और बिहार सरकार की खेल नीतियों की तारीफ की, जिसमें खेल का बजट तीस करोड़ से बढ़कर पांच सौ साठ करोड़ हो गया है. वे खुद एक क्रिकेट अकादमी भी चलाते हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »